गांधी परिवार पर मोदी सरकार का बड़ा एक्शन, 3 ट्रस्टों की जांच के लिए गृह मंत्रालय ने बनाया पैनल

New Delhi: गांधी परिवार से जुड़े तीन ट्रस्टों में वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी की जांच (Investigations Against Gandhi Family Trusts) की जाएगी। गृह मंत्रालय ने जांच में समन्वय के लिए एक अंतरमंत्रालयी समिति का गठन किया है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी।

सरकार का कहना है कि राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट के खिलाफ आयकर और विदेशी चंदे के नियमों के कथित उल्लंघन की जांच (Investigations Against Gandhi Family Trusts) की जाएगी। यह जांच गांधी परिवार से जुड़े ट्रस्टों के प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), इनकम टैक्स एक्ट और फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के नियमों के उल्लंघन पर फोकस होगी।

ED के स्पेशल डायरेक्टर होंगे चीफ

गृह मंत्रालय के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय (ED) के स्पेशल डायरेक्टर इस समिति के प्रमुख होंगे। पिछले महीने बीजेपी ने आरोप लगाया था कि मनमोहन सिंह सरकार ने प्रधानमंत्री नेशनल रिलीफ फंड (पीएनएनआरएफ) से राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसे दिए थे।

बीजेपी के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा था कि पीएनएनआरएफ जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए बनाया गया था लेकिन यूपीए सरकार के कार्यकाल में इससे राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसे दिए जा रहे थे। पीएनएनआरएफ बोर्ड में कौन बैठा था। सोनिया गांधी जो आरजीएफ की चेयरमैन हैं।

बीजेपी के आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी राजीव गांधी फाउंडेशन की अध्यक्ष हैं। इसके बोर्ड में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पी चिदंबरम और मनमोहन सिंह शामिल हैं।

बीजेपी ने साथ ही आरोप लगाया था कि मनमोहन सिंह ने 1991 के बजट भाषण में राजीव गांधी फाउंडेशन को 100 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। कांग्रेस ने इन आरोपों का खंडन किया है। उसका कहना है कि चीन से साथ सीमा पर जारी संकट से ध्यान भटकाने के लिए सरकार इस तरह के आरोप लगा रही है।

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