PM ने कृषि कानूनों पर दूर किया भ्रम, कहा- न MSP खत्म होगी और न मंडियां बंद होंगी, सब झूठ है

Webvarta Desk: कृषि कानूनों (Farms Law) को समझाने के लिए रायसेन में किसान महासम्मेलन का आयोजन किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कृषि कानूनों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर किया है। साथ ही कई चीजों पर सरकार की राय उन्होंने स्पष्ट कर दिया है। किसानों को पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया है कि एमएसपी खत्म नहीं होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि मंडियां भी कभी बंद नहीं होंगी।

पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि तकनीक की वजह से अब किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। इसकी चर्चा भी खूब हो रही है। पहले किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड नहीं मिलता था। अब हमने देश के हर किसान को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवाने के लिए नियमों में बदलाव किया है। अब किसानों को ज्यादा ब्याज पर कर्ज लेने से मुक्ति मिली है। पीएम ने किसानों से कहा कि हमारा मकसद अब देश में मजबूत भंडारण नेटवर्क का निर्माण करना है। इसके लिए हम उद्योग जगत से भी कह रहे हैं कि वो आगे आएं।

प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि अब भारत का किसान और पीछे नहीं रह सकते हैं। जो काम 25-30 साल पहले हो जाने चाहिए थे, उसे आज करनी की नौबत आई है। पहले लोग अपने घोषणा पत्र में इन सुधारों का जिक्र करते थे। लेकिन किसान उनकी प्राथमिकता नहीं है। आज जो कृषि सुधार हुए हैं, वह उनसे अलग नहीं है। उनको पीड़ा इस बात से नहीं है कि कृषि कानूनों में सुधार क्यों है। उनको पीड़ा इस बात को लेकर है कि इसे मोदी ने क्यों किया।

पीएम ने कहा कि किसानों के कंधे पर बंदूक रख वार किए जा रहे हैं। जो लोग किसानों के नाम पर आंदोलन कर रहे हैं, वे लोग जब सरकार में रहे तो किसानों के लिए क्या यह देश को याद रखना चाहिए। आज मैं देश के सामने सारी बात रखूंगा। ये लोग स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को 8 साल तक दबाए रखे हैं। इन लोगों ने अपनी राजनीति के लिए किसानों को समय-समय पर इस्तेमाल किया है। पीएम ने कहा कि हमने स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट को बाहर निकाला और एमएसपी को डेढ़ गुना किया।

किसानों के साथ धोखाधड़ी किया

मोदी ने कहा कि इनके धोखाधड़ी का सबसे बड़ा नमूना मध्यप्रदेश में है। इन लोगों ने किसानों से कर्जमाफी का वादा किया था। सरकार में आने के बाद एमपी में तरह-तरह के बहाने बनाए हैं। इसके साथ ही राजस्थान में भी ऐसा किया है। मैं पूछता हूं कि किसानों और कितना धोखा ये लोग देंगे। हर चुनाव से पहले कर्जमाफी की बात करते हैं। क्या छोटे किसान इसमें आते हैं। किसानों तक कभी पैसा नहीं पहुंचा था। बदले में किसानों को बैंकों का नोटिस और गिरफ्तारी का वारंट मिलता था। आठ-दस साल पुरानी रिपोर्ट में उनका कच्चा चिट्ठा मिल जाएगा।

ये लोग सिर्फ बड़े किसानों का कर्ज माफ करते हैं। देश अब इन लोगों को भली-भांति जान गया है। हमारी नियत गंगाजल और मां नर्मदा के पवित्र जल जैसी पवित्रता है। किसान सम्मान निधि के तहत पैसे सीधे किसानों के खाते में जा रहे हैं। यूरिया को लेकर किसान पहले लाठी खाते थे। हमने यह सुनिश्चित किया कि यूरिया सीधे किसानों के खाते में जाए। भ्रष्टाचार की जुगलबंदी को हमने बंद कर दिया है। बंद पड़े फर्टिलाइजर कंपनियां फिर से शुरू हो रही हैं।

झूठे वादे कर ये लोग सत्ता में आए

पीएम मोदी ने कहा कि हम किसानों को अन्न के साथ उर्जादाता भी बनाएंगे। ये लोग सिर्फ सत्ता के लिए किसानों का इस्तेमाल करते रहे हैं। 10 सालों से देश में कई सिंचाई परियोजनाएं पड़ी हुई थीं। हमने उस दिशा में भी काम किया है। एमपी में किसानों के भलाई के लिए खूब काम हो रहे हैं। पीएम ने कहा कि हमने कुछ उदाहरण इसलिए दिए हैं कि आप हमारी नियत को परख सके। कृषि कानूनों में अविश्वास का कोई कारण नहीं है।

एमएसपी रहेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों से साफ कर दिया है कि एमएसपी बंद नहीं होगी। अगर एमएसपी बंद करनी होती तो हम स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट क्यों लागू करते। हम किसानों को विश्वास दिलाना चाहता हैं कि एमएसपी पहले की तरह ही जारी रहेगी और कभी बंद नहीं होगी। पीएम ने कहा कि हमारी सरकार समय-समय पर एमएसपी बढ़ाती रही है। साथ ही यह भी जोर रहा है कि समय-समय पर किसानों से एमएसपी पर धान की खरीद की जाए।

विदेशों से मंगाई जाती थी दाल

पीएम ने कहा कि 2014 में देश में दलहन संकट थी। सरकार विदेशों से दाल मंगवा रही थी। ये लोग किसानों को तबाह कर रहे थे। विदेशों से दाल मंगवा कर ये लोग मौज कर रहे थे। आपदा के वक्त बाहर से दाल मंगवाई जा सकती है। लेकिन हमेशा क्यों। सरकार के लोग किसानों से सिर्फ डेढ़ लाख मीट्रिक टन दाल करते थे। हमारी सरकार ने दाल की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 50 हजार करोड़ रुपये दिए। हमने 112 लाख मीट्रिक टन दाल की खरीद एमएसपी पर की है।

