27.1 C
New Delhi
Wednesday, September 28, 2022

द्रौपदी मुर्मू के समर्थन पर उद्धव का झुकना लगभग तय, भाजपा से गठबंधन का दबाव बना रहे सांसद

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के लिए सरकार गंवाने के बाद अब पार्टी की बगावत संभालना भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कल पार्टी के सांसदों की बैठक अपने आवास ‘मातोश्री’ पर बुलाई थी। इस बैठक में कुल 22 सांसदों में से 15 ही पहुंचे और उनमें से भी ज्यादातर ने दबाव बनाया था कि वह शिवसेना की ओर से एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के समर्थन का ऐलान करें। तब संजय राउत ने यशवंत सिन्हा की वकाल की थी, लेकिन अकेले पड़ गए। इस पर उद्धव ठाकरे ने कहा था कि वह विचार करेंगे और आज सुबह खुद संजय राउत ने ही मुर्मू के समर्थन का ऐलान कर दिया।

 

यही नहीं सांसदों का यह भी दबाव है कि वह भाजपा के साथ गठबंधन सरकार पर राजी हो जाएं। कहा जा रहा है कि इससे एक तरफ पार्टी टूटने से बच जाएगी और दूसरी तरफ सरकार में भी शिवसैनिकों को हिस्सेदारी मिल सकेगी। सोमवार को उद्धव ठाकरे की बुलाई मीटिंग में शामिल रहे सांसद हेमंत गोडसे ने यह जानकारी दी है।

उन्होंने कहा कि मीटिंग के दौरान सांसदों ने पार्टी प्रमुख को यह सुझाव दिया था। उन्होंने कहा, ‘केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो विकास कार्यों को गति मिलेगी। इसलिए, हम, सांसदों ने पार्टी प्रमुख से एक स्वाभाविक गठबंधन बनाने की मांग की।’

 

सांसद बोले- भाजपा से गठबंधन फायदे का सौदा

उन्होंने कहा, ‘हमने उद्धव ठाकरे से कहा कि महा विकास अघाड़ी और भाजपा के साथ गठबंधन में बड़ा अंतर है। हमने उद्धव ठाकरे से कहा कि बीजेपी हमारी स्वाभाविक सहयोगी है। हमने पार्टी नेताओं को यह भी याद दिलाया कि केंद्र और राज्य एक साथ नहीं होने के कारण परियोजनाएं रुकी हुई थीं।’

बता दें कि संजय राउत ने खुद ही आज सुबह मीडिया से बात करते हुए द्रौपदी मुर्मू को शिवसेना की ओर से समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह पहली महिला आदिवासी कैंडिडेट हैं और जनभावना को देखते हुए हमने यह फैसला लिया है। इसके साथ ही राउत ने कहा था कि इसका मतलब यह नहीं है कि हम भाजपा के भी साथ हैं।

 

इस बीच उद्धव ठाकरे की ओर से अपने समर्थक 15 विधायकों के पत्र पर विधायक राहुल पाटिल ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे के पत्र से उन्हें 100 हाथियों की ताकत मिली है। पाटिल ने कहा कि शिवसेना हमारा परिवार है, जिसे कुछ लोगों ने तबाह करने की कोशिश की थी। राहुल पाटिल ने उद्धव की तारीफ में कहा, ‘आपने गर्व के साथ मुख्यमंत्री का पद छोड़ा। शिवसेना स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के शानदार विचारों की ढाल है। शिवसेना की वफादारी ही हमारा सब कुछ है। इस लड़ाई में हमें अपना ख्याल रखना चाहिए। विधायक राहुल पाटिल ने कहा कि परभणी जिले के शिवसेना कार्यकर्ता उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।’

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

10,370FansLike
10,000FollowersFollow
1,125FollowersFollow

Latest Articles