राहुल गांधी से बातचीत में बिज़नसमैन राजीव बजाज ने की मोदी सरकार की बुराई, लॉकडाउन को बताया ‘ड्रैकोनियन’

New Delhi: जाने-माने उद्योगपति और बजाज ऑटो के एमडी राजीव बजाज (Rajeev Bajaj) ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत के उठाए कदमों की तीखी आलोचना की है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi Conversation With Rajeev Bajaj) के साथ गुरुवार को कोरोना संकट (India Corona Crisis) को लेकर हुई बातचीत में बजाज ने भारत में लागू हुए लॉकडाउन को ‘ड्रैकोनियन’ बताते हुए कहा कि उन्होंने दुनिया के किसी भी देश में इस तरह के लॉकडाउन के बारे में नहीं सुना।

कोरोना के बजाय जीडीपी के कर्व को फ्लैट कर दिया’

राजीव बजाज (Rajeev Bajaj) ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए भारत ने पूरब के बजाय पश्चिमी देशों की ओर देखा जबकि उनकी भौगोलिक स्थिति, जन्मजात प्रतिरोधक क्षमता, तापमान वगैरह बिल्कुल अलग हैं। भारत ने पश्चिम की नकल की। हमने सख्त लॉकडाउन को लागू करने की कोशिश की लेकिन उसे सही से लागू नहीं कर पाए। लेकिन इससे अर्थव्यवस्था को खत्म कर दिया। कोरोना के कर्व के बजाय जीडीपी के कर्व को फ्लैट कर दिया।

‘हमें जापान की तरफ देखना था’

राजीव बजाज ने कहा कि हमें जापान या स्वीडन जैसे कदम उठाना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘मेरे हिसाब से हमें जापान और स्वीडन के बारे में देखना था। वे हर्ड इम्यूनिटी की राह पर बढ़े। इसका मतलब यह नहीं है कि जोखिम वाले लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया गया। इसका मतलब है सैनिटाइजेशन, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन। स्वीडन और जापान ने इसका पालन किया। अपने यहां तो दुर्भाग्य से हाफ लॉकडाउन रहा।’

‘भारत जैसा लॉकडाउन दुनिया में कहीं नहीं हुआ’

भारत में लागू हुए लॉकडाउन को ड्रैकोनियन बताते हुए राजीव बजाज ने कहा कि दुनिया में हमारे जैसा लॉकडाउन कहीं नहीं था। उन्होंने कहा कि इस तरह का लॉकडाउन मैंने सुना भी नहीं था। बाकी देशों में लोग बाहर निकलने और जरूरी सामानों को खरीदने या किसी से मिलने के लिए स्वतंत्र थे। बजाज ने कहा कि हमारे यहां बाहर निकले लोगों को पुलिस द्वारा पीटा गया, अपमानित किया गया। यहां तक कि बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा गया।

‘हेल्मेट पर कुछ नहीं, पर मास्क न हो तो देशद्रोही की तख्ती लगा देती है पुलिस’

राजीव बजाज ने कहा कि कि दुनिया में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें भारत में ही होती हैं। वजह चाहे जो हो। अगर कोई व्यक्ति बिना हेल्मेट पहने गाड़ी चला रहा होता है तो 99.9 प्रतिशत मामलों में पुलिस कुछ भी नहीं करती है लेकिन अगर किसी ने मास्क नहीं पहना है या कोई मॉर्निंग या इवनिंग वॉक पर निकला हो तो आप उन्हें डंडे मारते हैं। उन्हें अपमानित करने के लिए सड़क पर उठक-बैठक लगवाते हैं। आपने उनके हाथ में बोर्ड लगा दिया कि मैं देशद्रोही हूं, मैं गधा हूं। मैंने खुद देखा कि सड़क पर निकले कुछ बुजुर्गों को डंडे मारे गए।

‘सरकार को लोगों तक सीधे मदद पहुंचाना था’

मोदी सरकार ने कोरोना की वजह से बर्बाद हुई इकॉनमी में जान डालने के लिए 20 लाख करोड़ के भारी-भरकम पैकेज का ऐलान किया है। हालांकि, बजाज ने इस पैकेज पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि दुनिया में सरकारों ने कोरोना से निपटने के लिए जितने पैकेज का ऐलान किया, उसका 2 तिहाई सीधे संगठनों और लोगों तक पहुंचा। भारत में सिर्फ 10 प्रतिशत तक ही लोगों तक पहुंचा। आखिर लोगों को डायरेक्ट पैसे क्यों नहीं दिए गए?

2 महीने तक पॉज बटन के बाद अब स्थितिया फिर पहले जैसी: राहुल

राजीव बजाज से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने लॉकडाउन पर अपने पुराने रुख को दोहराते हुए मोदी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘यह लॉकडाउन फेल है क्योंकि ये दुनिया का इकलौता लॉकडाउन है जिसमें केस बढ़ रहे हैं। दरअसल भारत ने 2 महीने के लिए पॉज बटन दबाया था लेकिन अब फिर पहले दिन वाली स्थिति पर पहुंच रहा है।’

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