Protest Over Farms Bill 2020

बड़ी खबर! कृषि कानूनों पर किसानों में उबाल, प्रदर्शनकारियों ने राजपथ पर ट्रैक्‍टर फूंका

New Delhi: कृषि क्षेत्र से जुड़े कानूनों (Protest Over Farms Bill 2020) में बदलाव पर दिल्‍ली समेत देश के कई हिस्‍सों में विरो’ध-प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्‍ली में सोमवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने राजपथ पर एक ट्रैक्‍टर को आ’ग लगा दी।

इंडिया गेट के पास ट्रैक्‍टर लाकर विरो’ध (Protest Over Farms Bill 2020) किया जा रहा था। जब उसमें आ’ग लगा दी गई तो फा’यर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आ’ग बुझाई। दूससरी तरफ, कर्नाटक में किसान संगठनों ने आज बंद बुलाया है। वहीं पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह (Captain Amrinder Singh) आज शहीद भगत सिंह नगर में कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठेंगे।

कर्नाटक बंद, पंजाब में भी धरना

नए कानूनों के विरोध (Protest Over Farms Bill 2020) में कर्नाटक के किसान संगठनों ने आज राज्‍यव्‍यापी बंद बुलाया है। बवाल की आशंका को देखते हुए कई जिलों में भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है।

पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह भी धरने पर बैठेंगे। वह तीनों कानूनों के खिलाफ शहीद भगत सिंह नगर में धरना देंगे। शुक्रवार को किसानों ने इन कानूनों के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन किया था। तब पंजाब, हरियाणा समेत देश के कई हिस्सों में चक्का जाम किया गया था।

सरकार बार-बार दे रही आश्‍वासन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) कई मंचों से किसानों की शंकाओं को दूर कर चुके हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने बार-बार कहा है कि किसानों से एमएसपी पर फसलों की खरीद पहले की तरह जारी रहेगी।

उन्‍होंने कहा कि नए कानूनों में किसानों को एपीएमसी की परिधि के बाहर अपने उत्पाद बेचने को विकल्प दिया गया है। सरकार का तर्क है कि इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और किसानों को उनके उत्पादों का लाभकारी दाम मिलेगा।

राष्ट्रपति कोविंद ने कर दिए हस्ताक्षर

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) ने रविवार को तीनों विवादित विधेयकों को मंजूरी देकर उन्‍हें कानून बना दिया। कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 पर 24 सितंबर को और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020 अब कानून बन गए हैं।

कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (SAD) सहित कई विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से बिलों पर हस्ताक्षर नहीं करने का आग्रह किया था। नरेंद्र मोदी सरकार में एसएडी की एकमात्र खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने लोकसभा में विधेयकों पर मतदान से पहले इस्तीफा दे दिया था। इसी मुद्दे पर उनकी पार्टी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) भी छोड़ दिया था।

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