Registry in Navratri: नवरात्रि के दौरान लखनऊ के निबंधन ऑफिस में लग रहीं लाइनें, एक दिन में 1080 रजिस्ट्रियां

Registry in Navratri: नवरात्रि के दौरान लखनऊ के निबंधन ऑफिस में लग रहीं लाइनें, एक दिन में 1080 रजिस्ट्रियां

लखनऊ
कोरोना की वजह से चल रहा मंदी का दौर इस नवरात्रि पूरी तरह से खत्म होता दिख रहा है। लंबे समय से इंतजार कर रहे लोग इस नवरात्र अपने आशियाने में पहला कदम रखने की तैयारी में है। आलम यह है कि लखनऊ के निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री के लिए सुबह से शाम तक लंबी कतारें लग रही हैं।

सोमवार को 1080 प्लॉटों/घरों की रजिस्ट्रियां हुईं। निबंधन कार्यालय से जुड़े अधिकारियों की मानें तो कोरोना काल में यह एक दिन का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस साल अब तक इतनी ज्यादा रजिस्ट्रियां किसी भी दिन नहीं हुईं।

दिन भर लग रहा जमावड़ा
निबंधन विभाग ने पिछले माह निर्धारित लक्ष्य से 14% अधिक इनकम की है। वहीं नवरात्र शुरू होते ही रजिस्ट्रियों की संख्या और बढ़ गई है। सोमवार को निबंधन कार्यालयों में जमावड़ा रहा और काफी लोगों ने रजिस्ट्रियां करवाई।

निबंधन विभाग के रजिस्ट्रार कार्यालयों में सोमवार सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा है। जिसने भी ऑनलाइन आवेदन करवा लिया, उसकी रजिस्ट्री की गई। सदर तहसील, बिजनौर तहसील, मलिहाबाद और बीकेटी तहसीलों में देर शाम तक गहमागहमी रहीं।

औसतन 200 रजिस्ट्रियां रोज बढ़ीं
एआईजी निबंधन एसके त्रिपाठी ने बताया कि नवरात्र से पहले रोज करीब 500 रजिस्ट्रियां होती थीं। नवरात्र के पहले दिन सात अक्टूबर को 708 रजिस्ट्रियां हुई हैं। उसके बाद से लगातार ग्राफ बढ़ा है। शनिवार व रविवार अवकाश होने की वजह से सोमवार को रजिस्ट्रियां रोज के मुकाबले काफी अधिक हुई हैं।

अप्रैल में सिर्फ 44.57% ही हुई थी इनकम
निबंधन विभाग को कोविड काल के दौरान अप्रैल माह में 17363 लाख के इनकम का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन संक्रमण से उपजे हालात की वजह से निबंधन विभाग निर्धारित लक्ष्य का सिर्फ 44.57% ही अर्जित कर पाया था। कोविड 19 का संक्रमण कम होने से रजिस्ट्रियों में तेजी आई और सितंबर में निर्धारित लक्ष्य 18,920 लाख की अपेक्षा निबंधन विभाग ने 21,583.33 लाख की इनकम हुई जो निर्धारित लक्ष्य से 14% अधिक है।

रात आठ बजे लगे रहे लोग
निबंधन कार्यालयों में सोमवार शाम पांच बजे तक जिन लोगों ने ऑनलाइन आवेदन कर टोकन ले लिया था, उनकी रजिस्ट्रियां रात तक करवाई गईं। सब रजिस्ट्रार ब्रजेश पाठक ने बताया कि रात करीब आठ बजे तक रजिस्ट्रियां की गई हैं। सोमवार को कर्मचारी दस बजे के पहले ही कार्यालय आ गए थे और रात में काम खत्म करने के बाद ही घर गए हैं।

35% सुधरी इकॉनामी
एआईजी निबंधन एसके त्रिपाठी का कहना है कि कोविड काल की अपेक्षा मौजूदा समय औसतन 35% इनकम में बढ़ोतरी हुई है। हालात पहले से काफी बेहतर हो रहे हैं। विभाग में टारगेट से अधिक राजस्व अर्जित करने का प्रयास किया जा रहा है।