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लोकसभा चुनाव : राहुल ने ली हार की जिम्मेदारी, मोदी को दी बधाई

नई दिल्‍ली, 23 मई (वेबवार्ता)। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी ली है। राहुल गांधी ने कहा, ‘यह दो विचारधाराओं की लड़ाई है। हम दो अलग-अलग सोच हैं, लेकिन यह मानना पड़ेगा कि इस इलेक्शन में नरेंद्र मोदी और बीजेपी जीते हैं। मैं उन्हें बहुत-बहुत बधाई देता हूं।’ यही नहीं नतीजे के ऐलान से पहले ही उन्होंने अपने परंपरागत गढ़ अमेठी में हार को स्वीकार करते हुए स्मृति इरानी को जीत की बधाई दी।

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा, ‘मैंने चुनाव अभियान में कहा था कि जनता मालिक है। आज जनता ने अपना फैसला दे दिया है। मैं पीएम मोदी को बधाई देता हूं। हमारे जो उम्मीदवार लड़े, उनका धन्यवाद करता हूं। हमारी लड़ाई विचारधारा की लड़ाई है। हमें मानना पड़ेगा कि इस चुनाव में मोदी जीते हैं। अमेठी में स्मृति ईरानी जीत गई हैं। मैं चाहता हूं कि प्यार से अमेठी की जनता की देखभाल करें। क्या गलत हुआ है इस पर मैं आज कुछ नहीं कहूंगा, आज ही रिजल्ट आया है, इस पर आज मैं टिप्पणी नहीं करूंगा। जनता मालिक है जनता ने साफ फैसला दिया है।’

इसके साथ ही राहुल गांधी ने नतीजों को लेकर किसी तरह का सवाल उठाने से इनकार करते हुए कहा, ‘मैं देश के लोगों के निर्णय पर किसी तरह का सवाल नहीं उठाना चाहता और मैं जनादेश का पूरा सम्मान करता हूं।’ बेरोजगारी और इकॉनमी जैसे मुद्दों को तरजीह देने को गलती के सवाल पर राहुल ने कहा कि आज मैं यह नहीं कहना चाहता हूं। यह इस बात का समय नहीं है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने हार की जिम्मेदारी को लेकर सवाल पूछा तो राहुल ने कहा कि इसकी शत-प्रतिशत जिम्मेदारी मैं लेता हूं। राहुल ने कांग्रेस की राजनीति को पॉजिटिव करार देते हुए कहा कि बहुत लंबा कैंपेन था और मैंने एक लाइन रखी थी कि मेरे ऊपर जो भी गलत शब्द इस्तेमाल किए जाएं, मैं प्यार से जवाब दूंगा। चाहे कुछ भी हो जाए, मैं जवाब में प्यार से ही बोलूंगा।

राहुल गांधी ने कांग्रेस वर्कर्स का हौसला बढ़ाते हुए कहा, ‘बहुत लंबा कैंपेन था और मैंने एक लाइन रखी थी कि मेरे ऊपर जो भी गलत शब्द इस्तेमाल किए जाएं, मैं प्यार से जवाब दूंगा। चाहे कुछ भी हो जाए, मैं जवाब में प्यार से ही बोलूंगा।’ वहीं प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के बाद राहुल गांधी के अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा देने की खबर भी सूत्रों के हवाले से आई, लेकिन रणदीप सुरजेवाला की ओर से इस खबर का खंडन कर दिया गया। राहुल गांधी से जब हार की जिम्‍मेदारी लेने का सवाल किया गया, तब उन्‍होंने कहा कि यह पार्टी और मेरे बीच की बात है।

गौरतलब है कि 17वीं लोकसभा के लिए हुए चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मैजिक बरकरार नजर आ रहा है। मतदाताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ‘न्याय’ योजना और उनकी नकारात्मक राजनीति को खारिज कर दिया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रवाद और विकास के एजेंडे को खुले मन से स्वीकार किया है। चुनाव आयोग की ओर से जारी 542 सीटों के रुझानों के मुताबिक भाजपा 292 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि कांग्रेस सिर्फ 51 सीटों पर आगे है। अगर राजग के घटक दलों की सीटें भी इसमें जोड़ ली जाएं यह आंकड़ा 343 तक पहुंच रहा है। खास बात यह है कि विपक्षी दलों को एकजुट करने की मुहिम में जुटे टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश में अपनी सरकार बचा पाने में भी विफल साबित हो रहे हैं। आंध्र में वाईएसआर कांग्रेस ने एक तरह से टीडीपी का सफाया कर दिया है। अंतिम नतीजों तक अगर यही रुझान बरकरार रहे, तो भाजपा 2014 से भी बेहतर प्रदर्शन करने जा रही है, क्योंकि तब भाजपा ने सिर्फ 282 सीटें हासिल की थीं और राजग को कुल 336 सीटें हासिल हुई थीं।

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