जम्मू कश्मीर पुलिस ने रचा इतिहास.. वीरता के लिए मिले सबसे ज्यादा 81 पदक

New Delhi: जम्मू कश्मीर (Jammu-Kashmir) को इस साल वीरता के लिए सबसे अधिक पदकों (Gallantry Medal) से नवाजा गया है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस (Independence Day 2020) को लेकर पदकों की घोषणा की गई है। इसमें वीरता के लिए जम्मू कश्मीर प्रदेश सबसे आगे रहा है।

वीरता के लिए मंत्रालय की तरफ से सभी राज्यों की पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ तथा अन्य अर्धर्सनिक बलों को कुल 215 पदकों (Gallantry Medal) से नवाजा गया है। जिसमें जेकेपी को 81 पदक दिए गए है। दूसरे नंबर पर सीआरपीएफ रही है। जिसे वीरता के लिए 55 पदक मिले है।

वीरता के लिए जिन पुलिस के कर्मचारियों को पदक दिया गया है। इनमें सभी वह हैं जिन्होंने आ’तं’कवा’द का खा’त्मा करने में बेहतर काम करके दिखाया है। जिसके बाद पुलिस मुख्यालय की तरफ से उनके नाम को आगे एमएचए को भेजा गया था और फिर वहां से पदक देने की घोषणा हुई है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिले 81 पदक

केन्द्रीय गृह मंत्रालय (Home Ministry) की तरफ से हर साल स्वतंत्रता दिवस (Independence Day 2020) पर पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों को पदक दिए जाते है। इस साल स्वतंत्रता दिवस पर एमएचए की तरफ से देश भर में वीरता के लिए कुल 215 पदक दिए गए। प्रतिष्ठित के लिए 80 तथा मेधावी सेवा के लिए 31 पदक दिए गए है। इसमें जेकेपी के हिस्से में कुल 94 पदक आए है। जिसमें वीरता के लिए 81, प्रतिष्ठित का एक तथा 12 मेधावी सेवा के लिए मिले है।

शामिल हुए ये जांबाज

जिन अफसरों को मेडल से नवाजा गया है। उनमें डीआईजी अतुल गोयल शामिल है। जोकि इस समय कश्मीर रेंज डीआईजी तैनात है। इन्होंने ही बर्खास्त डीएसपी देवेन्द्र सिंह को आ’तं’कियों के साथ पकड़ा था। जिसके बाद मामला काफी बड़ा निकला था। आ’तंकि’यों के पूरे नेटवर्क का पता चला था। इसके अलावा डीआईजी के विरदी, एसएसपी संदीप जोकि कश्मीर के जिले में तैनात रहकर आ’तं’कियों के खिलाफ आपरेशनों को जारी रखे हुए है।

आईपीएस गुरविन्द्र पाल सिंह ने कश्मीर में तैनात रहते हुए यहा आ’तं’कियों के खिलाफ ऑपरेशन में कई को मा’र गिराया। वहीं दूसरी तरफ आ’तं’कियों के मददगारों के नेटवर्क को भी पकडा है। तेजेन्द्र सिंह, एसएसपी युगल मन्हास, रंदीप कुमार, आरसी कोतबाल, मनोज पंडिता, ताहिर सलीम खान भी इस लिस्ट में शामिल है।

कश्मीर में आ’तं’कवा’द से ल’ड़ने वाले पुलिस के जवानों को हर साल पदक दिए जाते है। जोकि तीन दशकों से आ’तं’कियों के साथ मुकाबला कर रहे हैं। जिस कारण आ’तं’कियों के खिलाफ ऑपरेशन में कामयबी मिलती है। इस बार प्रदेश पुलिस के हौसले को बढ़ाने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से सबसे अधिक वीरता के पदक प्रदेश को दिए गए हैं।

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