रक्षा मंत्री राजनाथ का चीन-PAK को कड़ा संदेश- ‘पहले हम भिड़ेंगे नहीं, बाद में छोड़ेंगे नहीं’

Webvarta Desk: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने भारत-चीन (India China) और भारत-पाक (India Pak) के बीच चल रहे विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है।

एक इंटरव्यू के दौरान दोनों पड़ोसी देशों को कड़ा संदेश देते हुए रक्षा मंत्री (Rajnath Singh) ने कहा कि अगर कोई देश विस्तारवाद की नीति अपनाता है, तो भारत के पास उतनी ताकत है कि वो उसे अपनी जमीन में रुकने से रोक सके।

राजनाथ (Rajnath Singh) ने कहा कि भारत एक शांतिप्रिय देश है और हमारी कोशिश बातचीत के जरिए मुद्दे सुलझाने की होती है। लेकिन यदि कोई हमें बेवजह छेड़ेगा, तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं।

चीन के साथ विवाद को लेकर राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) का कहना है कि चीन के साथ लद्दाख सीमा पर जारी विवाद का अभी कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला है, ऐसे में यथास्थिति बनी हुई है। रक्षा मंत्री ने कहा कि चीन के साथ बातचीत का सिलसिला जारी है, जल्द ही सैन्य लेवल की एक और चर्चा होनी है। हालांकि, अभी तक जो भी चर्चा हुई है उसका कोई नतीजा नहीं निकला है।

राजनाथ (Rajnath Singh) ने कहा कि भारत-चीन में लंबे वक्त से सीमा को लेकर विवाद है, ऐसे में अच्छा होता ये पहले ही खत्म होते। अगर ये खत्म हो गया होता, तो आज की स्थिति नहीं होती। चीन सीमा की अपनी ओर लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहा है, लेकिन भारत भी अपनी सेना और नागरिकों के लिए काम कर रहा है। हम किसी पर आक्रमण करने के लिए नहीं बल्कि अपनी सुविधा के लिए ऐसा कर रहे हैं।

अप्रैल से भारत-चीन के बीच जारी है विवाद

भारत और चीन के बीच करीब अप्रैल के महीने से ही लद्दाख सीमा पर तनाव बरकरार है। दोनों ही देशों की सेना बड़ी संख्या में सीमा पर मुस्तैद हैं, अबतक दोनों देशों की सेना कई राउंड की बात कर चुकी है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है।

पाकिस्तान से सटी सीमा को लेकर रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय सेना में क्षमता है कि वो सीमा पार जाकर दुश्मन को खत्म कर सके। राजनाथ ने कहा कि भारत पूरी तरह से मुस्तैद है और हमारी सीमाओं से छेड़खानी का करारा जवाब दिया जाएगा।

किसान आंदोलन पर भी बोले राजनाथ सिंह

कृषि कानून को लेकर लगातार कांग्रेस केंद्र सरकार को घेर रही है। ऐसे में राजनाथ सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि वो एक किसान परिवार में पैदा हुए हैं, ऐसे में वो राहुल गांधी से अधिक खेती के बारे में जानते हैं। कृषि कानूनों को किसानों की भलाई के लिए लाया गया है।

किसान आंदोलन में शामिल किसानों पर खालिस्तानी समर्थक होने का आरोप लगने पर राजनाथ सिंह ने कहा कि किसानों पर इस तरह का आरोप नहीं लगना चाहिए। हम किसानों का सम्मान करते हैं, वो हमारे अन्नदाता हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के साथ कृषि कानून के हर मसले पर चर्चा करने को तैयार है, नए कानून किसानों की भलाई के लिए हैं। अगर किसी को कोई दिक्कत है तो सरकार चर्चा को तैयार है।

विपक्ष द्वारा एजेंसियों के गलत इस्तेमाल के आरोप पर राजनाथ ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है, बीजेपी लगभग हर चुनाव में जीत दर्ज कर रही है। ऐसे में हम कहां और क्यों बदला लेंगे?