Garib Kalyan Rojgar Abhiyan

Garib Kalyan Rojgar Abhiyan: क्या है गरीब कल्याण रोजगार अभियान, जानें सबकुछ

New Delhi: प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार के खगड़िया जिले में ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ (Garib Kalyan Rojgar Abhiyan) को लॉन्च किया। कोरोना संकट (Coronavirus pandemic) के बीच लाखों प्रवासी मजदूरों (Migrant workers) अपने घर पहुंचे। उन्हें रोजगार देने के मकसद से ही इस योजना को लॉन्च किया गया है।

गरीब कल्याण रोजगार अभियान (Garib Kalyan Rojgar Abhiyan) को लॉन्च करते हुए पीएम मोदी ने लद्दाख की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लद्दाख में हमारे वीरों ने जो बलिदान दिया है, मैं गौरव के साथ इस बात का जिक्र करना चाहूंगा कि ये पराक्रम बिहार रेजीमेंट का है, हर बिहारी को इसका गर्व होता है। पीएम ने कहा कि मैं शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देता हूं।

बिहार में सबसे ज्यादा 32 जिले

इस अभियान के तहत सरकार ने छह राज्यों के 116 जिलों की पहचान की है। इन जिलों में करीब 67 लाख प्रवासी मजदूर वापस हुए हैं। इन 116 जिलों में बिहार में 32, उत्तर प्रदेश में 31, मध्य प्रदेश में 24, राजस्थान में 22, ओडिशा में 4 और झारखंड में 3 जिले शामिल हैं।

125 दिन रोजगार

ये 116 वो जिले हैं जहां 25 हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूर वापस आए हैं। ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ के तहत साल में 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है।

अभियान का बजट 50 हजार करोड़

सरकार ने ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ का बजट 50 हजार करोड़ रुपये रखा है। कामगारों को स्किल के हिसाब से 25 सरकारी स्कीम के काम दिए जाएंगे। इस अभियान को लागू करने से पहले सरकार ने स्किल मैपिंग की है। आत्मनिर्भर भारत में भी प्रवासी मजदूरों के लिए मनरेगा योजना में पहले ही 40 हजार करोड़ एक्स्ट्रा की घोषणा की जा चुकी है। इस साल मनरेगा का बजट बढ़कर अब 1 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट का होगा काम

वित्त मंत्री ने इस अभियान को लेकर कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत पैकेज का हिस्सा है। जब मजदूरों को काम मिलेगा तो उनके हाथ में पैसे आएंगे और वे खर्च कर अर्थव्यवस्था में गति लाने का काम करेंगे। इसके अलावा उनके स्किल का इस्तेमाल रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट में भी किया जाएगा।

ये काम कराएं जाएंगे

इस अभियान के तहत कम्युनिटी सैनिटाइजेशन कॉम्पलेक्स, ग्राम पंचायत भवन, वित्त आयोग के फंड के अंतर्गत आने वाले काम, नैशनल हाइवे वर्क्स, जल संरक्षण और सिंचाई, कुएं की खुदाई. पौधारोपण, हॉर्टिकल्चर, आंगनवाड़ी केंद्र, पीएमआवास योजना (ग्रामीण), पीएम ग्राम संड़क योजना, रेलवे, श्यामा प्रसाद मुखर्जी RURBAN मिशन, पीएम KUSUM, भारत नेट के फाइबर ऑप्टिक बिछाने, जल जीवन मिशन आदि के काम कराए जाएंगे।

सरकार ने पहले तैयार कर ली है प्रवासी मजदूरों की लिस्ट

केंद्र सरकार का कहना है कि जो मजदूर श्रमिक स्पेशल या राज्य सरकार द्वारा अन्य तरीके से गांव वापस भेजे गए हैं, उनके नाम की सूची पहले से ही सरकार के पास है। उसी सूची के आधार पर उन्हें काम दिलवाया जाएगा। जो व्यक्ति किसी शहर से पलायन कर पैदल या किसी अन्य साधन से अपने गांव पहुंचे हैं, उनकी सूची भी संबंधित जिला के जिलाधिकारी ने तैयार कर लिया है। तब भी, आप एक बार अपना नाम उस सूची में चेक कर लें तो बेहतर होगा।

योजना के बारे में कहां लें जानकारी?

प्रवासी मजदूरों को अगर इस योजना के बारे किसी तरह की जानकारी चाहिए तो वे नजदीकी ग्राम पंचायत या विकास खंड कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

ब्लॉक या तहसील कार्यालय में करें संपर्क

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय, जो कि इस अभियान के लिए नोडल मंत्रालय बनाया गया है, के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इस रोजगार अभियान में काम कराने से लेकर मजदूरी के भुगतान का काम, सब राज्य सरकार के अधिकारी ही करेंगे। इसलिए काम पाने के इच्छुक व्यक्ति सीधे केंद्र सरकार से संपर्क साधने के बजाय अपने ब्लॉक या तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क में रहें।

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