चीन की हेकड़ी होगी कम, आते ही लद्दाख में तैनात होगा राफेल.. IAF कमांडर्स ले सकते हैं फैसला

New Delhi: चीन से जारी तनाव के बीच अगले हफ्ते भारत पहुंच रहे राफेल फाइटर जेट (Rafale Fighter jet) की लद्दाख में तैनाती को लेकर भारतीय वायुसेना बुधवार से तीन दिनों की कमांडर्स कांफ्रेंस (Indian Air Force Meeting) करने जा रही है।

इस दौरान न केवल सीमाई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम पर बात होगी, बल्कि लद्दाख के वर्तमान हालात को देखते हुए एयरफोर्स अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड और सिक्किम में भी अपने एयर कॉम्बेट कैपेबिलिटी को बढ़ाने पर चर्चा (Indian Air Force Meeting) संभव है।

27 जुलाई को भारत पहुंचेंगे राफेल जेट

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में 27 जुलाई को फ्रांस से भारत पहुंच रहे 6 राफेल जेट (Rafale Fighter jet) के पहले बैच की तैनाती को लेकर बड़ा फैसला किया जा सकता है। ये जेट कॉम्बेट रेडी होंगे जिससे इनकी तैनाती तुरंत ऑपरेशनल इलाकों में की जा सकती है। शुरूआत में इन्हें अंबाला में तैनात किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस कांफ्रेंस को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी संबोधित कर सकते हैं।

22 जुलाई से शुरू होगा सम्मेलन

वायुसेना के अधिकारियों ने कहा, शीर्ष कमांडर इस सप्ताह 22 जुलाई से शुरू होने वाले दो दिवसीय कमांडरों के सम्मेलन में मिलेंगे, जहां वे कई सुरक्षा मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने कहा कि वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने नेतृत्व में होने वाली इस बैठक का मुख्य एजेंडा चीन के साथ सीमाओं पर स्थिति और पूर्वी लद्दाख और उत्तरी सीमाओं में बल द्वारा की गई फॉरवर्ड तैनाती होगी। इस बैठक में सातों कमांडर-इन-चीफ शामिल होंगे।

अलर्ट मोड पर है वायुसेना

जब से चीन के साथ तनाव की स्थिति पैदा हुई है तभी से वायुसेना अलर्ट मोड पर है। वायुसेना ने अपने आधुनिक बेड़े में मौजूद विमान जैसे मिराज 2000, सुखोई-30, और मिग-29 के सभी लड़ाकू विमानों को उन्नत और फॉरवर्ड बेस पर तैनात किया है, जहां से वे दिन और रात दोनों के ऑपरेशन कर रहे हैं। अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर को चीन की सीमा के साथ फॉरवर्ड बैस पर तैनात किया गया है और यह रात के समय भी पूर्वी लद्दाख क्षेत्र पर लगातार उड़ान भर रहा है।

कहां, कैसे, कब तैनात होगा राफेल

इस महीने के अंत तक भारत को राफेल लड़ाकू विमान मिलने जा रहे हैं। इस बैठक में एयरफोर्स के शीर्ष अधिकारी इसकी तैनाती और परिचालन पर भी चर्चा करेंगे। अधिकारियों ने कहा कि दक्षिण एशियाई क्षेत्र के सबसे उन्नत जेट अपने प्रतिकूल परिस्थितियों में वायुसेना को बढ़त देने वाले हैं क्योंकि वे सबसे उन्नत हथियार प्रणालियों से लैस हैं। उन्होंने कहा कि फाइटर जेट्स में भारत स्पेसिफिक एनहांसमेंट के साथ-साथ लंबी दूरी के हथियार जैसे उल्का एयर टू एयर मिसाइल भारत को चीन और पाकिस्तान पर बढ़त देने वाले हैं।

हथियारों के साथ भारत पहुंचेगा राफेल

पहले यह जानकारी दी गई थी कि पहले चरण में 4 राफेल विमान भारत पहुंचेंगे, जिसमें से 3 डबल सीटर यानि ट्रेनर होंगे। लेकिन अब जो जानकारी मिल रही है उनके अनुसार, भारत आने वाल 6 राफेल विमान पूर्ण रूप से कॉम्बेट रेडी पोजिशन में होंगे। जिन्हें कुछ दिनों के अंदर ही किसी भी ऑपरेशन में लगाया जा सकेगा। इन विमानों के पहले खेप को हरियाणा के अंबाला में तैनात किया जाएगा।

Meteor और Scalp से लैस होगा राफेल

भारत को मिलने वाला राफेल विमान हवा से हवा में मार करने वाली बियांड विजुअल रेंज मिसाइल से लैस होगा। यह मिसाइल दुश्मन के प्लेन को बिना देखे सीधे फायर किया जा सकता है। इसमें एक्टिव रडार सीकर लगा होता है जिससे मिसाइल को किसी भी मौसम में फायर किया जा सकता है। वहीं, स्कैल्प मिसाइल या स्ट्रॉम शैडो किसी भी बंकर को आसानी से तबाह कर सकती है। इसकी रेंज लगभग 560 किमी होती है।