जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने किया मरकज़ी दीनी मदरसा बोर्ड का गठन

Jamiat Ulema-e-Hind formed Markazi Dini Madrasa Board

-स्कूली शिक्षा एवं दीनी तालीम में सामंजस्य बिठालने पर जोर

नई दिल्ली, 08 सितंबर (अब्दुल रशीद)। दिल्ली में धार्मिक शिक्षा और मदरसों की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए केंद्रीय धार्मिक शिक्षा बोर्ड जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने राज्य इकाई की स्थापना की है।

इस संबंध में जमीयत उलेमा के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा, जमीयत उलेमा-ए-हिंद मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी और उसके नाजिम-ए-ओमुमी मौलाना मुफ्ती सैयद मोहम्मद सलमान मंसूरपुरी की सलाह से एक रणनीति के तहत एक कदम उठाया गया है। इसलिए 3 सितंबर को मदरसा बाबुल उलूम जाफराबाद, नई दिल्ली, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना हकीम-उद-दीन कासमी की देखरेख में बोर्ड की कार्यसमिति की एक चुनावी बैठक धार्मिक शिक्षा, दिल्ली का आयोजन हुआ था जिसमें मौलाना दाउद अमीनी को अध्यक्ष, मौलाना जावेद सिद्दीकी कासमी और मुफ्ती निसार अहमद पहाड़ी भोजला को उपाध्यक्ष, मौलाना कारी अब्दुल समी को महासचिव और मौलाना रफ़ी आलम को कोषाध्यक्ष चुना गया।

बैठक को संबोदित करते हुए मोलाना हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि स्कूली शिक्ष के साथ दीनी तालीम भी ज़रूरी है। उन्हों ने कहा की जमीयत उलेमा-ए-हिंद के पूर्व जिम्मेदारों ने सबसे पहले इस देश में इसकी आवश्यकता महसूस की थी, इसलिए आजादी के बाद ही जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने देश के प्रथम शिक्षा मंत्री हजरत मौलाना अबुल कलाम आजाद और एक जमीयत उलेमा-ए-हिंद की कार्यकारी समिति के महत्वपूर्ण सदस्य हजरत शेख-उल-इस्लाम मौलाना हुसैन अहमद मदनी की अध्यक्षता में धार्मिक शिक्षा बोर्ड की स्थापना की गई थी, और पाठ्यक्रम भी तैयार किया गया। आज साम्प्रदायिक लहर का मुकाबला करने के लिए दीनी तालीम की अहम ज़रूरत है। इस मौके पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के केंद्रीय धार्मिक शिक्षा बोर्ड के केंद्रीय प्रमुख मौलाना खालिद गयावी ने धार्मिक शिक्षा अभियान की रिपोर्ट पेश की।

धार्मिक शिक्षा बोर्ड, जमीयत उलेमा-ए-हिंद, दिल्ली की कार्यकारी समिति की बैठक में मौलाना हकीमुद्दीन कासमी, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना दाऊद अमिनी, मौलाना जावेद सिद्दीकी कासमी, मौलाना मुफ्ती निसार पहाड़ी भुजला, मौलाना रफी आलम, मौलाना कारी अब्दुल सामी, हाजी नसीर अहमद, मुफ्ती काफिल-उर-रहमान, मौलाना साद, हाजी आजाद, कारी रबी-उल-हसन, मुफ्ती ताहिर, मौलाना फारूक मौलाना खालिद जियावी, मौलाना एहतेशाम-उल-हक, मौलाना इरफान कासमी, मौलाना मोअज्जम अरेफी ने शिरकत की एवं कई सदस्य ज़ूम पर मीटिंग में हिस्सा लिया।