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    Sand mafia: रेत माफियाओं ने देर रात गड़रिया नाले पर खनिज इंस्पेक्टर को घेरा

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    नर्मदापुरम, 17 मई (वेब वार्ता)। खदानें बंद होने के बावजूद भी रेत माफियाओं (Sand mafia) का कारोबार दिन-रात बेखौफ तरीके से चल रहा है। प्रशासन और खनिज विभाग माइंनिंग विभाग को इस बात की जानकारी है कि रेत माफिया कौन-कौन सी खदानों से रेत का उत्खनन और परिवहन कर रहे हैं। खदानों का आलम यह है कि नर्मदा किनारे बनी खदान को गड्ढों के रूप में तब्दील कर दिया है।

    जिला मुख्यालय से सटी मगरैया, बांद्राभन मेन खदान, रायपुर खदान नंबर 4, रायपुर खदान नंबर 7, रायपुर खदान नंबर 26 से रोज रात में 200 डंपर रेत जा रहे है। इस बात की जानकारी विभाग को है। गत रात को रायपुर खदान से रेत माफिया डंपरों से रेत भर कर ले जा रहे थे इसी दौरान गड़रिया नाले पर चैंकिंग कर रहे खनिज विभाग के अधिकारी संतोष सूर्यवंशी व अन्य कर्मचारियों ने डंपर रोक लिये और उनकी जांच पड़ताल शुरू कर दी।

    इसी दौरान डंपर चालक ने रेत माफिया को सूचना दे दी और माफिया अपने दर्जनों गुर्गों के साथ गड़रिया नाले पहुंच गया और दबंगाई दिखाते हुए खनिज इंस्पेक्टर संतोष सूर्यवंशी को गालियां देकर डंपरों को छोड़ने और दोबारा डंपर पर पकड़ने पर जान तक से मारने की धमकी दे डाली। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया वायरल हुआ है। जिसमें पूरा विवाद कैद है।

    वायरल हुए वीडियो में कुछ लोग क्रेटा कार से मौके पर पहुंचे और खनिज इंस्पेक्टर संतोष सूर्यवंशी को गाली-गलौंच करते हुए धमकाते हुए दिख रहे हैं और दोबारा डंपर पकड़ने पर डंपर से कुचलकर जान तक से मारने की धमकी दी जा रही है। बताया जा रहा है वीडियो में पाण्डेय नामक व्यक्ति है जो क्रेटा कार से पहुंचा और चिल्लाते हुए अधिकारियों को धमकी रहा है। जबकि वीडियो में आसपास खड़े पुलिस कर्मी मूकदर्शन बने हुए खड़े दिखाई दे रहे हैं।

    पूरी क्षमता से सक्रिय है रेत माफिया : जिले की रेत खदानें कानूनी पेंच कर चलते लगभग दस माह से बंद हैं। खदानों की निगरानी के लिये खनिज विभाग के पास बल की कमी है इस कारण बंद खदानों पर माफिया पूरी क्षमता से सक्रिय है रोजाना रात के अंधेरे में 200 डंपरों से रेत का परिवहन किया जा रहा है। जिसे रोकने की हिम्मत अब प्रशासन के हाथ में नहीं दिख रही है। कार्यवाही के नाम पर ट्रैक्टर-ट्राली पकड़ी जा रहीं हैं। जबकि बड़े माफियाओं को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। बताया जाता है कि नर्मदापुरम की खदानों से चोरी की गई रेत सीहोर में स्टाक की जा रही है और भोपाल, इंदौर में ऊंचे दामों पर बेची जा रही है। कुल मिलाकर शासन को चूना और माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है।

    पंद्रह दिन में दूसरी बड़ी घटना : जिले की रेत खदानों पर माफिया सक्रिय है, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण प्रशासन द्वारा की जा रही कार्यवाही है। कुछ दिनों पहले सिवनी मालवा एसडीएम अनिल जैन ने नर्मदा के डिमावर घाट पर नांव से रेत का परिहवन करते हुए तीन नांवों को पकड़ा था। कार्यवाही के दौरान माफिया दबंगाई दिखाते हुए नांव छुडाने का प्रयास किया था। मामला सुर्खियों में आने के बाद शिवपुर थाने में माफिया के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा का केस दर्ज कराया था। अब बीती रात बुदनी के गड़रिया नाले पर खनिज निरीक्षक द्वारा की गई अभद्रता के दौरान भी माफिया अपने गुर्गों के साथ पहुंचकर अधिकारी को जमकर दबंगाई दिखाते हुए गाली-गलौंच कर रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि माफियाओं को कहीं न कहीं संरक्षण प्रदान किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री के गृह जिले में अधिकारियों की हो रही फजीहत : एक ओर प्रदेश के मुख्मयंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में माफियाओं का सफाया करने के लिये पुलिस एवं प्रशासन को फ्री हैण्ड छोड़ दिया है, माफियाओं पर कार्यवाही के साथ उनकी संपत्तियां जमीदोज की जा रहीं हैं। जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विधानसभा एवं गृहनगर बुदनी में माफिया एक सरकारी अधिकारी को धमकाने, जान से मारने तक की धमकी दे रहा है, इससे स्पष्ट है कि इन माफियाओं को राजनैतिक रूप से खुला संरक्षण प्रदान किया जा रहा है।

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