अब चीन की नहीं खैर, 39 हजार करोड़ के फाइटर जेट और मिसाइल खरीद रहा भारत

New Delhi: फाइटर जेट: चीन के साथ लंबी तनातनी के लिए भारत तैयार है। इसी बीच एक ऐसा फैसला हुआ है जो आने वाले तीन-चार साल में भारत की सैन्‍य क्षमता को और मजबूत कर देगा।

रक्षा मंत्रालय ने कई बड़े प्रोजेक्‍ट्स को मंजूरी दी है। कुल 38,900 करोड़ रुपये की लागत से 33 नए फाइटर जेट्स (Fighter Jets and Missiles) खरीदे जाएंगे।

इसके अलावा 300 लॉन्‍ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ 250 एयर-टू-एयर मिसाइल्‍स भी खरीदे जाने को हरी झंडी दे दी गई है। यह सबकुछ पूरा होने में कम से कम दो-तीन साल लगेंगे मगर यह इशारा है कि सेना को दोनों ऐक्टिव बॉर्डर्स पर और हथियार मुहैया कराने की कोशिश तेज हो गई है। आइए जानते हैं भारत क्‍या-क्‍या खरीदने वाला है।

20 हजार करोड़ रुपये से खरीदे जाएंगे हथियार

DAC ने 40 किलोमीटर रेंज वाले आर्टिलरी रॉकेट्स खरीदने को मंजूरी दी है। इन्‍हें पिनाका लॉन्‍च सिस्‍टम्‍स पर यूज किया जाएगा। सेना में 4 पिनाका रेजिमेंट्स हैं, 6 और तैयार की जानी हैं। इसके अलावा इन्‍फैंट्री कॉम्बैट व्‍हीकल्‍स को भी अपग्रेड किया जाना है। सिक्‍योर कम्‍युनिकेशन के लिए सॉफ्टवेयर बेस्‍ड रेडियो भी मंगाए जा रहे हैं।

लैंड अटैक क्रूज मिसाइलों को भी मंजूरी

सरकार ने 1000 किलोमीटर से ज्‍यादा स्‍ट्राइक रेंज वाली 300 लैंड अटैक क्रूज मिसाइलों को भी शामिल किए की मंजूरी दे दी है। ‘निर्भय’ नाम की इन मिसाइलों के इंडक्‍शन में दो से तीन साल लगेंगे। इन्‍हें 2017 में पहली बार टेस्‍ट किया गया था। यह मिसाइल कम ऊंचाई पर दुश्‍मन के रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम से बचने के लिए डिजाइन की गई है। यह सेना के पास मौजूद सबसे ज्‍यादा रेंज वाली कन्‍वेंशनल मिसाइल होगी।

सुखोई को और घातक बनाएगी ‘अस्‍त्र’

DAC ने ‘अस्‍त्र’ को भी शामिल किए जाने पर हामी भर दी है। बियॉन्‍ड विजुअल रेंज वाली यह एयर-टू-एयर मिसाइल शायद सबसे तेज होगी। मिसाइल के डेवलपमेंट ट्रायल पूरे हो चुके हैं। अगले साल से IAF इन 250 मिसाइलों को सुखोई फाइटर्स के साथ यूज करना शुरू कर देगी। दूसरी तरफ DRDO इस कोशिश में लगा है कि ‘अस्‍त्र’ की रेंज को 110 किलोमीटर से बढ़ाकर 160 किलोमीटर कर दिया जाए।

सुखोई-30 में होंगे अपग्रेडेड सुइट्स

रूस से 12 सुखोई-30 MKI भी खरीदे जाने हैं। इन्‍हें डिफेंस पीएसयू हिंदुस्‍तान एयरोनॉटिक्‍स लिमिटेड (HAL) लाइसेंस्‍ड प्रोड्यू करेगी। इन लड़ाकू विमानों में अपग्रेडेड वारफेयर सुइट्स और फ्लीट के लिए अडिशनल सप्‍लाई और स्‍पेयर्स होंगे। टोटल लागत 10,370 करोड़ रुपये बैठ रही है।

IAF के पास होंगे 80 मिग-29 जेट

रक्षा मंत्री की अध्‍यक्षता वाली डिफेंस एक्विसिशन काउंसिल (DAC) ने 21 और Mig-29 लड़ाकू विमान खरीदे जाने को मंजूरी दी है। इसके अलावा इंडियन एयरफोर्स के पास पहले से मौजूद 59 ऐसे जेट्स को अपग्रेड भी किया जाएगा। इसपर कुल 7,418 करोड रुपये खर्च होंगे।