राम मंदिर के भूमि पूजन में संगम सहित भारत की सभी पवित्र नदियों के जल से होगा पूजन

New Delhi: Sangam Water for Ram Mandir Bhumi Pujan: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 5 अगस्त को होने वाले रामलला के भव्य मंदिर निर्माण के भूमि पूजन में तीर्थराज प्रयागराज के त्रिवेणी संगम के जल का उपयोग किया जाएगा।

गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम का जल (Sangam Water for Ram Mandir Bhumi Pujan) लाने की जिम्मेंदारी मंदिर आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले संगठन विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) को दी गई है।

वीएचपी और प्रयागराज के लोग इस गौरव से काफी खुश हैं और खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे है। वीएचपी के पदाधिकारी संगम का जल (Sangam Water for Ram Mandir Bhumi Pujan) लेकर तीन अगस्त को अयोध्या जाएंगे। हालांकि, पदाधिकारियों का नाम अभी तय नहीं है।

विश्व हिंदू परिषद संगम का जल अयोध्या भेजने से पहले एक कार्यक्रम करने की तैयारी में है। जल को किसी रथ पर रखकर उसे प्रयागराज में घुमाने की भी बात चल रही है ताकि जल के साथ तीर्थराज के लोगों की भावनाएं भी राम की नगरी तक जा सकें। स्वर्गीय अशोक सिंघल ने कई बार कुंभ में राम मंदिर के मुद्दे को उठाया था।

सिंघल ने 2013 कुंभ धर्म संसद में यह बात कही थी कि जब भी राम मंदिर बने भारत की सभी पवित्र नदियों के जल के साथ प्रयागराज के संगम के जल से राम मंदिर का भूमि पूजन किया जाए। कुंभ नगरी प्रयागराज में धर्म संसद में जब अशोक सिंघल ने यह बात रखी थी तो उस समय मौजूद सभी साधु-संतों ने इस बात का पूरा समर्थन भी किया था।

2013 के धर्म संसद में यह भी कहा गया था कि अगर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनते हैं तो वही राम मंदिर के भूमि पूजन में शामिल हों। वीएचपी के मीडिया प्रभारी अश्वनी मिश्रा कहते हैं कि राम मंदिर के आंदोलन में स्वर्गीय अशोक सिंघल का बहुत बड़ा योगदान रहा है, आज हम लोग खुश हैं। आयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने जा रहा है और अशोक सिंघल का सपना पूरा होने जा रहा है। साथ ही मंदिर बनाने में जो लोग शहीद हुए उन सभी की आत्माओं को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अशोक सिंघल की कही बात भी अब सच साबित हो रही है।

आपको बता दें कि अशोक सिंघल ने 9 नवंबर 1989 में आयोध्या के राम चबूतरे पर राम मंदिर के लिए शिलान्यास किया था।

गंगाजल पर जल्द होगी चर्चा

वीएचपी के काशी प्रांत के मंत्री मुकेश कहते हैं कि रामलला के प्रस्तावित मंदिर से वीएचपी और संगम का सीधा जुड़ाव है। मंदिर निर्माण के लिए सबसे बड़ा आंदोलन वीएचपी ने ही चलाया। मुकेश ने बताया कि अब पवित्र संगम का जल वहां पहुंचाया जाएगा। जल्दी ही हम लोग बैठक में तय करेंगे कि किस तरह से यह जल जाएगा, कौन-कौन लोग जाएंगे।

मुकेश यह भी कहते हैं कि जिस दिन आयोध्या में भूमि पूजन हो उसी दिन शाम को सभी लोग अपने घर पर एक दिया जरूर जलाएं और अगर आपके घर में शंख और घंटा है तो उसे बजाएं। एक तरह से समस्त देशवासी भूमि पूजन के दिन दीपावली मनाएं। आयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर निर्माण का भूमि पूजन 5 अगस्त को होना है। भूमि पूजन में पीएम नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कुछ ख़ास लोगों को बुलाया गया है। पूजन का कार्यक्रम काशी के आचार्यों की देखरेख में होगा।

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