PM Modi In Rajya Sabha: विपक्षी सांसदों पर मोदी का कटाक्ष- विरोध करें लेकिन देश का मनोबल न तोड़ें

PM Modi In Rajya Sabha
Webvarta Desk: PM Modi In Rajya Sabha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज राज्‍यसभा में राष्‍ट्रपति (President Ramnath Kovind) के अभिभाषण पर धन्‍यवाद प्रस्‍ताव का जवाब दे रहे हैं। उच्च सदन में अभिभाषण पर चर्चा शुक्रवार को पूरी हो गई थी। साथ ही किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर भी चर्चा हुई थी।

दिल्‍ली की सीमाओं पर जमे आंदोलनकारी किसानों (Farmers Protest) को लेकर लोकसभा का माहौल खासा गर्म है। राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर भी हंगामे के चलते निचले सदन में कोई चर्चा नहीं हो पाई है। ऐसे में, आज प्रधानमंत्री मोदी के राज्‍यसभा (PM Modi In Rajya Sabha) में संबोधन पर सबकी नजरें हैं।

किसानों की दयनीय हालत पर क्‍या बोले पीएम?

प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi In Rajya Sabha) ने कहा, “सदन में किसान आंदोलन की भरपूर चर्चा हुई। ज्‍यादा से ज्‍यादा समय जो बातें बताई गईं, वो आंदोलन के बारे में बताई गईं। किस बात को लेकर आंदोलन है, उसपर चुप्‍पी रही। जो मूलभूत बात है, अच्‍छा होता कि उसपर चर्चा होती। हमारे कृषि मंत्री ने जो सवाल पूछे हैं, उनके जवाब तो नहीं मिलेंगे। मैं आदरणीय देवेगौड़ा जी का बहुत आभारी हूं। उन्‍होंने इस चर्चा हो एक गाम्‍भीर्य दिया। उन्‍होंने अच्‍छे प्रयासों की सराहना भी की और अपने सुझाव भी दिए।”

पीएम ने कहा, “मैं आज पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की बात का जिक्र करना चाहता हूं। उनका कथन है, “किसानों का सेंसस लिया गया तो 33% किसान ऐसे हैं जिनके पास जमीन दो बीघे से कम हैं, दो बीघे नहीं है। 18 फीसदी जो किसान कहलाते हैं, उनके पास दो बीघे से चार बीघे जमीन हैं। ये 51% किसान चाहे जितनी मेहनत करें, अपनी थोड़ी सी जमीन पर ईमानदारी से इनकी गुजर नहीं हो सकती।”

पीएम ने कहा, ‘छोटे किसानों की दयनीय स्थिति हमेशा चौधरी चरण सिंह को परेशान करती थी। अब हम आगे देखें। ऐसे किसान जिनके पास 1 हेक्‍टेयर से भी कम जमीन है, 1971 में वे 51% थे। आज 68% हो चुके हैं। यानी देश में ऐसे किसानों की संख्‍या बढ़ी है जिनके पास बहुत थोड़ी सी जमीन है। आज लघु और सीमांत किसानों को मिलाएं तो 86% से ज्‍यादा किसानों के पास दो हेक्‍टेयर से भी कम जमीन है। ऐसे किसान 12 करोड़ है। क्‍या इन किसानों के प्रति हमारी कोई जिम्‍मेवारी नहीं?”

‘दुनिया ने देखा भारत का दम’

पीएम मोदी ने कहा, “याद कीजिए, यहां इसी सदन का भाषण मैं दो-तीन साल पहले का मैं सुन रहा था। मोबाइल कहां हैं, लोग डिजिटल ट्रांजेक्‍शंस कैसे करेंगे…. आज हर महीने यूपीआई से चार लाख करोड़ के ट्रांजेक्‍शंस हो रहे हैं। जल हो, नभ हो, अंतरिक्ष हो… भारत हर क्षेत्र में अपनी क्षमता के साथ खड़ा है। सर्जिकल स्‍ट्राइक हो, एयर स्‍ट्राइक हो… दुनिया ने भारत का पराक्रम देखा है।”

