दिल्ली पुलिस को मिली JNU के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद की 10 दिनों की कस्टडी

New Delhi: दिल्ली दं’गा मामले में पुलिस ने UAPA के तहत गिर’फ्तार JNU के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद (Umar Khalid) की कोर्ट से 10 दिनों की हिरासत मांगी थी। कोर्ट ने पुलिस की अपील पर 10 दिन की कस्टडी दे दी है।

खालिद (Umar Khalid) अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए थे। इस साल फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दं’गे में कथित भूमिका के आ’रोप में पुलिस ने रविवार देर रात JNU के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को गिर’फ्तार किया। यह गिर’फ्तारी UAPA के तहत की गई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खालिद को 11 घंटे लंबी पूछताछ के बाद गिर’फ्तार किया।

2 सितंबर को क्रा’इम ब्रांच ने भी की थी कुछ घंटे पूछताछ

दिल्ली दं’गे के सिलसिले में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की अप’राध शाखा ने दो सितंबर को कुछ घंटे तक उमर (Umar Khalid) से पूछताछ की थी। इससे पहले पुलिस ने दं’गे से जुड़े एक अन्य मामले में उमर के खिलाफ UAPA के तहत मामला दर्ज किया था। दिल्ली पुलिस की क्रा’इम ब्रांच ने भी दं’गे के पीछे कथित सा’जिश के मामले में उमर से पूछताछ की थी। पुलिस ने उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया था।

इस मामले में भी गिर’फ्तार हो चुके हैं खालिद

उमर खालिद सबसे पहले 2016 में JNU में हुई कथित देशविरो;धी नारेबाजी के मामले में सुर्खियों में आए थे। उस मामले में भी उन्हें गिर’फ्तार किया गया था। वह JNU के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के साथ देशद्रो’ह मामले के मुख्य आरो’पियों में भी शामिल हैं।

दिल्ली दं’गे में 53 लोगों की हुई थी मौ’त

बता दें कि कि संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के विरो’धियों और समर्थकों के बीच हिं’सा के बाद 24 फरवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक दं’गे भड़क गए थे जिसमें कम से कम 53 लोगों की मौ’त हुई थी जबकि 200 के करीब घा’यल हुए थे।

दं’गों में शामिल सभी लोगों की भूमिका की चल रही जांच: दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस ने रविवार को कहा कि वह फरवरी में उत्तरी-पूर्वी दिल्ली में हुए दं’गों में शामिल उन सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है जो हिं’सा फैलाने की साजिश के पीछे थे और समुदायों के बीच सांप्र’दायिक उन्मा’द भरने की कोशिश कर रहे थे। एक अधिकारिक बयान में दिल्ली पुलिस ने कहा कि विभिन्न हित समूह सोशल मीडिया मंच और अन्य ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग कर दं’गे के मामलों की जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।

ऐक्टिविस्टों को फ’र्जी केसों में फं’साने के आ’रोप गलत: दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा कि इस तरह के आ’रोप लगाए जा रहे हैं कि सीएए का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों के अलावा सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों और छात्रों को ‘फ’र्जी मामलों’ में फं’साया जा रहा है।

पुलिस ने अपने बयान में कहा, ‘जांच के बारे में वि’वा’द और संदेह पैदा करने के लिए कुछ लोग अदालतों में दायर चार्जशीट की कुछ लाइनों को लेकर उसे संदर्भ से इतर उपयोग कर रहे हैं। उनका दावा सही नहीं है और इसके बजाय वे प्रेरित हैं।’ बयान में कहा गया कि दिल्ली पुलिस ऐसे वक्त में जब मामला कोर्ट में विचाराधीन हो उस पर जवाब देना आवश्यक व उचित नहीं मानती है।