डरा रही कोरोना पर यह रिसर्च, भारत में रोजाना 2.87 लाख नए कोरोना केस की आशंका

New Delhi: हमारे देश में कोरोना (Coronavirus) संक्रमण की रफ्तार थमती नहीं दिख रही है। अब तो हर दिन 25 हजार के करीब नए कोविड-19 मरीज सामने आने लगे हैं। लेकिन, बड़ी चिंता की बात यह है कि एक स्टडी (MIT Research on Covid-19) में हर दिन नए कोरोना केस का आंकड़ा बढ़कर 11 से 12 गुना ज्यादा होने की आशंका जताई गई है।

मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (MIT) के तीन रिसर्चरों (MIT Research on Covid-19) ने कहा है कि अगर कोविड-19 महामारी के इलाज का वैक्सीन नहीं मिला तो भारत में अगले वर्ष की सर्दियों में हर दिन करीब 3 लाख नए मामले सामने आ सकते हैं।

तब तक दुनिया में 24.9 करोड़ केस, 18 लाख मौतें!

रिसर्चरों ने चेतावनी दी है कि कोविड-19 वैक्सीन या दवाओं के अभाव में भारत में 2021 में सर्दी के अंत तक प्रति दिन कोरोनावायरस के 2.87 लाख मामले दर्ज हो सकते हैं।

एमआईटी के स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के शोधकर्ता हाजिर रहमानदाद, टीवाई लिम और जॉन स्टरमैन द्वारा किए गए अध्ययन (MIT Research on Covid-19) के अनुसार, दुनिया में 2021 में वसंत के मौसम तक 24.9 करोड़ मामले और 18 लाख मौतें हो सकती हैं। शोधकर्ताओं ने साफ कहा है कि ये अनुमानित आंकड़े वैक्सीन की खोज नहीं होने और इलाज की उपलब्धता के अभाव के मद्देनजर पेश किए गए हैं।

84 देशों में 4.75 अरब लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण

शोधकर्ताओं ने 84 देशों में 4.75 अरब लोगों के विश्वसनीय जांच आंकड़ों के आधार पर एक डायनैमिक एपिडेमियोलॉजिकल मॉडल तैयार किया है। इस अध्ययन के लेखकों ने लिखा है, ‘हमने वैश्विक स्तर पर कोविड-19 महामारी को लेकर सभी देशों के लिए अनुमान लगाने का मॉडल बनाया है। हमारा मॉडल रोग के प्रसार की गतिशीलता को पकड़ता है।’

देखना पड़ेगा कोरोना का और विकराल रूप?

उनका कहना है कि यह अनुमान जांच की मौजूदा गति, सरकारी नीतियों और आम लोगों का कोविड-19 के प्रति रवैये को ध्यान में रखकर जताया गया है। इसलिए, इसे संभावित जोखिम के तौर पर देखा जाना चाहिए, न कि भविष्य की गारंटी के रूप में।

रिसर्चरों का कहना है कि अगर जांच में और तेजी लाई जाए और आपसी संपर्क सीमित किया जाए तो महामारी के फैलने की आशंका भी कमजोर पड़ेगी। इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में कोरोना का और विकराल रूप देखा जा सकता है।

भारत के साथ टॉप 10 में ये देश

इस अध्ययन के अनुसार, 2021 में सर्दियों के अंत तक जिन देशों में दैनिक संक्रमण दर का अनुमान लगाया गया है, उनमें शीर्ष 10 देशों में भारत, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, ईरान, इंडोनेशिया, यूके, नाइजीरिया, तुर्की, फ्रांस और जर्मनी शामिल हैं।

अध्ययन के मुताबिक, सर्दियों के अंत तक भारत सबसे अधिक प्रभावित देश होगा। इसके बाद अमेरिका (95 हजार मामले प्रति दिन), दक्षिण अफ्रीका (21 हजार मामले प्रति दिन), ईरान (17 हजार मामले प्रति दिन) और इंडोनेशिया (13 हजार मामले प्रति दिन) होंगे।

3 परिस्थितियों के आधार पर अध्ययन

शोधकर्ताओं ने तीन संभावित परिस्थितियों के मद्देनजर ये अनुमान पेश किए हैं। पहला- हर देश में जांच की दर और वहां महामारी के प्रति सजगता का स्तर, दूसरा- अगर जांच में प्रतिदिन 0.1 प्रतिशत की वृद्धि कर दी जाए और तीसरा- अगर मौजूदा स्तर की जांच से हटकर संभावित जोखिम के प्रति संपर्क दर की संवेदनशीलता 8 मान ली जाए।

12 गुना बढ़ सकते हैं केस

पहली दो परिस्थितियों में 2020 के आखिर तक कुछ देशों – खासकर भारत में, उसके बाद बांग्लादेश, पाकिस्तान और अमेरिका में भी – लाखों नए कोरोना केस होंगे। एमआईटी के शोधकर्ताओं ने यह भी कहा है कि संक्रमण की दर पूर्व की तुलना में 12 गुना और मृत्यु की दर पहले की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक है।

हवा से भी फैल रहा है कोरोना

दुनिया के लगभग 32 देशों के वैज्ञानिकों ने पिछले दिनों तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के मामले को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से इस बात के सुबूत दिए थे कि कोरोना वायरस हवा के जरिए भी फैल रहा है। इसके साथ ही यह अपील की जा रही कि WHO कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने के माध्यम में, हवा को भी शामिल करें।

इस पर डब्ल्यूएचओ ने सहमति जताने से इनकार करते हुए कहा था कि बिना इसकी पुष्टि के यह नहीं कहा जा सकता कि कोरोना वायरस हवा के जरिए भी फैल सकता है। अब संगठन ने इस मामले में बयान जारी कर कहा है कि कुछ विशेष मामलों को देखते हुए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कोरोना वायरस का संक्रमण हवा के जरिए फैल सकता है। इसका मतलब, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी अब इस बात को काफी हद तक स्वीकार कर लिया है कि कोरोना वायरस का संक्रमण हवा के जरिए भी फैल रहा है।

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