Rajnath Singh in Rajya Sabha: राजनाथ सिंह ने संसद में बताया- पैंगोंग झील से पीछे जा रही चीनी सेना

Webvarta Desk: Rajnath Singh in Rajya Sabha: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) राज्‍यसभा में ‘पूर्वी लद्दाख में वर्तमान स्थिति’ (India-China Border Situation) पर राज्‍यसभा में बयान दिया। उन्‍होंने जानकारी दी कि भारत और चीन के बीच डिसइंगेजमेंट पर सहमति बन गई है। पैंगोंग झील के उत्‍तरी और दक्षिणी तट पर दोनों सेनाएं फॉरवर्ड सैनिकों को पीछे करेंगे।

चीन जहां उत्‍तरी तट पर फिंगर 8 के पूर्व में जाएगा, वहीं भारतीय फिंगर 3 के पास स्थित मेजर धान सिंह थापा पोस्‍ट (परमानेंट बेस) पर रहेगी। सिंह ने कहा कि पैंगोंग झील में डिसइंगेजमेंट (India-China Border Situation) पूरा होने के बाद, दोनों सेनाओं के बीच फिर बात होगी।

फिंगर 8 से पीछे जाएगी चीनी सेना

राज्‍यसभा (Rajnath Singh) में राजनाथ ने जानकारी दी कि पैंगोंग झील के उत्‍तरी और दक्षिणी तट पर डिसइंगेजमेंट का समझौता (India-China Border Situation) हो गया है। चीन इस बात पर भी सहमत हुआ है कि पूर्ण डिसइंगेजमेंट के 48 घंटों के भीतर सीनियर कमांडर लेवल की बातचीत हो और आगे की कार्यवाही पर चर्चा हो।

सिंह (Rajnath Singh) ने बताया, “पैंगोंग झील को लेकर हुए समझौते के मुताबिक, चीन अपनी सेना को फिंगर 8 से पूर्व की ओर रखेगा। इसी तरह भारत भी अपनी सेना की टुकड़‍ियों को फिंगर 3 के पास अपने परमानेंट बेस पर रखेगा।”

बॉर्डर पर भारत के पास है ‘बढ़त’

राजनाथ सिंह ने कहा, “सामरिक दृष्टि से महत्‍वपूर्ण कई क्षेत्रों को चिन्हित कर हमारी सेनाएं वहां मौजूद हैं।” सिंह ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में चीन के ऊपर भारत का ‘एज’ बना हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा, “मिलिट्री और डिप्‍लोमेटिक लेवल पर हमारी बातचीत हुई है। हमने तीन सिद्धांतों पर जोर दिया है:

  1. LAC को माना जाए और उसका आदर किया जाए।
  2. किसी स्थिति को बदलने का एकतरफा प्रयास न किया जाए।
  3. सभी समझौतों का पालन किया जाए।
‘सीमा पर चीन की हरकतों से रिश्‍तों पर असर पड़ा’

रक्षा मंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्‍य है कि एलएसी पर डिसइंगेजमेंट और यथास्थिति हो जाए।” राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन का 38,000 भारतीय भूभाग पर अनधिकृत कब्‍जा है। उन्‍होंने कहा, “भारत ने चीन से हमेशा कहा है कि द्विपक्षीय संबंध दोनों तरफ से कोशिश करने पर ही विकसित हो सकते हैं, साथ ही सीमा विवाद भी ऐसे ही सुलझाया जा सकता है।” सिंह ने कहा कि सीमा पर चीन ने जो कदम उठाए हैं, उससे भारत-चीन के संबंधों पर भी असर पड़ा है।