प्रणब मुखर्जी की हालत नाजुक, नहीं कोई सुधार.. सलामती के लिए पैतृक गांव में चल रहा अखंड यज्ञ

New Delhi: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) की हालत लगातार नाजुक बनी हुई है। वह सेना के रिसर्च एंड रेफरल (R&R) अस्पताल में भर्ती हैं। अस्‍पताल ने गुरुवार को बताया कि पूर्व राष्ट्रपति (Former President of India Pranab Mukherjee) को उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।

सोमवार को मुखर्जी (Pranab Mukherjee) के मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी। मुखर्जी (84) को सोमवार की दोपहर के वक्त सैन्य अस्पताल (Army Hospital) में भर्ती कराया गया था। सर्जरी से पहले जांच में उन्हें कोरोना पॉजिटिव पाया गया था।

अस्पताल की ओर से जारी नए मेडिकल बुलेटिन में कहा गया, ‘पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Former President of India Pranab Mukherjee) की हालत नाजुक बनी हुई है। उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया है। खून का थक्का बनने के कारण सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति के मस्तिष्क की सर्जरी की गयी थी। उनकी हालत में कोई सुधार नजर नहीं आया है और स्थिति नाजुक बनी हुई है।’

पैतृक गांव में चल रहा अखंड यज्ञ

दूसरी ओर, प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) के इलाज के बीच उनके पैतृक जिले पश्चिम बंगाल के बीरभूम में बुधवार से 72 घंटे का अखंड यज्ञ शुरू हुआ है। यह यज्ञ बिना किसी रूकावट के यह तीन दिन तक जारी रहेगा। बीरभूम के जिस मंदिर में यह यज्ञ हो रहा है, वहां के मुख्य पुजारी ने इसकी जानकारी दी। पुजारी ने कहा, ‘महामृत्युंजय यज्ञ से प्रणब बाबू के स्वास्थ्य में निश्चित तौर पर सुधार होगा। वह किरनाहार गांव के सपूत हैं।’

बेटी शर्मिष्ठा ने याद की एक साल पुरानी बात

इस बीच मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने एक साल पुरानी बात को याद करते हुए अपने पिता के जल्दी ठीक होने की दुआ की है। कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा ने ट्वीट कर अपने पिता को पिछले साल मिले भारत रत्न सम्मान को याद किया है।

उन्होंने ट्वीट किया है, पिछले साल 8 अगस्त का दिन मेरी जिंदगी का सबसे खुशनुमा दिन था। मेरे पिता को भारत रत्न मिला था। उसके ठीक एक साल बाद 10 अगस्त को वह गंभीर रूप से बीमार हैं। भगवान जो भी बेहतर हो उनके लिए करें और मुझे सुख तथा दुख दोनों सहने की शक्ति दें। मैं सभी का शुक्रगुजार हूं।’

राष्‍ट्रपति व अन्‍य नेताओं ने लिया हालचाल

इससे पहले राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी से सोमवार की शाम बात की और उनकी सेहत के बारे में जाना। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को सैन्‍य अस्पताल का दौरा किया और पूर्व राष्ट्रपति के स्वास्थ्य की जानकारी ली। सिंह करीब 20 मिनट तक अस्पताल में रहे।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पूर्व राष्ट्रपति को शुभकामनाएं भेजीं और उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति निर्वाचित होने से पूर्व, कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे और वह जुलाई 2012 से 2017 तक देश के राष्ट्रपति रहे।

बहन और परिवार ने भी की प्रार्थना

मुखर्जी की बहन एवं परिवार के अन्य सदस्यों ने उनके ठीक होने के लिये प्रार्थना की। सोमवार को मुखर्जी ने ट्वीट कर कहा था कि उनमें कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुयी है और उन्होंने पिछले हफ्ते अपने संपर्क में आये सभी लोगों को क्वारंटीन में जाने और कोरोना जांच कराने का आग्रह किया था।

प्रणब मुखर्जी का राजनैतिक सफर

प्रणब मुखर्जी भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जो 2012 से लेकर 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति (13th President of India Pranab Mukherjee) रहे हैं। प्रणब मुखर्जी ने भारतीय राजनीति में छह दशक बिताए हैं। प्रणब मुखर्जी कांग्रेस पार्टी में कई बड़े पदों पर रहे हैं। राष्ट्रपति रहने के अलावा प्रणब मुखर्जी केन्द्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं। 2009 से 2012 तक प्रणब मुखर्जी भारत के वित्त मंत्री रहे हैं। इनका जन्म 11 दिसंबर 1935 को हुआ था।

इंदिरा गांधी की ह’त्या के बाद प्रणब मुखर्जी अपने आप को भारत के प्रधानमंत्री पद का दावेदार मान रहे थे लेकिन राजीव गांधी के कारण उन्हे साइड लाइन कर दिया गया। जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस के नाम से अपनी अलग पार्टी बना ली लेकिन 1989 में इसका कांग्रेस में विलय कर दिया गया।

राजीव गांधी की ह’त्या के बाद पीवी नरसिम्हा राव सरकार में प्रणब मुखर्जी प्लानिंग कमिशन के अध्यक्ष बने और 1995 में विदेश मंत्री का पद इन्हे दिया गया। मनमोहन सिंह सरकार में प्रणब मुखर्जी के पास रक्षा और वित्त मंत्रालय था।

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