Shaheen Bagh Protest: चार्जशीट का दावा- शरजील इमाम मास्टमाइंड, भाड़े पर लाए गए थे प्रदर्शनकारियों

New Delhi: दिल्ली पुलिस ने शाहीन बाग (Shaheen Bagh Protest) में लंबे समय तक चले विरो;ध प्रदर्शन का मास्टरमाइंड शरजील इमाम (Sharjeel Imam) को बताया है।

पुलिस ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में रहने वाले लोग पहले विरो;ध प्रदर्शन के खिलाफ थे। उसके बाद शरजील इमाम (Sharjeel Imam) ने उन पर गं’भी’र परिणाम भुगतने की ध’म’की थी। शरजील इमाम उन 15 लोगों में शामिल है जो दं;गे में आरोपित किए गए हैं।

शरजील इमाम के खिलाफ सुबूत

चार्जशीट में कहा गया, ‘सड़क जाम करने से पहले इमाम (Sharjeel Imam) ने शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में सीएए / एनआरसी के खिलाफ उत्तेजक और भ्रामक पर्चे वितरित किए, जो मुस्लिम बहुल क्षेत्र है। उन्होंने स्थानीय निवासियों की भावनाओं को भ’ड़का’या, जिसके परिणामस्वरूप विरो’ध के स्वर तेज हुए।

अपने दावों की पुष्टि करने के लिए पुलिस ने गवाहों के बयान फेसबुक पोस्ट, व्हाट्सएप चैट और मोबाइल फोन से तमाम ऐसी बातें बरामद की है। आरो’प पत्र में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों ने शुरू में सड़क को अवरुद्ध किया था जो स्थानीय नहीं थे। इसमें कहा गया है कि स्थानीय निवासी इस नाकाबंदी के खिलाफ थे।

जेसीसी बड़ी साजिश का हिस्सा

पुलिस ने दावा किया कि जामिया समन्वय समिति (JCC) बनाने का उद्देश्य भी एक बड़ी सा’जिश का हिस्सा था। चार्जशीट के अनुसार यह मुस्लिम बहुसंख्यक इलाकों में 24×7 सिट-इन विरोध स्थलों पर छात्रों, महिलाओं और बच्चों को जुटाने के लिए बनाया गया था कि ताकि पूरी सड़क को जाम किया जा सके।

महिलाओं और बच्चों का इस्तेमाल

आरो;पपत्र में आरो;प लगाया गया है कि JCC ने एक विशेष समुदाय के अधिक से अधिक महिलाओं और बच्चों को प्रदर्शनस्थल पर जाने के लिए कहा ताकि पुलिस से प्रभावी कार्रवाई करने से रोकने के लिए जुटाया। इसने आगे दावा किया कि जेसीसी ने 24×7 सिट-इन विरोध स्थलों पर लोगों को जुटाने और इंजीनियरिंग हिं;सा और दं;गों के लिए सिम कार्ड का इस्तेमाल किया।

हर रोज बांटा गया पैसा

आरो;प पत्र में दावा किया गया है कि जेसीसी सदस्यों ने महिला प्रदर्शनकारियों के बीच रोज के हिसाब पैसा वितरित किया गया ताकि 24 घंटे इन विरोध स्थलों पर पर्याप्त संख्या में लोग इकट्ठे रहें।

जेसीसी मीडिया टीम की स्थापना सफूरा ज़र्गर ने की थी, जिन्होंने विरो;ध प्रदर्शन से संबंधित संदेशों, ऑडियो और वीडियो की को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। जेसीसी कार्यालय में शाम को नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जाती थीं और प्रमुख सदस्यों ने विरोध स्थलों की खातिर आम साजिश के लिए आगे की रणनीति और योजनाओं को बनाने में भाग लिया जाता था।

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