Rahat Indori Kisi ke baap ka hindostan thodi h

राहत इंदौरी का वो शेर.. जो बन गया NRC-CAA के विरोध का नारा ‘किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है’

New Delhi: ‘किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है’, राहत इंदौरी (Rahat Indori) की ये लाइन नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और भारतीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में प्रदर्शकारियों के लिए बुलंद आवाज बनी।

CAA-NRC के विरोध प्रदर्शन के दौरान राहत इंदौरी (Rahat Indori) की इस शायरी ने खूब सुर्खियां बटोरी। विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के हाथों में मशहूर उर्दू शायर राहत इंदौरी के इस शेर के पोस्टर भी देखे गए।

दरअसल, CAA-NRC के मुद्दे पर राहत इंदौरी (Rahat Indori) ने अपनी राय रखते हुए कहा था कि यह देश किसी व्यक्ति विशेष, पार्टी या धर्म की संपत्ति नहीं है। इसे उन्होंने शायरी के जरिए लोगों के बीच रखते हुए कहा था कि ‘सभी का खून है शामिल यहां की मिट्टी में, किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है।’

अगर खिलाफ हैं, होने दो, जान थोड़ी है
ये सब धुआं है, कोई आसमान थोड़ी है

लगेगी आग तो आएंगे घर कई ज़द में
यहां पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है

मैं जानता हूं कि दुश्मन भी कम नहीं लेकिन
हमारी तरह हथेली पे जान थोड़ी है

हमारे मुंह से जो निकले वही सदाक़त है
हमारे मुंह में तुम्हारी ज़ुबान थोड़ी है

जो आज साहिब-इ-मसनद हैं कल नहीं होंगे
किराएदार हैं जाती मकान थोड़ी है

सभी का खून है शामिल यहां की मिट्टी में
किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है।

CAA-NRC के विरोध प्रदर्शन में मशहूर हुए इस शेर पर राहत इंदौरी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा था कि लोग अपनी मांगों को उठाने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। राहत इंदौरी ने कहा था कि इस शेर का ताल्लुक हर उस भारतीय नागरिक से है जो अपने हिंदुस्तान के लिए कुर्बान होने का जज्बा रखता है। उन्होंने ये भी कहा था कि मैं जहां भी जाता हूं लोग यही शायरी सुनने की फरमाइश करते हैं।

बता दें कि मशहूर शायर राहत इंदौरी (Rahat Indori) अब इस दुनिया में नहीं रहे हैं। राहत इंदौरी का मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 70 वर्ष के थे। कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद वे अस्पताल में भर्ती थे।

मशहूर शायर राहत इंदौरी (Rahat Indori) का नि’धन ने साहित्य जगत को एक बड़ा सदमा दिया है। वो कोरोना से संक्रमित थे। राहत इंदौरी ने खुद मंगलवार सुबह ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी। यह जानकारी देते वक्त शायद उन्हें भी नहीं पता था कि यह उनका अंतिम ट्वीट बनकर रह जाएगा। राहत इंदौरी ने इंदौर के अरविंदो अस्तपाल में अंतिम सांस ली।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *