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प्रवासी मजदूरों को घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी राज्यों कीः केंद्र

हाइलाइट्स
  • सड़कों और रेलवे पटरियों पर प्रवासी मजदूरों को देखने पर उन्हें खाना और आश्रय मुहैया कराएं राज्य
  • देश के विभिन्न हिस्सों में सड़कों, रेलवे ट्रैक और ट्रकों में प्रवासी मजदूर जाते हुए दिख रहे हैं
  • रेलवे मंत्रालय रोज सौ से अधिक श्रमिक विशेष ट्रेनें चला रहा है
  • प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने की जिम्मेदारी राज्यों की है

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा है कि सड़कों और रेलवे पटरियों पर प्रवासी मजदूरों को देखने पर वे उन्हें खाना और आश्रय मुहैया कराएं और यह सुनिश्चित करें कि वे अपने गंतव्य तक विशेष ट्रेनों में जा सकें। सभी राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन को लिखे पत्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि अभी भी देश के विभिन्न हिस्सों में सड़कों, रेलवे ट्रैक और ट्रकों में प्रवासी मजदूर जाते हुए दिख रहे हैं।

 उन्होंने कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पहले सलाह दी गई थी कि प्रवासी मजदूर अगर रास्ते पर चलते दिखे तो उन्हें समझाया जाए और समीप के आश्रय स्थलों में ले जाकर उनके खाने और पानी की व्यवस्था की जाए जब तक कि वे अपने गंतव्य जाने के लिये श्रमिक विशेष ट्रेन या बस ना पकड़ लें।

सड़कों और रेलवे ट्रैक पर न मिले कोई मजदूर
भल्ला ने कहा कि सरकार ने श्रमिक विशेष ट्रेनों और बसों में प्रवासी मजदूरों की यात्रा की अनुमति दे दी है ताकि वे अपने अपने ठिकानों पर पहुंच जाएं। उन्होंने कहा, ‘अब यह सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है कि जो प्रवासी मजदूर अपने प्रदेश जाना चाहते हैं, उसकी व्यवस्था की जाए।’

उन्होंने कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के तालमेल से रेलवे मंत्रालय रोज सौ से अधिक श्रमिक विशेष ट्रेनें चला रहा है। इसके साथ ही जरूरत होने पर अतिरिक्त ट्रेनें भी चलाई जा रही है। भल्ला ने कहा, ‘मैं आपसे आग्रह करता हूं कि यह सुनिश्चित करें कि अब कोई प्रवासी मजदूर सड़कों और रेलवे ट्रैक पर नहीं पाया जाए और उन्हें विशेष बसों या श्रमिक विशेष ट्रेन में बिठाया जाए।’

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