Rafale capabilities with HAMMER missiles

वायुसेना को मिली राफेल की ताकत, अंबाला एयरबेस पर हुई हैप्पी लैंडिंग

New Delhi: Rafale Reached India at Ambala Airforce Station: राफेल (Rafale India) विमानों का पहला जत्था फ्रांस से भारत पहुंच गया है। ये विमान अंबाला स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर लैंड हुए। विमान सोमवार को ही फ्रांस से रवाना हो गए थे।

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन (Rafale Reached India at Ambala Airforce Station) पर बड़ी संख्या में लोग जुट सकते थे इसलिए वहां धारा 144 लगा दी गई और फोटॉग्रफी, विडियॉग्रफी पर भी रोक लगाई गई।

इन विमानों की खासियत उसे पूरी दुनिया में अलग बनाती है। यह चीन के J-20 लड़ाकू विमान का जवाब है जबकि पाकिस्तान के F-16 विमान से दो कदम आगे है। यानी भारतीय वायुसेना को हवा का ये जांबाज जबरदस्त ताकत देने वाला है। विशेषज्ञों का भी कहना है कि राफेल के आने से भारत की ताकत कई गुना बढ़ गई है। 70 लाख कीमत वाली हैमर मिसाइल (Hammer Missile) से लैस आसमान में अजेय बन जाता है।

राफेल की उड़ान ही उसे सबसे ज्यादा मारक बनाती है। 2,130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार उसे दूसरे लड़ाकू विमानों से अलहदा बनाता है। रेडार से बचने की क्षमता और दूर से दुश्मनों पर बाज सी नजर रखते हुए हमला करने में राफेल को महारत हासिल है। अभी तक रूस से मिले सुखोई विमानों के जरिए चीन को काउंटर कर रहे भारत के पास राफेल के आने से बड़ी ताकत हासिल हुई है।

भारत का राफेल vs चीनी J-20 की ताकत जानें

कई विशेषज्ञ भारतीय राफेल को चीन के J-20 के टक्कर का मान रहे हैं। स्टील्थ कैटिगरी का चीनी लड़ाकू विमान के बारे में अभी दुनिया को उतनी जानकारी नहीं है जितनी राफेल के बारे में है। राफेल को हवा का सिकंदर कहा जाता है।

अचूक हथियारों से लैस है राफेल

राफेल में कई अचूक हथियार लग सकते हैं। 300 किलोमीटर तर मार करने वाली स्कल्प क्रूज मिसाइल इसे सबसे ज्यादा मारक बनाती है। Meteor एयर-टू-एयर मिसाइल का निशाना चूकता नहीं है। MICA एयर-टू-एयर मिसाइल इसे दुश्मनों पर बढ़त दिलाती है। हैमर मिसाइल इसे अजेय बनाते हैं।

4.5 पीढ़ी का है राफेल विमान

राफेल लड़ाकू विमान 4.5 पीढ़ी का विमान है। यह रेडार को चकमा देने में माहिर माना जाता है। भारत के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। अभी तक भारतीय वायुसेना में शामिल मिराज-2000 या सुखोई लड़ाकू विमान या तो तीसरी या फिर चौथी पीढ़ी के विमान है।

एयरक्राफ्ट कैरियर से भी उड़ान भर सकता है राफेल

राफेल लड़ाकू विमान एयरक्राफ्ट कैरियर से भी उड़ान भर सकता है। यह खोजी अभियान से लेकर दुश्मन के इलाके में भीतर तक जाकर हमला करने की क्षमता रखता है। भारत ने 2016 में फ्रांस के साथ 60 हजार करोड़ रुपये के 36 राफेल विमानों की डील की थी। इसमें 30 फाइटर जेट होंगे जबकि 6 ट्रेनर विमान होंगे।

राफेल के लिए की गई है खास तैयारी

वायुसेना ने राफेल के रखरखाव के लिए भी बड़ी तैयारी की है। वायुसेना ने करीब 400 करोड़ रुपये खर्च कर राफेल के लिए शेल्टर, हैंगर और मेंटेनेंस फैसलिटी बनाई है।

राफेल की ताकत, भारत चौथा देश

राफेल की ताकत हासिल करने वाला भारत दुनिया का केवल चौथा देश है। फ्रांस के अलावा, मिस्र और कतर के पास ही ये विमान हैं। पीएम नरेंद्र मोदी कई बार इन विमानों की तारीफ कर चुके हैं।

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