Rafale Jets Rajnath Singh

सावधान हो जाए चीन-PAK, आज विधि-विधान से वायुसेना के बेड़े में शामिल होगा राफेल

New Delhi: भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) गुरुवार को राफेल विमानों (Rafale Aircraft) को औपचारिक तौर पर अपने बेड़े में शामिल करेगी। राफेल को अंबाला एयरबेस (Ambala Airbase) पर 17 स्कवॉड्रन ‘गोल्डन ऐरोज़’ में शामिल किया जाएगा। इस दौरान अंबाला एयरबेस में जेट के इंडक्शन (Rafale Induction Ceremony) की औपचारिक सेरेमनी भी होगी।

सेरेमनी में शामिल होने के लिए फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली (Florence Parly) भी भारत आ रही हैं। इस भव्य कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh), सीडीएस जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat), एयरफोर्स चीफ आरकेएस भदौरिया (RKS Bhadauria) भी मौजूद रहेंगे।

फ्रांस के साथ हुए समझौते के तहत राफेल जेट (Rafale Jet) की पहली खेप जुलाई में अंबाला एयरबेस (Ambala Airbase) पहुंची थी। इसमें पांच राफेल शामिल थे। इंडक्शन सेरेमनी (Rafale Induction Ceremony) में फ्रांस की रक्षा मंत्री के साथ डिफेंस मैन्युफैक्चर इंडस्ट्री के कुछ प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। अंबाला में राफेल की इंडक्शन सेरेमनी में पारंपरिक तौर पर होने वाली सर्वधर्म पूजा होगी।

वहीं, राफेल जेट (Rafale Jet) के साथ ही स्वदेशी तेजस एयरक्राफ्ट (Tejas Aircraft) का भी एयर डिस्प्ले होगा। सारंग एरोबेटिक टीम भी परफॉर्म करेगी। इसके बाद राफेल को पारंपरिक वॉटर कैनन सल्यूट दिया जाएगा। इंडक्शन सेरेमनी (Rafale Induction Ceremony) के बाद भारत और फ्रांस के प्रतिनिधिमंडल के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी।

36 राफेल से बनेंगी दो फाइ’टर स्क्वॉड्रन

जानकारी के मुताबिक, अगले दो साल के अंदर भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) को सभी 36 राफेल (36 Rafale Jet) मिल जाएंगे। इससे वायुसेना की दो स्क्वॉड्रन बनेगी। पहली स्क्वॉड्रन वेस्टर्न सेक्टर में यानी अंबाला में होगी और दूसरी स्क्वॉड्रन पश्चिम बंगाल के हाशिमारा में होगी जो चीन बॉर्डर पर पैदा हुए खत’रों से निपटेगी।

साल 2016 में गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट अग्रीमेंट के जरिए 36 राफेल जेट (36 Rafale Jet) खरीदने की डील हुई थी। इसे लेकर काफी राजनीतिक वि’वा’द भी हुआ था। राफेल का पहला बैच 29 जुलाई को अंबाला एयरफोर्स बेस पहुंचा था। इनमें तीन सिंगल सीटर और दो ट्विन सीटर जेट हैं। अंबाला एयरबेस में जगुआर और मिग-21 फाइटर जेट भी हैं। राफेल का दूसरा बैच अक्टूबर तक आने की उम्मीद है। इसमें तीन से चार जेट हो सकते हैं।

17वीं स्क्वॉड्रन का हिस्सा बनेंगे ये जेट

राफेल जेट (Rafale Jet) वायुसेना की 17वीं स्कवॉड्रन का हिस्सा बनेंगे। इस स्क्वॉड्रन को गोल्डन ऐरो स्क्वॉड्रन नाम दिया गया है। 17 वीं स्क्वॉड्रन को करगिल यु’द्ध के दौरान पूर्व एयरफोर्स चीफ बीएस धनोवा कमांड कर रहे थे। यह स्क्वॉड्रन 1951 में बनी थी और तब भटिंडा एयरबेस से ऑपरेट करती थी। जब मिग-21 जेट फेजआउट होने लगे तो यह 2016 में डिस्बैंड हो गई। अब यह स्क्वॉड्रन राफेल की होगी।

30 फाइ’टर जेट और 6 ट्रेनर जेट

फ्रांस से लिए जा रहे राफेल में भारत की जरूरत और परिस्थितियों के हिसाब से 13 बदलाव किए जाएंगे। जब 2022 में डिलीवरी पूरी हो जाएगी उसके बाद यह सारे बदलाव इसमें इंटीग्रेटेड होंगे। 36 राफेल जो भारत को मिलेंगे उसमें से 30 फाइ’टर जेट हैं और 6 ट्रेनर जेट हैं। ट्रेनर जेट दो सीटों वाले हैं और उनमें भी वह सभी फीचर हैं जो फाइ’टर जेट में हैं।

राफेल से घबराया पाकिस्तान!

भारतीय वायुसेना में राफेल फाइटर जेट के शामिल होने से पाकिस्तान बुरी तरह घब’राया हुआ है। पाकिस्तान के ड’र का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि वह अभी से अपने सदाबहार दोस्त चीन से मिसाइल और फाइ’टर जेट देने की मिन्नतें करने लगा है।

पाकिस्तानी एयरफोर्स ने चीन से 30 की संख्या में J-10CE जेट और आधुनिक एयर टू एयर मिसा’इल की मांग की है। पाकिस्तान ने साल 2009 में ही चीन से J-10CE जेट की मांग की थी। लेकिन, तब चीन और पाकिस्तान ने जेएफ-17 जेट बनाने का काम शुरू कर दिया। इसके कारण यह डील परवान न चढ़ सकी।

अब भारत के पास राफेल आने के बाद इस डील को लेकर पाकिस्तान और चीन के बीच फिर बातचीत शुरू हो गई है। इसके अलावा पाकिस्तान ने चीन से हवा से हवा में मा’र करने वाली शार्ट रेंज की पीएल-10 और लंबी दूरी की पीएल-15 मिसाइलों की डिमांड भी की है। चीन ने इसी जहाज को भारत के खिलाफ होटान एयरबेस पर तैनात किया है।

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