सुप्रीम कोर्ट ने दिया चिन्मयानंद को झटका, पी’ड़िता के बयान की कॉपी देने से किया इनकार

New Delhi: कॉलेज की छात्रा के साथ रे’प के मामले में आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद (Chinmayananad) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पी’ड़िता के बयानों की कॉपी देने से इनकार कर दिया है।

चिन्मयांद (Chinmayananad) ने रे’प पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयानों की कॉपी मांगी थी। इस मामले में उन्होंने हाई कोर्ट में आवेदन किया था, हाई कोर्ट ने चिन्मयानंद के पक्ष में फैसला दिया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हाई कोर्ट का फैसला रद्द कर दिया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री (Chinmayananad) के खिलाफ उनके द्वारा संचालित कॉलेज में पढ़ने वाली लॉ की छात्रा ने रे’प का आरो’प लगाया था। इस मामले में चिन्मयानंद ने पीड़िता के 164 के दिए गए बयान की कॉपी मांगी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 7 नवंबर, 2019 को चिन्मयानंद को बयान की कॉपी देने का आदेश कर दिया था।

17 नवंबर को हाई कोर्ट के फैसले पर लगी थी रोक

हाई कोर्ट (High Court) के फैसले के खिलाफ पीड़िता पक्ष की तरफ से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में केस दायर किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 17 नवंबर 2019 को हाई कोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी और इस मामले में सुनवाई चल रही थी। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने बयान की प्रमाणित कॉपी देने से इनकार कर दिया और हाई कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए हाई कोर्ट का फैसला किया रद्द

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने फैसले में कहा कि हाईकोर्ट का आदेश कानून के विपरीत था। आरो’पी को पीड़िता के मैजिस्ट्रेट को दिए गए बयान की कॉ’पी नहीं दी जा सकती है। इसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह माना की धारा 164 सीआरपीसी के तहत दिए गए पीड़िता के बयानों की कॉपी आरो’पी को तभी मिल सकती है, जब केस में चार्जशीट दायर की जा चुकी हो।

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