Reliance 1st online AGM: रिलायंस की पहली ऑनलाइन AGM, 1 लाख शेयरहोल्डर लेंगे हिस्सा

New Delhi: रिलायंस इंडस्ट्रीज की पहली वर्चुअल AGM (Reliance 1st online AGM) बुधवार को होने जा रही है। कोरोना काल में अधिक से अधिक शेयरहोल्डर इस वर्चुअल AGM में हिस्सा ले सकें इसके लिए रिलायंस ने जोरदार तैयारियां की हैं।

सोमवार को रिलायंस ने एक खास वर्चुअल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। इस प्लेटफॉर्म की मार्फत देश विदेश की 500 लोकेशन्स से करीब 1 लाख शेयरहोल्डर्स एकसाथ AGM (Reliance 1st online AGM) में भाग ले सकेंगे।

इसके अलावा रिलायंस ने शेयरहोल्डर्स, निवेशकों, मीडिया और आमजन की सहायता के लिए एक चैट बॉट भी लॉन्च किया है। व्हाट्सएप नंबर +91 79771 11111 पर कॉल कर शेयरहोल्डर्स व अन्य सभी अपने सवालों का जवाब पा सकते हैं।

यह हेल्पडेस्क 24X7 काम करेगा। चैट बॉट को कुछ इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह एक साथ 50 हजार सवालों के जवाब दे सके। वीडियो या टैक्स्ट किसी भी फॉरमेट में इस चैट बॉट से सवाल पूछे जा सकेंगे। इस चैट बॉट को जियो हेप्टिक ने बनाया है।

पूरी दुनिया मैं फैले हैं शेयरहोल्डर्स

रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी के समय से ही रिलायंस की AGM (Reliance AGM) मुबंई में ही होती रही है जिसमें सीमित संख्या में ही शेयरहोल्डर्स एकत्र होते थे। कोरोना काल में शेयरहोल्डर्स का एकत्रित होना मुश्किल हो गया है। तब रिलायंस ने अपने 26 लाख शेयरहोल्डर्स तक पहुंचने के लिए वर्चुअल ऑनलाइन AGM (Reliance 1st online AGM) का रास्ता चुना है। यह शेयरहोल्डर्स भारत समेत USA, UK, कनाडा, जापान, हांगकांग समेत पूरी दुनिया में फैले हैं और वहीं से लॉगइन कर AGM में भाग ले सकेंगे।

एजीएम में दिखेगी जियों की तकनीकी क्षमता

जियो आरआईएल की एक टेक कंपनी है और दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों ने हाल में ही जियो प्लेटफॉर्म्स में जम कर निवेश किया है। अपनी वर्चुअल मेगा AGM में जियो अपनी तकनीकी क्षमता की झलक दिखाएगी। इस मेगा वर्चुअल AGM के लिए जियोमीट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बेसिक प्लेटफॉर्म की तरह किया जाएगा।

समयसीमा से पहले ऋण मुक्त हुई कंपनी

रिलायंस की 12 अगस्त 2019 को हुई पिछली एजीएम में कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी को 31 मार्च 2021 तक ऋण मुक्त बनाने की कार्ययोजना की घोषणा की थी। लेकिन तेल से लेकर दूरसंचार तक कई कारोबार करने वाला यह समूह पिछले महीने ही शुद्ध रूप से ऋण मुक्त हो गया। कंपनी ने अपनी डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स में 25.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 1.18 लाख करोड़ रुपये जुटाने की व्यवस्था कर ली है।

वहीं रिलायंस के मौजूदा शेयरधारकों को राइट इश्यू जारी कर 53,124 करोड़ रुपये भी जुटाने का भी इंतजाम किया है। इसके अलावा ईंधन की खुदरा बिक्री कारोबार में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 7,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं कुल मिलाकर कंपनी ने 1.75 लाख करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की पक्की व्यवस्था कर ली है। कंपनी के ऊपर 31 मार्च 2020 को 1,61,035 करोड़ रुपये का शुद्ध कर्ज था। नए निवेश के बाद कंपनी शुद्ध रूप से कर्जमुक्त हो गई है।

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