अमेठी से फर्जी अनामिका शुक्ला गिरफ्तार; कन्नौज की रहने वाली है आरोपी, असली नाम आरती उर्फ आकृति

Anamika-Shukla

अमेठी, 17 जून (राम मिश्रा)। जहां पूरे देश में चर्चा का विषय बनी फर्जी शुक्ला को आज अमेठी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अनामिका शुक्ला के मामले में फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने का मामला 6 जून को अमेठी बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दर्ज कराया था। उसी मामले पर अमेठी कोतवाली पुलिस ने आज बस स्टेशन के पास से फर्जी अनामिका शुक्ला को गिरफ्तार किया है। पकड़ी गई फर्जी शिक्षिका कन्नौज जिले के विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के सरदाई गांव की रहने वाली है। एसपी ने बताया कि आरोपित युवती अनामिका शुक्ला के नाम पर उसके शैक्षिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र पर कस्तूरबा गांधी विद्यालय अमेठी में नौकरी कर रही थी। जिसे आज गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

पुलिस अधीक्षक डा. ख्याति गर्ग ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बुधवार सुबह अमेठी कोतवाली के इंचार्ज अपनी टीम के साथ गश्त पर थे कि मुखबिर से सूचना मिली कि फर्जी अनामिका शुक्ला अमेठी बस स्टाप पर खड़ी है। पुलिस टीम ने तत्काल वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया पूछताछ में फर्जी अनामिका ने अपना असली नाम बताया।एसपी ने बताया कि आरोपित फर्जी शिक्षिका ने पूछताछ में अपना नाम अनामिका शुक्ला बताया। कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने अपना नाम आरती उर्फ आकृति उर्फ अन्नू पुत्री रामधनी बताया। वो मूल रूप से यूपी के कन्नौज जिले के विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के सरदामई गांव की है निवासी है।

एसपी ने यह भी बताया कि सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा)प्रभाकर मिश्र ने 6 जून को अनामिका शुक्ला के विरुद्ध लिखित तहरीर दिया था। उन्होंने तहरीर में लिखा था कि समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला है कि अनामिका शुक्ला अमेठी सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में कार्यरत है। उसे समस्त प्रमाण पत्रों के साथ उपास्थित होकर साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन निर्धारित समय में वो उपास्थित नहीं हुई जिसके बाद आज उसे गिरफ्तार करने के साथ सम्बन्धित धाराओ में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेजा जा रहा है।