ISI एजेंट ने मह‍िला बन HAL कर्मी को फंसाया, और उगलवा लिए ल’ड़ा’कू विमानों के सीक्रेट

New Delhi: पाक‍िस्‍तानी खुफ‍िया एजेंसी ISI भारतीय सेना की ताकत और ल’ड़ा’कू विमानों की जानकारी के ल‍िए नई चालें चल रहा है। आलम यह है क‍ि पाक‍िस्‍तान में बैठे उसके एजेंट भारतीय सेना और ल’ड़ा’कू विमानों से जुड़े जवानों को लड़की बनाकर फंसा रहे हैं। वो जवानों से प्‍यारी-प्‍यारी बातें करके गोपनीय सूचनाएं हास‍िल कर रहे हैं।

कुछ इस तरह का मामला शुक्रवार को महाराष्‍ट्र में सामने आया है। महाराष्‍ट्र एटीएस ने ISI को भारतीय ल’ड़ा’कू विमान संबंधी जानकारी मुहैया कराने के मामले में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के एक कर्मी को गिर’फ्तार किया गया है।

पुलिस ने बताया कि एचएएल में सहायक पर्यवेक्षक के तौर पर काम करने वाले 41 साल के दीपक शिरसत को एक पाकिस्तानी नागरिक ने सोशल मीडिया पर एक महिला बनकर ‘मोहपाश’ में फंसाया।

एटीएस डीसीपी विनय राठौड़ ने बताया कि अभी तक की जांच में यह बात सामने आई है कि दीपक शिरसत को एक पाकिस्तानी नागरिक, संभवत: आईएसआई के एक हैंडलर ने मोहपाश में फंसाया और उससे एक महिला बनकर चैट किया।

राठौड़ ने बताया कि पाकिस्तानी नागरिक ने शिरसत से कहा कि उसे विमान पसंद हैं। इसके बाद एचएएल कर्मी ने भारत के लड़ाकू विमान के बारे संवेदनशील सूचना व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया मंचों पर उसके साथ शेयर करनी शुरू कर दी।

आईएसआई को मुहैया करा रहा था गोपनीय जानकारी

पुलिस के एक बयान में कहा गया कि राज्य आ’तं’कवा’द रोधी दस्ते (एटीएस) की नासिक इकाई को व्यक्ति के बारे में विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी जो आईएसआई के लगातार संपर्क में था।

बयान में कहा गया कि व्यक्ति भारतीय लड़ाकू विमान के बारे में गोपनीय सूचना और उसकी संवेदनशील जानकारी के अलावा नासिक के पास ओझर स्थित एचएएल विमान विनिर्माण इकाई, एयरबेस और विनिर्माण इकाई में प्रतिबंधित क्षेत्र संबंधी जानकारी मुहैया करा रहा था।

गोपनीयता कानून के तहत एक मामला दर्ज

एक अधिकारी ने बताया कि शिरसत के खिलाफ शासकीय गोपनीयता कानून के तहत एक मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि नासिक एटीएस इकाई के अधिकारियों ने व्यक्ति को नासिक स्थित उसके घर से गिर’फ्तार किया।

उन्होंने बताया कि उसके कब्जे से पांच सिम कार्ड के साथ ही तीन मोबाइल फोन और दो मेमोरी कार्ड जब्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि फोन और सिम कार्ड को जांच के लिए फोरेंसिक साइंस प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि आरोपी को शुक्रवार को अदालत के समक्ष पेश किया गया और उसे 10 दिन के लिए एटीएस की हिरासत में भेज दिया गया।

एचएएल के नासिक एयरक्राफ्ट ड‍िवीजन में होता है ये काम

एचएएल का नासिक स्थित विमान प्रभाग की स्थापना मिग-21 एफएल विमान और के-13 मिसाइलों के लाइसेंसी निर्माण के लिए 1964 में की गई थी। यह नासिक से करीब 24 किलोमीटर दूर और मुंबई से करीब 200 किलोमीटर दूर ओझर में स्थित है।

इस प्रभाग ने मिग-21 एम, मिग-21 बीआईएस, मिग-27 एम और अत्याधुनिक विमान सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान जैसे विमानों का भी निर्माण किया है। यह प्रभाग मिग श्रृंखला के विमानों और सुखोई-30 एमकेआई विमान की मरम्मत का काम भी करता है।