पीएम ने सुनाया नेताजी के भाषण का अंश

पीएम मोदी ने कहा, “मैं एक कोट सदन के सामने रखना चाहता हूं। ‘हमारा लोकतंत्र किसी भी मायने में वेस्‍टर्न इंस्टिट्यूशन नहीं है। ये एक ह्यूमन इंस्टिट्यूशन है। भारत का इतिहास लोकतांत्रिक संस्‍थानों से उदाहरणों से भरा पड़ा है। प्राचीन भारत में 81 गणतंत्रों का वर्णन हमें मिलता है। आज देशवासियों को भारत के राष्‍ट्रवाद पर चौतरफाप हो रहे हमले से आगाह करना जरूरी है। भारत का राष्‍ट्रवाद न तो संकीण है, न स्‍वाथी है और न ही आक्रामक है। ये सत्‍यम शिवम सुंदरम के मूल्‍यों से प्रेरित है’ आदरणीय सभापति जी, ये कोटेशन आजाद हिंद फौज की प्रथम सरकार के प्रथम प्रधानमंत्री नेताजी सुभाष चंद्र बोस का है। और संयोग है कि उनकी 125वीं जयंती हम मना रहे हैं। दुर्भाग्‍य इस बात का है कि जाने-अनजाने में नेताजी की इस भावना को, नेताजी के इन विचारों को, नेताजी के इन आदर्शों को भुला दिया है। और उसका परिणाम है कि आज हमीं हमको कोसने लग गए हैं।”

विपक्ष पर दनादन कटाक्ष कर रहे पीएम मोदी

पीएम मोदी ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “यहां पर लोकतंत्र को लेकर बहुत उपदेश दिए गए हैं।’ उन्‍होंने कहा, “भारत का लोकतंत्र ऐसा नहीं कि जिसकी खाल हम उधेड़ सकते हैं। मैं डेरेक (ओ’ब्रायन) जी की बात सुन रहा था। बढ़‍िया-बढ़‍िया शब्‍दों का प्रयोग हो र‍हा था। मैं सुन रहा था तो सोच रहा था कि ये बंगाल की बात है? कांग्रेस के हमारे (प्रताप सिंह) बाजवा साहब बोल रहे थे, मुझे लग रहा था थोड़ी देर में वह 84 तक पहुंच जाएंगे। खैर ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस देश को बहुत निराश करती है, एक बार फिर वही किया।”

भावनाओं का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए: पीएम

मोदी ने कहा, “हमारे यहां कोरोना को लेकर डराने की कोशिशें भी हुईं। कई विशेषज्ञों ने अपनी समझ के हिसाब से बताया। आज दुनिया इस बात पर गर्व कर रही है कि भारत ने कोरोना से लड़ाई में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह लड़ाई जीतने का यश किसी सरकार को नहीं जाता है, लेकिन भारत को तो जाता है। विश्‍व के सामने आत्‍मविश्‍वास से बोलने में क्‍या जाता है।”

पीएम ने कहा, “आपने सोशल मीडिया पर देखा होगा, फुटपाथ पर झोंपड़ी में रहने वाली मां भी बाहर दीया जलाकर बैठी है। हम उसकी भावनाओं का माखौल बना रहे हैं? उसका मजाक उड़ा रहे हैं।” उन्‍होंने कहा, ‘विरोध करने के लिए कितने मुद्दे हैं और करना भी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए कि देश का मनोबल टूटे। ‘

पीएम मोदी ने सुनाई कविता

पीएम मोदी ने कहा कि मैथिलीशरण गुप्‍त ने लिखा था,

“अवसर तेरे लिए खड़ा है
फिर भी तू चुपचाप पड़ा है
तेरा कर्मक्षेत्र बड़ा है
पल-पल है अनमोल
अरे भारत उठ, आंखें खोल”

इसके बाद उन्‍होंने कहा कि अगर आज के माहौल में मैथिलीशरण गुप्‍त लिखते तो कुछ ऐसा लिखते:

“अवसर तेरे लिए खड़ा है
तू आत्‍मविश्‍वास से भरा पड़ा है
हर बाधा हर बंदिश को तोड़
अरे भारत, आत्‍मनिर्भरता के पथ पर दौड़”

अपने संबोधन की शुरुआत में राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद को धन्‍यवाद देते हुए पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर तंज कसा। उन्‍होंने कहा कि ‘अच्‍छा होता कि अगर सभी सदस्‍य राष्‍ट्रपति जी का भाषण सुन पाते। लेकिन फिर भी राष्‍ट्रपति जी का अभिभाषण इतना शक्तिशाली था कि लोगों तक पहुंच गया।’ मोदी ने राज्‍यसभा में अभिभाषण पर चर्चा में हिस्‍सा लेने वाले 50 से ज्‍यादा सांसदों का भी शुक्रिया अदा किया।