राहुल गांधी का मोदी पर निशाना- PM के खोदे आर्थिक गड्ढे से गरीबों को मनरेगा ही निकाल रहा है

New Delhi: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कोविड-19 महामारी के वक्त देश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) के तहत रोजगार की मांग बढ़ने को लेकर सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खोदे गए आर्थिक गड्ढे’ से गरीबों को मनरेगा ही बाहर निकाल रहा है।

ध्यान रहे कि पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने संसद में पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि आजादी के 60 साल के बाद आपको लोगों को गड्ढे खोदने के लिए भेजना पड़ा। ये आपकी विफलताओं का स्मारक है।

…तब गरीबी नहीं, गरीब मिट जाएगा: राहुल

उन्होंने (Rahul Gandhi) ट्वीट किया, ‘मोदी जी ने कभी कहा था कि मनरेगा में लोगों से बस गड्ढे खुदवाए जाते हैं। पर सच्चाई यह है कि मोदी जी ने जो आर्थिक गड्ढा खोदा है उससे गरीबों को आज मनरेगा ही निकाल रहा है।’ केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘मनरेगा के बिना गरीबी नहीं, गरीब मिट जाएगा।’

मनरेगा के लिए बजट 61 हजार करोड़ का बजट आवंटन

उन्होंने कोरोना वायरस महामारी के कारण देश में मनरेगा के तहत रोजगार की मांग बढ़ने से संबंधित आंकड़े का एक ग्राफ भी शेयर किया। बेरोजगारी की स्थिति को देखते हुए सरकार ने कुछ महीने पहले मनरेगा के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन की घोषणा की थी। इससे पहले मौजूदा वित्त वर्ष के बजट में सरकार ने मनरेगा के लिए 61 हजार करोड़ रुपये के बजट का ऐलान किया था।

मोदी का संसद में दिया वो भाषण

दरअसल, राहुल ने मनरेगा की उपलब्धियों का जिक्र कर पीएम पर इसलिए हमला बोला क्योंकि मोदी ने 2015 में मनरेगा का मजाक उड़ाया था। उन्होंने संसद में कहा था, ‘मेरी राजनीतिक सूझ-बूझ कहती है कि मनरेगा को कभी बंद मत करो। मैं ऐसी गलती नहीं कर सकता हूं क्योंकि मनरेगा आपकी विफलताओं का जीता-जागता स्मारक है।’

मोदी ने कहा था, ‘आजादी के 60 साल के बाद आपको लोगों को गड्ढे खोदने के लिए भेजना पड़ा। ये आपकी विफलताओं का स्मारक है और मैं गाजे-बाजे के साथ इस स्मारक का ढोल पीटता रहूंगा।’

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