निर्भया गैंगरेप : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खारिज कर दी दोषी मुकेश की दया याचिका

New Delhi : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया केस (Nirbhaya Case) के दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका (mercy petition of mukesh singh) खारिज कर दी है। मुकेश ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से क्यूरेटिव पिटिशन खारिज होने के बाद राष्ट्रपति दया की गुहार लगाई थी। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने 2016 में मुकेश समेत चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी। उसके बाद बाकी बचे कानूनी उपचारों के इस्तेमाल में अब तक का वक्त निकल गया।

 इस बीच पटियाला हाउस कोर्ट ने ही 7 जनवरी को चारों दोषियों, मुकेश सिंह, विनय शर्मा, पवन गुप्ता और अक्षय ठाकुर के खिलाफ डेथ वॉरंट जारी करते हुए फांसी देने की तारीख 22 जनवरी तय कर दी थी। हालांकि, दोषियों के पास राष्ट्रपति से दया याचिका दायर करने का आखिरी विकल्प बचा था। ऐसे में मुकेश ने क्षमा दान याचिका दी जिसे आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खारिज कर दी।

Nirbahaya Case

हालांकि, अभी तीन और दोषियों के पास राष्ट्रपति से क्षमादान मांगने का विकल्प बचा हुआ है। 16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली में हुई इस खौफनाक घटना के एक अन्य दोषी विनय शर्मा की माफी याचिका भी राष्ट्रपति के पास पहुंची थी, लेकिन उसने बाद में यह कहते हुए अर्जी वापस ले ली थी कि इसके लिए उसकी राय नहीं ली गई थी। अब एक अन्य दोषी मुकेश की याचिका को गृह मंत्रालय ने गुरुवार रात को राष्ट्रपति के पास भेज दिया। जेल नियमों के तहत अगर किसी एक केस में एक से ज्यादा दोषियों को फांसी की सजा मिली हो तो जब तक सभी आरोपियों के सारे कानूनी उपचार के विकल्प खत्म नहीं हो जाते, तब तक किसी को भी फांसी नहीं दी जा सकती है।

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