किसान मंडी के बाहर बेच सकते हैं फसल

मोदी ने कहा कि नए कानूनों में हमने किसानों को सिर्फ इतना अधिकार दिया है कि वह अपनी फसल कहीं भी जाकर बेच सकते हैं। उसे जहां फायदा मिलेगा, किसान वहां जाकर बेच सकेगा। अगर किसान की मर्जी मंडी में फसल बेचने की है तो वह मंडी में ही जाकर अपनी फसल को बेचे। देश के हर किसानों को इसका लाभ मिलना चाहिए। किसानों को मंडियों से बांध कर सिर्फ पाप किया गया है। कानून लागू हुए 6 महीने हो गए हैं लेकिन देश में कोई मंडी बंद नहीं हुआ है। हम मंडियों के आधुनिकीकरण के लिए 500 करोड़ खर्च कर रहे हैं।

फॉर्मिंग एग्रीमेंट को लेकर झूठ

पीएम ने कहा कि फॉर्मिंग एग्रीमेंट को लेकर देश में सबसे बड़ा झूठ चल रहा है। ये परंपरा देश में वर्षों पुरानी है। पंजाब में ज्यादा से ज्यादा कृषि के क्षेत्र में निवेश हो, ये हमारे लिए खुशी की बात है। हमने नए फॉर्मिंग एग्रीमेंट में किसानों को सुरक्षा देने के लिए कुछ बदलाव किए हैं। एग्रीमेंट करने वाला अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता है। वह किसानों से जो वादा किया है, उसे निभाना पड़ेगा। फॉर्मिंग एग्रीमेंट में सिर्फ उपज और फसल का समौझता होता है। उसमें जमीन का कोई समझौता नहीं होता है। अगर व्यापारी एग्रीमेंट खत्म करता है तो उसे किसानों को जुर्माना देना होगा। लेकिन किसान अपनी मर्जी से एग्रीमेंट तोड़ सकता है।

प्रधानमंत्री ने किसानों को सावधान किया है कि जो हुआ ही नहीं है, उसके बारे में झूठ फैलाया जा रहा है। वैसे लोगों से बचिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी को शंका है तो हम किसानों से हर मुद्दे पर बात करने के लिए तैयार हैं। देश के किसानों का हित हमारे लिए सर्वोच्चय प्राथमिकताओं में से एक है। हमने कई विषयों पर देश के किसानों से बात की है। 25 दिसंबर को हम फिर से किसानों के साथ विस्तार से बात करेंगे।

कृषि मंत्री कमल पटेल ने किसानों को संबोधित करते हुए कि हमारी सरकार किसान हितैषी है। सीएम शिवराज सिंह ने पशुपालकों से किसान क्रेडिट कार्ड भी लॉन्च किया है। इसके साथ ही छतिपूर्ति के लिए किसानों के खाते में 1600 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। सीएम शिवराज ने नारा लगाते हुए कहा कि मोदी जी आगे बढ़ो और किसान कानून लागू करो।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं जब झूक कर प्रणाम करता हूं तो कांग्रेसियों को जलन होती है। लेकिन आज मैं फिर से किसानों को दंडवंत होकर प्रणाम कर रहा हूं। पीएम किसानों को खाते में सीधे 6 हजार रुपये डाल रहे हैं। कांग्रेस के लोगों को क्या पता है कि जरूरत के समय 6 हजार रुपये का क्या महत्व होता है। हमारी सरकार ने किसान भाइयों को क्रेडिट कार्ड दिया है। इसके साथ ही किसानों को बिना ब्याज लोन मिल रहा है। किसानों को मोदी सरकार में तुरंत राहत मिल रही है।

कांग्रेस के लोग मचा रहे हैं हल्ला

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस के लोग कृषि कानून पर हल्ला मचा रहे हैं। पहले किसान मंडी के बाहर अनाज बेच देते थे तो उन्हें पकड़ लिया था। अब मोदी जी ने यह कर दिया है कि किसान की मर्जी है अब, वह जहां चाहे बेचे। मंडी में बेचे या फिर अपने से बैठे हुए बेचे। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मंडी बंद नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मंडी हमेशा चालू रहेगी। किसान को जो आकर ज्यादा दाम दे, उसे बेच दे। शिवराज ने किसानों से कहा कि इसमें बुराई क्या है।

सीएम ने कहा कि किसान को बोते समय यह पता चला जाए कि रेट क्या मिलेंगे। यह व्यापारी से पहले ही तय हो जाए। इसे कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग कहते हैं। वहीं, पहले से तय रेट पर ही व्यापारी को माल खरीदना होगा। लेकिन किसान को लगे कि भाव ज्यादा है तो वह करार तोड़ सकता है। वहीं, इसके साथ ही पीएम ने अब स्टॉक लिमिट खत्म कर दी है। लेकिन कांग्रेस वाले घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। कांग्रेसियों के शासन में प्रदेश में बिजली नहीं मिलती थी।

वहीं, कृषि कानूनों पर आंसू राहुल बाबा बहा रहे हैं। लेकिन राहुल बाबा को यह भी नहीं पता है कि आलू जमीन पर उगता है कि जमीन के अंदर उगता है। ये लोग उपवास के नाम पर नाटक कर रहे हैं। कमलनाथ की सरकार फसल बीमा योजना की राशि खा गई थी। हमने जमा कर 3100 करोड़ रुपये किसानों के खाते में डलवाए।