Monday, January 25, 2021
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शताब्दी समारोह में PM मोदी के भाषण की बड़ी बातें.. ‘AMU की लाइब्रेरी में कुरान तो रामायण भी’

Webvarta Desk: PM Modi Address AMU: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के शताब्दी समारोह (AMU Centenary Celebration) में हिस्सा लिया।

इस मौके (AMU Centenary Celebration) पर उन्होंने (Narendra Modi) एक डाक टिकट भी जारी किया। कोरोना वायरस के चलते वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शताब्दी समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को भी संबोधित किया।

प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के मुख्य अंश…

सबसे पहले मैं आप सबका आभार व्यक्त करना चाहता हूं कि आपने मुझे इस मौके पर जुड़ने का मौका दिया। एएमयू में मौजूद इमारतें सिर्फ बिल्डिंग नहीं हैं, इसके साथ शिक्षा का जो इतिहास जुड़ा है वो भारत की अमूल्य धरोहर है।

…आज एएमयू से तालीम लेकर निकले लोग भारत के श्रेष्ठ संस्थानों ही नहीं दुनियाभर में छाए हुए हैं। विदेश यात्राओं के दौरान यहां के अलुम्नाई मिलते हैं, जो गर्व से बताते हैं कि वो एएमयू से हैं। अपने 100 वर्ष के इतिहास में एएमयू ने लाखों जीवन को तराशा है, संवारा है। समाज के लिए देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा जाग्रत की है। एएमयू की ये पहचान और इस सम्मान का आधार वो मूल्य रहे हैं, जिन पर सर सैयद अहमद खां द्वारा इस यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई थी।

‘एएमयू ने इस्लामिक वर्ल्ड के साथ रिश्ते मजबूत करने में निभाई भूमिका’

बीते 100 वर्षों में AMU ने दुनिया के कई देशों से भारत के संबंधों को सशक्त करने का भी काम किया है। उर्दू, अरबी और फारसी भाषा पर यहाँ जो रिसर्च होती है, इस्लामिक साहित्य पर जो रिसर्च होती है, वो समूचे इस्लामिक वर्ल्ड के साथ भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊर्जा देती है।

‘बिना किसी मत मजहब के भेद के हर किसी तक पहुंच रहीं हमारी योजनाएं’

आज देश जो योजनाएँ बना रहा है वो बिना किसी मत मजहब के भेद के हर वर्ग तक पहुँच रही हैं। बिना किसी भेदभाव, 40 करोड़ से ज्यादा गरीबों के बैंक खाते खुले। बिना किसी भेदभाव, 2 करोड़ से ज्यादा गरीबों को पक्के घर दिए गए। बिना किसी भेदभाव 8 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को गैस मिला। बिना किसी भेदभाव आयुष्मान योजना के तहत 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज संभव हुआ। जो देश का है वो हर देशवासी का है और इसका लाभ हर देशवासी को मिलना ही चाहिए, हमारी सरकार इसी भावना के साथ काम कर रही है।

‘मतभेदों के नाम पर पहले ही बहुत समय जाया हो चुका है’

आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। जिस सदी को भारत की बताया जा रहा है, उस लक्ष्य की तरफ भारत कैसे आगे बढ़ता है, इसे लेकर सब उत्सुक हैं। इसलिए हम सबका एकनिष्ठ लक्ष्य ये होना चाहिए कि भारत को आत्मनिर्भर कैसे बनाएं। पिछली शताब्दी में मतभेदों के नाम पर बहुत समय पहले ही जाया हो चुका है। अब समय नहीं गंवाना है, सभी को एक लक्ष्य के साथ मिलकर नया भारत, आत्मनिर्भर भारत बनाना है।

‘सियासत के अलावा दूसरे मसले भी हैं’

समाज में वैचारिक मतभेद होते हैं, लेकिन जब बात राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति की हो, तो हर मतभेद किनारे रख देने चाहिए। जब आप सभी युवा साथी इस सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो ऐसी कोई मंजिल नहीं, जो हम हासिल न कर सकें। हमें समझना होगा कि सियासत सोसाइटी का अहम हिस्सा है। लेकिन सोसाइटी में सियासत के अलावा भी दूसरे मसले हैं। सियासत और सत्ता की सोच से बहुत बड़ा, बहुत व्यापक किसी देश का समाज होता है।

‘हमारी कोशिश कि मुस्लिम बेटियों का स्कूल ड्रॉपआउट कम से कम हो’

पहले मुस्लिम बेटियों का स्कूल ड्रॉपआउट रेट जो 70 फीसदी था, वो घटकर 30 फीसदी रह गया है। मुस्लिम बेटियों का स्कूल ड्रॉपआउट रेट कम से कम हो इसके लिए हमारी सरकार काम कर रही है। एएमयू में भी अब लड़कियों की संख्या बढ़कर 35 फीसदी हो गई है, इसके लिए मैं आपको बधाई देना चाहूंगा।

‘सरकार उच्च शिक्षा में सीटें बढ़ाने के लिए भी लगातार काम कर रही है’

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में 21वीं सदी में भारत के छात्र-छात्राओं की जरूरतों को सबसे ज्यादा ध्यान में रखा गया है। हमारे देश के युवा Nation First के अह्वान के साथ देश को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सरकार उच्च शिक्षा में दाखिला बढ़ाने और सीटें बढ़ाने के लिए भी लगातार काम कर रही है। वर्ष 2014 में हमारे देश में 16 IITs थे, आज 23 IITs हैं। वर्ष 2014 में हमारे देश में 9 IIITs थे, आज 25 IIITs हैं। वर्ष 2014 में हमारे यहां 13 IIMs थे, आज 20 IIMs हैं।

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