संगम विहार बेटी बर्बरता हत्याकांड की जांच, उच्च एजेंसियों से कराई जाए : जमीयत उलेमा ए हिंद

Jamiat Ulema-e-Hind

-मृतका के घर पहुंचकर जमीयत प्रतिनिधिमंडल ने की मदद की पेशकश

-इंसाफ़ दिलाने के लिए मदद और संघर्ष के लिए हम तैयार हैं : मौलाना हकीमुद्दीन का़समी, महासचिव जमीयत उलेमा ए हिंद

नई दिल्ली, 06 सितंबर (अनवार अहमद नूर)। संगम विहार, दिल्ली की बेटी सफीया सैफ़ी (बदला हुआ नाम) की बर्बर और निर्मम हत्या के मामले में जमीयत उलेमा ए हिंद का एक प्रतिनिधिमंडल मृतका के घर पहुंचा। और वाल्दैन व रिश्तेदारों को शोक संवेदना प्रकट की। साथ ही कहा कि हम हर संभव सहायता के लिए तैयार हैं। और वाल्दैन की इजाजत से जमीयत इस मामले में कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराने को तैयार है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन क़ासमी ने किया जबकि उनके साथ मौलाना गय्यूर क़ासमी, मौलाना मोअज़्ज़म आरिफ़ी, मौलाना खलील अहमद, शमशाद अहमद और अनवार अहमद नूर शामिल रहे।

मृतका के वालिद समीद अहमद से मुलाकात करके उन्हें सब्र दिलाते हुए मौलाना हकीमुद्दीन क़ासमी ने कहा कि जमीयत पूरी गंभीरता के साथ इस मामले को ले रही है। और वह परिवार की हर संभव सहायता के लिए तैयार है। पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद मौलाना हकीमुददीन कासमी ने कहा कि जमीयत के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी साहब के निर्देश अनुसार हम परिवार को कानूनी सहायता देने के लिए भी तैयार हैं।

Jamiat Ulema-e-Hind पिता ने बताया कि वह एक साहसी लड़की थी अपने परिवार के लिए समर्पित होकर रहती थी। अपने भाई बहनों को पढ़ाने लिखाने की बात करती थी। और परिवार के पालन पोषण का सहारा थी। उसकी जान दरिंदों ने ले ली। पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वह अपनी बेटी के साथ हुई बर्बरता के दोषियों को सज़ा दिलाना चाहते हैं। पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि यह मुकदमा दिल्ली की अदालत में चलाया जाना चाहिए। जो अभी सूरजकुंड में है।

जमीयत महासचिव ने क्षेत्र के लोगों से बातचीत की और ऐसे समय में सबको साथ खड़े होकर पीड़ित परिवार की सहायता के लिए कहा। महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी से स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में मुलाकात की जिनमें मौलाना नदीम अख्तर, हाफ़िज आसिफ़, मुफ़्ती आबिद मज़ाहिरी, मौहम्मद आलमगीर क़ासमी, हसन अहमद, बदरुल हसन, मोहम्मद मुशर्रफ़, साजिद अल्वी और जावेद आदि हैं। इन सबने जमीयत का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि हम मिलकर अपनी समस्याओं का समाधान करेंगे और मृतका के परिवार के साथ पूरी सहानुभूति के साथ अपना सहयोग करेंगे।

मौलाना हकीमुददीन कासमी ने बताया कि इस बर्बर हत्याकांड में बहुत सी बातें सामने आ रही हैं। लोगों का मानना है कि इस मामले को इसलिए उलझाया जा रहा है कि इसमें अनेक लोग संलिप्त हैं।और मृतका को चालान राशि और गड़बड़ी होने की जानकारी थी। फर्ज़ी शादी और शौहर को खड़ा किया गया है। सिविल डिफेंस से आनन फानन में कई लोगों को निकाल दिया गया है। जिनमें तीन नाम जावेद, वसीम और खुश्बू के भी हैं। इसलिए इस बर्बर कांड की जांच बड़ी जांच एजेंसियों से कराई जानी चाहिए।और मृतका के परिवार को न्याय तथा दोषियों को सख़्त सज़ा मिलनी चाहिए।