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PM ने अपने लिए 8400 करोड़ का जहाज खरीदा, मगर सेना की जरूरतों के बारे में नहीं सोचा: राहुल गांधी

New Delhi: प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति समेत वीवीआईपी की यात्राओं के लिए 2 स्पेशल एयरक्राफ्टों (VVIP Aircraft) की खरीद को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) लगातार मोदी सरकार (Modi Govt) पर हम’लावर हैं। उन्होंने गुरुवार को कहा कि पीएम को सिर्फ अपनी इमेज की चिंता है, सैनिकों की नहीं।

राहुल (Rahul Gandhi) ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री ने अपने लिए 8400 करोड़ का हवाई जहाज खरीदा जितने में सियाचिन और लद्दाख में तैनात सैनिकों के लिए गर्म कपड़े और जरूरी साजो-सामान खरीदे जा सकते हैं। हालांकि, बीजेपी का कहना है कि ये एयरक्राफ्ट सिर्फ प्रधानमंत्री के लिए नहीं हैं और उनके प्रोक्योरमेंट की प्रक्रिया भी यूपीए सरकार के दौरान ही शुरू हुई थी।

‘पीएम ने अपने लिए 8400 करोड़ का हवाई जहाज खरीदा’

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सियाचिन और लद्दाख में तैनात भारतीय सैनिकों के लिए गर्म कपड़े और जरूरी उपकरण खरीदने में देरी से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट के स्क्रीनशॉट को शेयर कर मोदी सरकार पर हम’ला बोला।

उन्होंने लिखा, ‘PM ने अपने लिए 8400 करोड़ का हवाई जहाज खरीदा। इतने में सियाचिन-लद्दाख सीमा पे तैनात हमारे जवानों के लिए कितना कुछ खरीदा जा सकता था- गरम कपड़े: 30,00,000, जैकेट, दस्ताने: 60,00,000, जूते: 67,20,000, ऑक्सिजन सिलेंडर: 16,80,000। PM को सिर्फ अपनी इमेज की चिंता है सैनिकों की नहीं।’

मंगलवार को भी राहुल ने बोला था हम’ला

इससे पहले मंगलवार को भी राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने वीवीआईपी के लिए एयरक्राफ्ट (VVIP Aircraft) खरीदने पर हम’ला करते हुए पंजाब के नूरपुर में कहा था, ‘एक तरफ पीएम मोदी ने 8 हजार करोड़ में 2 एयरक्राफ्ट खरीदे हैं। दूसरी तरफ, चीन हमारी सीमाओं पर है और हमारे सुरक्षा बल सरहदों की हिफाजत के लिए भीषण ठंड का सामना कर रहे हैं।’

यूपीए सरकार के दौरान शुरू हुई थी विमानों के प्रोक्योरमेंट की प्रक्रिया

दूसरी तरफ आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वीवीआईपी विमानों का प्रोक्योरमेंट प्रॉसेस यूपीए सरकार के दौर में ही शुरू हुआ था और मोदी सरकार ने उसे बस तार्किक अंजाम तक पहुंचाया है। इसके अलावा, ये विमान स्पेशली प्रधानमंत्री मोदी के लिए नहीं, बल्कि बाकी वीवीआईपी के लिए हैं और ये इंडियन एयरफोर्स के हैं न कि प्रधानमंत्री के। ये विमान नए नहीं हैं, बल्कि बोइंग ने वीवीआईपी की यात्राओं के लिए इनमें कुछ खास बदलाव किए हैं।

2011 में शुरू हुई प्रक्रिया

वीवीआईपी की यात्रा के लिए इन दोनों विमानों के प्रोक्योरमेंट की प्रक्रिया 2011 में शुरू हुई थी जब ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स के निर्देशों पर मीटिंग ऑफ कमिटी सेक्रटरीज (CoS) की बैठक हुई थी। उसमें यह फैसला किया गया कि वीवीआईपी एयरक्राफ्ट्स के लिए उपलब्ध विकल्पों को एक इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप (IMG) एग्जामिन करेगी।

मौजूदा B777 ER विमानों में किए गए खास बदलाव

उसी साल इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप को गठित किया गया। आईएमजी की करीब 10 बार बैठकें हुईं और उसने 2012 में अपनी सिफारिशों को पेश किया। वीवीआईपी एयरक्राफ्ट्स के लिए 2 विकल्प सुझाए गए- मौजूदा B777 ER विमान को वीवीआईपी के लिए कन्वर्ट किया जाए या फिर नए एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया जाए जिसका एयर फोर्स ने ऑर्डर तो दे दिया था लेकिन उनकी डिलिवरी नहीं हुई थी। बाद में मौजूदा विमानों में जरूरी बदलावों का फैसला किया गया। मोदी सरकार ने इन वीवीआईपी एयरक्राफ्ट के प्रोक्योरमेंट की प्रक्रिया को पूरा किया।

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