पंजाब में चुनाव अभियान से दूर रहे राजनीतिक दल : Sanyukt Kisan Morcha

Sanyukt Kisan Morcha

नई दिल्ली/चंडीगढ़, 04 सितंबर (वेब वार्ता)। कृषि कानून विरोधी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) ने राजनीतिक दलों से पंजाब में चुनाव अभियान से दूर रहने को कहा है। साथ ही, मोर्चा ने चुनावी माहौल बनाए जाने को आंदोलन के खिलाफ साजिश करार दिया है। मोर्चा ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि बीते कई माह से आंदोलन चल रहा है। ऐसे में चुनावी अभियान आंदोलन विरोधी साबित होगा।

बयान में कहा गया है कि आमतौर पर चुनाव से संबंधित प्रचार और अभियान चुनाव से कुछ महीने पहले शुरू होते हैं। हम विभिन्न राजनीतिक दलों से इस संबंध में असामान्य स्तर की गतिविधि देख रहे हैं, जो पहले से ही बिना किसी कारण के चुनाव अवस्था में आ रहे हैं। इससे निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि यह ध्यान भटकाने के लिए रची जा रही साजिश है। अगर वे वास्तव में किसानों के संघर्ष के समर्थक हैं, तो उन्हें अभी चुनाव प्रचार से दूर रहना चाहिए।

बयान में कहा गया है कि मुजफ्फरनगर में महापंचायत के लिए तैयारी अंतिम चरण में है। इससे मोर्चा के मिशन उत्तर प्रदेश की शुरुआत होगी। इस महापंचायत में भाग लेने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में बैठकें हो चुकी हैं। इस संयुक्त आयोजन के लिए किसान संगठन अपने-अपने कार्यकर्ताओं को लामबंद कर रहे हैं।

Sanyukt Kisan Morcha ने कहा कि भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों के खिलाफ विरोध बढ़ रहा है और हरियाणा व हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को आंदोलनकारियों की तरफ से उनके आगामी कार्यक्रमों के लिए चेतावनी भी दी गई है। बता दें, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पांच सितंबर को एक कार्यक्रम में रेवाड़ी आना है।

Sanyukt Kisan Morcha ने कहा है कि करनाल हिंसा पर हरियाणा सरकार की चुप्पी और पूर्व एसडीएम आयुष सिन्हा के तबादले से स्पष्ट हो जाता है कि वह किसके आदेश पर काम कर रहे थे। मोर्चा छह सितंबर तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर करनाल के लघु सचिवालय की घेराबंदी शुरू करेगा। मोर्चा ने गुरुवार को पंजाब के मोगा में हुई हिंसा में दर्ज मामले तत्काल वापस लेने की मांग भी की है। बयान बलबीर सिंह राजेवाल, डा. दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढू़नी, हन्नान मोल्ला, जगजीत सिंह डल्लेवाल, जोगिंदर सिंह उगराहां, शिवकुमार शर्मा (कक्का जी), युद्धवीर सिंह और योगेंद्र यादव की तरफ से जारी किया गया।