भारतीय कोस्ट गार्ड ने पेश की इंसानियत की मिसाल, जान पर खेलकर दिया पाकिस्तानी कैप्टन जीवनदान

New Delhi: भारतीय कोस्ट गार्ड (Indian Coast Guard) ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिससे पाकिस्तान (Pakistan) को सीखने की ज़रूरत है।

दरअसल पाकिस्तानी नागरिक और जहाज़ के कैप्टन जिन्हें 13 जुलाई को हार्ट अटैक हुआ था, जिसके बाद भारतीय कोस्ट गार्ड्स ने उन्हें रेस्क्यू किया। उनके जहाज़ को विशाखापत्तनम की तरफ मोड़ दिया गया था।

भारत सरकार (Indian Government) ने मानवता का संदेश देते हुए उनके लिए मेडिकल इमरजेंसी (Medical Emergency) में इलाज कराया। कैप्टन हस्नैन को सोमवार को वाघा बॉर्डर के ज़रिए पाकिस्तान भेज दिया गया।

बीच समंदर में पड़ा था दिल का दौरा

बता दें कि पिछले महीने हसनैन का जहाज जब ओडिशा में गोपालपुर के नज़दीक था तो उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। इसके बाद पाकिस्तानी कैप्टन ने भारतीय कोस्ट गार्ड से मदद मांगी। भारतीय कोस्ट गार्ड (ICG) ने इंसानियत का परिचय देते हुए उन्हें मेडिकल फैसिलिटी मुहैया कराई और उन्हें वहां से निकालकर विजाग के हॉस्पीटल में भर्ती कराया।

पहले हसनैन को आईसीजी (ICG) के मेरीटाइम रेस्क्यू कॉर्डिनेशन सेंटर (चेन्नई) लाया गया, जिसके बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 17 अगस्त को उन्हें बाघा बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान भेजा गया, जिसके बाद हस्नैन की बेटी ने भारत सरकार का शुक्रिया अदा किया है।

पाकिस्तान वापस भेजा

बताया जा रहा है कि 60 साल के पाकिस्तानी कप्तान बदर हस्नैन को 13 जुलाई के दिन दिल का दौरा पड़ा था और उसने आपात संदेश देकर मदद मांगी थी। कैप्टन हसनैन की हालत अब स्थिर है और सोमवार को ही उन्हें अटारी-वाघा सीमा के जरिये पाकिस्तान वापस भेज दिया गया है।

कप्तान हस्नैन को आपात स्थिति में मानवीय आधार पर मदद दिए जाने पर उनकी बेटी ने भारत सरकार को मानवीय संवेदनाओं और भारतीय डॉक्टरों को चिकित्सकीय सहायता के लिए धन्यवाद कहा है।

भारतीय कोस्ट गार्ड ने बचाई थी जान

13 जुलाई को भारतीय कोस्ट गार्ड ने हस्नैन की तबियत खराब होने पर चेन्नई स्थित मेरीटाइम रेस्क्यू कोआर्डिनेशन सेंटर पहुंचाया था। पाकिस्तानी जहाज के कप्तान की तबियत बिगड़ने पर उनके जहाज को विशाखापत्तनम की ओर मोड़ दिया गया था। जबकि हस्नैन को अस्पताल में भर्ती कराके तत्काल उनका इलाज तत्काल शुरू कराया गया था।

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