OCI कार्ड होल्‍डर्स पर मोदी सरकार सख्‍त! पत्रकारिता, तबलीग जैसी एक्टिविटी के लिए खास परमिशन जरूरी

Webvarta Desk: केंद्रीय गृह मंत्रालय (Home Minister) ने ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) के लिए नए नियम लाग किए हैं। अब ऐसे नागरिकों को भारत में पत्रकारिता, मिशनरी या ‘तबलीग’ से जुड़ी गतिविधियों के लिए खासतौर पर इजाजत (Overseas Citizens Need Special Permit) लेनी होगी।

गुरुवार को जारी नोटिफिकेशन में केंद्र ने कहा कि OCI कार्ड होल्‍डर्स को किसी भी मकसद के लिए मल्‍टीपल एंट्री लाइफलॉन्‍ग वीजा का हक है लेकिन रिसर्च करने या किसी मिशनरी या तबलीग या पर्वतारोहण या पत्रकारिता से जुड़ी गतिविधि में शामिल होने के लिए फॉरेनर्स रीजनल रजिस्‍ट्रेशन ऑफ‍िसर या भारतीय मिशन से स्‍पेशल परमिशन लेनी (Overseas Citizens Need Special Permit) होगी। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि ये नियम 2019 में छपे ‘ब्रोशर’ का हिस्‍सा थे लेकिन इन्‍हें हाल ही में नोटिफाई किया गया है।

दो साल पहले रद्द हुआ था आतिश तासीर का OCI कार्ड

साल 2019 में केंद्र सरकार ने लेखक और पत्रकार आतिश तासीर का OCI कार्ड निरस्‍त कर दिया था। तासीर ने इस कदम से कुछ दिन पहले ही TIME मैगजीन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आम चुनाव पर “India’s Divider in Chief” हेडलाइन से एक आलोचनात्‍मक लेख लिखा था।

गृह मंत्रालय ने कहा था कि उन्‍होंने ‘यह तथ्‍य छिपाया था कि उनके स्‍वर्गीय पिता पाकिस्‍तानी मूल के थे।’ आतिश एक ब्रिटिश नागरिक हैं और पाकिस्‍तान के दिवंगत राजनेता सलमान तासीर और भारतीय पत्रकार तवलीन सिंह के बेटे हैं।

किन्‍हें मिलता है OCI कार्ड?
  • किसी अन्य देश का ऐसा नागरिक जो संविधान लागू होने के बाद किसी भी दौर में भारत का नागरिक रहा हो
  • किसी अन्य देश का ऐसा नागरिक जो भारत का संविधान लागू होने के बाद नागरिक बनने की योग्यता रखता हो
  • किसी अन्य देश का ऐसा नागरिक जो भारत के ही ऐसे किसी हिस्से से रहा हो, जो 15 अगस्त, 1947 के बाद भारत में शामिल हुआ है
  • संविधान लागू होने के बाद किसी भी दौर में भारत के नागरिक रहे व्यक्ति के पुत्र-पुत्री, पौत्र-पौत्री और प्रपौत्र एवं प्रपौत्री इसके हकदार हैं
  • पाकिस्तान और बांग्लादेश की नागरिकता रखने वाले लोगों के लिए यह सुविधा नहीं है
OCI कार्ड होल्‍डर्स को मिलते हैं NRI जैसे अधिकार

भारतीय मूल के कुछ विदेशी नागरिकों को भारत OCI का दर्जा देता है। उन्‍हें कुछ मामलों में अनिवासी भारतीयों के बराबर अधिकार हासिल हैं। कृषि भूमि को छोड़कर बाकी अचल संपत्ति की खरीद या बिक्री में दोनों को समान अधिकार मिले हुए हैं। कुछ प्रवेश परीक्षाओं तथा भारतीय बच्चों को गोद लेने से जुड़े अधिकार भी दोनों के लिए समान हैं।