नेता-अफसर का MMS लीक कर सुर्खियों में आया था जीतू सोनी, इसके होटल से मिली थीं 67 लड़कियां

New Delhi: अखबार की आड़ में ब्लैकमेंलिंग कर अरबों की कमाई करने वाला जीतू सोनी (Jeetu Soni) गुजरात से गिरफ्तार हो गया है। जीतू सोनी के काले कारनामों की फेहरिस्त बहुत लंबी है, उसके धौंस के आगे इंदौर में कभी किसी ने आवाज उठाने की हिमाकत नहीं की थी। बताया जाता है कि इंदौर के कुछ अधिकारियों और नेताओं की सरपरस्ती भी थी।

यहीं वजह है कि उसने (Jeetu Soni) अपने काले धंधे को बेखौफ होकर संचालित किया। बड़े लेवल पर ब्लैकमेंलिंग की चाहत ने उसकी कलई खोल दी। हनीट्रैप मामले एक पीड़ित की शिकायत के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई और चंद दिनों के अंदर ही 56 केस दर्ज हो गए हैं। प्रशासन ने उसके साम्राज्य को नेस्तनाबूद कर दिया।

हनीट्रैप से हुई शुरुआत

दरअसल, सितबंर 2019 में एमपी में हनीट्रैप का खुलासा हुआ था। भोपाल 5 हाईप्रोफाइल महिलाओं की गिरफ्तारी हुई थी। आरोप था कि इन महिलाओं के पास कई हाईप्रोफाइल लोगों के वीडियो हैं, जिसमें अफसर और नेता शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी के बाद एमपी में हड़कंप मच गया।

महिलाओं की गिरफ्तारी के बाद रोज नए-नए खुलासे होने लगे। इनकी गिरफ्तारी इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर हुई थी। गिरोह की महिलाओं ने हरभजन सिंह के अश्लील वीडियो बना लिए थे और 3 करोड़ रुपये की डिमांड कर रहे थे। इनकी चपेट में एक पूर्व सीएम भी थे।

कई अहम चीजें एसआईटी के हाथ लगीं

भोपाल से गिरफ्तार इन महिलाओं को लेकर पुलिस इंदौर चली गई थी। इनके पास से कई सीडी, हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव मिले, जिसमें सैकड़ों की संख्या वीडियो और ऑडियो क्लिप थे। वीडियो और ऑडियो क्लिप में आईएएस अधिकारी तक नजर आ रहे थे। इसी में से कुछ वीडियो क्लिप लीक हो गए और जीतू सोनी तक पहुंच गया।

वीडियो लीक

नवबंर में जीतू सोनी हनीट्रैप के शिकार हुए एक नेता और दो अफसरों के वीडियो और ऑडियो क्लिप लीक कर दिया। अपने सांध्य अखबार में उसे खुलेआम छापा और यूट्यूब पर वीडियो डाल दिया। उसके बाद एमपी में सियासी भूचाल आ गया। बताया जाता है कि इन वीडियो के जरिए जीतू पीड़ित लोगों से मोटी रकम वसूलने की फिराक में था। उसके बाद प्रशासनिक महकने में खलबली मच गई कि आखिर ये वीडियो जीतू तक पहुंचा कैसे। कई पुलिस अधिकारियों पर भी गाज गिरी।

जीतू पर एफआईआर

वीडियो लीक होने के बाद एक फरियादी ने जीतू के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। उसके बाद जीतू के काले कारनामों का खुलासा होने लगा। जीतू अखबार की आड़ में कई काले धंधे करता था, जिसमें डांस बार भी शामिल था। डांस बार के जरिए वह रसूखदारों का वीडियो बनाता था और उन्हें ब्लैकमेल करता था।

कार्रवाई शुरू

एफआईआर के बाद 30 नवंबर 2019 को सबसे जीतू सोनी के कई ठिकानों पर प्रशासन ने एक साथ रात 11 बजे छापेमारी शुरू की। इसमें उसका माय होम होटल भी शामिल था। जहां से पुलिस को कई अहम सबूत मिल थे।

67 लड़कियां मिलीं

जीतू के माय होम होटल से छापेमारी के दौरान 67 लड़कियां मिली थीं। यह लड़कियां जीतू के अवैध बार डांस में काम करती थीं। जीतू इन्हें कैद कर होटल में ही रखता था, बाहरी लोगों से ये लोग संपर्क नहीं कर सकते थे। लड़कियों मिलने के बाद 1 दिसंबर 2019 को जीतू के खिलाफ मानव तस्करी, आईटी एक्ट सहित 5 एफआईआर दर्ज की गई। साथ ही उसके बेटे अमित सोनी को गिरफ्तार कर लिया गया।

दूसरे जगहों पर भी पड़ा छापा

होटल के बाद जीतू सोनी के प्रेस कॉम्पलेक्स स्थित मीडिया हाउस, आवास और दूसरे होटलों पर छापा पड़ा। इस दौरान इनके अवैध निर्माण का खुलासा हुआ। 5 दिसंबर को सुबह माय होम, होटल बेस्ट वेस्टर्न, ओ-2 और जीतू सोनी के घर बुलडोजर चलना शुरू हो गया। एक-एक कर प्रशासन ने सभी को ध्वस्त कर दिया। उसके बाद जीतू के घर को भी तोड़ा गया।

ताबड़तोड़ दर्ज होने लगे एफआईआर

जीतू सोनी पर जब प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की, तो उसके खिलाफ एफआईआर भी ताबड़तोड़ दर्ज होने लगे। ब्लैकमेंलिंग और धोखाधड़ी के 56 केस दर्ज हो गए। उसके बाद जीतू इंदौर से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी होती रही, लेकिन वह हाथ नहीं आया। 7 महीने बाद गुजरात से उसकी गिरफ्तारी हुई है।

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