शरद पवार का PM मोदी पर तंज, बोले- मंदिर पर नहीं.. नुकसान पर दें ध्यान

New Delhi: उत्तर प्रदेश के अयोध्‍या में राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) भूमिपूजन को लेकर की जा रही तैयारियों पर एनसीपी चीफ शरद पवार (Sharad Pawar) ने केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार पर निशाना साधा है।

उन्‍होंने (Sharad Pawar) कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) बनाने से कोरोना खत्म होगा। किस बात को महत्व देना चाहिए ये तय करना होगा। हमें लगता है कि पहले कोरोना खत्म होना चाहिए। लॉकडाउन की वजह से आर्थिक नुकसान हो रहा है, केंद्र सरकार को उस पर ध्यान देना चाहिए।

मुंबई में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में शरद पवार ने कहा, ‘हमें ऐसा लगता है कि कोरोना में जो लोग फंसे हैं, उन्हें कैसे बाहर निकाले, हम उसे जरूरी समझते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि मंदिर बनकर शायद करोना चला जाएगा। शायद उसी लिए उन्होंने ऐसा कार्यक्रम किया होगा, मैं नहीं जानता।’

पवार ने कहा, ‘हमें कोरोना का संकट बड़ा लगता है और उसकी वजह से लॉक डाउन हुए हैं, जिसमें छोटे-बड़े उद्योगों पर आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। हमें चिंता है और राज्य और केंद्र सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए ऐसा मुझे लगता है। इस हफ्ते हमारे साथी सांसद दिल्ली जाकर सरकार के सामने अपनी बात रखेंगे।’

5 अगस्‍त को मोदी जा सकते हैं अयोध्‍या

गौरतलब है कि एक दिन पहले शनिवार को अयोध्‍या में राम मंदिर ट्रस्‍ट की बैठक आयोजित हुई थी। इसमें बताया गया कि राम मंदिर भूमि पूजन के लिए 3 या 5 अगस्‍त को पीएम नरेंद्र मोदी अयोध्‍या जा सकते हैं। सूत्र बता रहे हैं कि 5 अगस्‍त को पीएम मोदी अयोध्‍या भूमि पूजन करने आ सकते हैं। इससे
संत समाज में उत्‍साह का माहौल है।

मंदिर लोगों की श्रद्धा, इस पर राजनीति ना करें: बीजेपी

दूसरी ओर, वरिष्‍ठ बीजेपी नेता सुधीर मुंगटीवार ने शरद पवार के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि सभी को पता है मंदिर बनाने से कोरोना नहीं जाएगा। इस पर राजनीति नहीं करें। यह श्रद्धा है लोगों की। साथ ही, मुंगटीवार ने पूछा, ‘आप की महाराष्‍ट्र सरकार ने कोरोना के लिए क्या किया।’

रामराज्य की अवधारणा पर कोरोना की जंग: शिवसेना

मुंबई दक्षिण से शिवसेना के सांसद अरविंद सावंत ने पीटीआई को बताया कि भगवान राम उनकी पार्टी के लिए आस्था और विश्वास का विषय हैं। राम मंदिर मुद्दे पर अंदरुनी राजनीति को प्रभावित नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “शिवसेना राम मंदिर आंदोलन का एक प्रमुख हिस्सा है। (शिवसेना अध्यक्ष) उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री बनने से पहले और कार्यभार संभालने के बाद भी अयोध्या का दौरा किया था।

उन्होंने कहा कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस महा विकास आघाड़ी सरकार में भागीदार हैं। सावंत ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना शिवसेना के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की प्राथमिकताएं हैं, जो ‘रामराज्य’ (न्याय और सत्य का शासन) की अवधारणा है। हम महाराष्ट्र में कोरोनो वायरस के खिलाफ हमारी (राज्य सरकार की) लड़ाई में ठीक यही कर रहे हैं।

भूमि पूजन के लिए दो तारीख तय की गई थीं

शनिवार को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बाद दो तारीखें तय की गई थीं। सर्किट हाउस में हुई बैठक में चंपत राय के अलावा अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, कामेश्वर चौपाल, नृत्यगोपाल दास, गोविंद देव गिरी महाराज और दिनेंद्र दास समेत दूसरे ट्रस्टी मौजूद रहे।

कई बार साधु-संतों ने की थी मांग

बता दें कि राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में फैसला सुनाया था लेकिन बीजेपी के साथ यह मसला लंबे वक्त से जुड़ा रहा। इसलिए अयोध्या के साधु-संतों ने कई बार मांग की कि पीएम मोदी को एक बार अयोध्या जरूर आना चाहिए। पिछले साल यह मौका आया भी जब 1 मई को अयोध्या के मया बाजार में आयोजित चुनावी रैली में पीएम मोदी शामिल रहे। मोदी का रैली स्थल रामजन्मभूमि से 24 किमी की दूरी पर ही था।

कुछ ऐसा होगा राम मंदिर

यूपी के अयोध्‍या में शनिवार को हुई बैठक के बाद ट्रस्‍ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राम मंदिर 161 फीट ऊंचा होगा। इसमें अब तीन की बजाय पांच गुंबद बनाए जाएंगे। चंपत राय ने बताया कि सोमपुरा मार्बल ब्रिक्स ही मंदिर का निर्माण करेगा। सोमनाथ मंदिर को भी इन लोगों ने बनाया है, मंदिर बनाने में पैसे की कमी नहीं होगी, मंदिर के लिये 10 करोड़ परिवार दान देंगे।

उन्‍होंने आगे बताया कि कंपनी लार्सन ऐंड टुब्रो मिट्टी परीक्षण के लिए नमूने जुटा रही है। मंदिर की नींव का निर्माण मिट्टी की क्षमता के आधार पर 60 मीटर नीचे किया जाएगा। नींव रखने का काम नक्‍शे के आधार पर शुरू होगा।

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