जब RS में BJP पर बरसे संजय राउत- अर्णब गोस्वामी देशप्रेमी और किसान आतंकी.. सरकार को शर्म आनी चाहिए

Webvarta Desk: Sanjya raut speech in Rajyasabha: शिवसेना सांसद संजय राउत (Shivsena MP Sanjya raut) ने शुक्रवार को राज्यसभा में केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला।

उन्होंने (Shivsena MP Sanjya raut) संसद में रिपब्लिक टीवी (Republic TV) के संपादक अर्णब गोस्वामी (Arnab Goswami) के कथित वॉट्सऐप चैट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों (Farmers Protest) को राष्ट्र-विरोधी करार दिया गया, वहीं अर्णब को बचाया गया, जिन्होंने बालाकोट (Balakot) स्ट्राइक के आधिकारिक गोपनीय विवरण लीक किए। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार को शर्म आनी चाहिए।

राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस में भाग लेते हुए संजय राउत (Shivsena MP Sanjya raut) ने केंद्र पर किसानों के विरोध प्रदर्शन (Farmers Protest) से निपटने के लिए कई प्रमुख राजनेताओं और पत्रकारों के खिलाफ लगाए गए राजद्रोह के आरोपों पर आपत्ति जताई। संजय राउत ने आरोप लगाया कि आज देश में माहौल ऐसा है कि कोई भी सच बोलने या लिखने वाले को देशद्रोही या आतंकी करार दिया जाता है।

‘अर्णब और कंगना देशप्रेमी, किसान आतंकी’

राउत ने संजय सिंह और शशि थरूर जैसे सांसदों और राजदीप सरदेसाई जैसे पत्रकारों का उदाहरण देते हुए कहा, ‘सरकार से जो कोई भी सवाल करता है उसके ऊपर देशद्रोह के केस लगा दिए जाते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘…और देश प्रेमी कौन हैं? उनमें रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्णब गोस्वामी और अभिनेत्री कंगना रनौत जैसे लोग शामिल हैं…’ उन्होंने कहा, ‘आपको उन्हें प्रॉटेक्ट करने में शर्म आनी चाहिए।’

‘क्यों नहीं पकड़ा गया दीप सिद्धू?’

राउत ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा की घटनाओं से हर कोई शर्मिंदा है। लोग पूछते हैं कि राष्ट्रीय ध्वज का अनादर करने की घटनाओं के पीछे जो लोग हैं, अब तक उन्हें पकड़ा क्यों नहीं गया?

उन्होंने कहा, ‘दीप सिद्धू, जिसने तिरंगा के अपमान किया, वह अभी तक पकड़ा क्यों नहीं गया। वह किसके इशारे पर काम कर रहा है। 200 से अधिक किसानों को देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बाद जेल में रखा गया है, लेकिन सिद्धू को नहीं। 100 से अधिक युवा लापता हैं, कहीं उन्हें एनकाउंटर में मार दिया गया?’

‘किसानों के आंदोलन को बदनाम करना अच्छी बात नहीं’

संजय राउत ने कहा, ‘किसानों के आंदोलन को बदनाम करना देश के लिए, किसानों के लिए और यहां तक कि हम सबके लिए अच्छी बात नहीं है।’ उन्होंने कहा जब वे (किसान) पीएम नरेंद्र मोदी का सम्मान करते हैं, तो यह समझना जरूरी है कि भले ही बीजेपी सरकार के पास बहुमत है, लेकिन शासन में अहंकार के लिए कोई जगह नहीं है।