Defence Budget: भारत के मुकाबले 4 गुना अधिक है चीन का रक्षा बजट, जानें दुनिया में कहां हैं हम

Webvarta Desk: India And China Defence Budget Comparison: चीन ने एक बार फिर से अपने डिफेंस बजट (Defence Budget) में बढ़ोतरी की। चीन ने इस साल अपना डिफेंस बजट बढ़ाकर 209 अरब डॉलर कर लिया है। यह पिछले साल के मुकाबले 6.8 फीसदी अधिक है। मई 2020 में चीन ने अपना बजट पेश किया था जिसमें डिफेंस के लिए सालाना 178 अरब डॉलर आवंटित किए गए थे।

दूसरी तरफ भारत की तरफ से इस साल अपने अपने डिफेंस बजट (Indian Defence Budget) में मामूली बढ़ोतरी की गई थी। भारत का साल 2021-22 के लिए कुल रक्षा बजट 4.78 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। जबकि साल 2020-21 में ये आंकड़ा 4.71 लाख करोड़ रुपये था। रक्षा बजट में सैनिकों के वेतन-भत्ते और पेंशन का खर्च भी शामिल होता है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन का डिफेंस बजट भारत के डिफेंस बजट (India And China Defence Budget Comparison) का चार गुना है।

डिफेंस बजट के मामले टॉप-15 में भी नहीं

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक भारत जीडीपी के हिसाब से रक्षा बजट के मामले में टॉप 15 देशों में भी नहीं है। ओमान इस लिस्ट में सबसे टॉप पर है। ओमान अपने कुल बजट का 8.8% हिस्सा डिफेंस पर खर्च करता है।

सऊदी अरब इस मामले में दूसरे नंबर पर है। वो अपनी कुल जीडीपी का 8 फीसदी हिस्सा डिफेंस पर खर्च करता है। इजरायल का डिफेंस बजट अपने कुल बजट का 7 से 7.5% होता है। वहीं भारत का डिफेंस बजट कभी 2.5% से ऊपर नहीं गया। इस बार भारत का डिफेंस बजट 2.21% रहा है। चीन का डिफेंस बजट उसकी कुल जीडीपी का 1.5 फीसदी से अधिक नहीं होता है।

मिलिट्री हार्डवेयर में भारत से आगे है चीन

चीन की करें तो भारत की तुलना में मिलिट्री हार्डवेयर के मामले में चीन आगे है, क्योंकि वह अपनी सेनाओं को मजबूत बनाने के लिए भारी निवेश करता है। चीन का रक्षा पर होने वाला सालाना खर्च करीब 19 लाख करोड़ रुपये है। जबकि भारत सिर्फ करीब 5 लाख करोड़ रुपये सेना पर खर्च करता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार चीन के पास 290 न्यूक्लियर वेपन हैं वहीं भारत के पास 130 से 140 परमाणु हथियार हैं। साल 2020 की शुरुआत में ‘नौ परमाणु संपन्न देशों -अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इजराइल और उत्तर कोरिया- के पास कुल मिलाकर 13,400 परमाणु हथियार थे।

बजट आवंटन में लगातार गिरावट

2020 में रक्षा मंत्रालय को 4.71 लाख करोड़ रुपयों का आवंटन किया गया था। लेकिन इसका एक बड़ा हिस्सा सिर्फ पेंशन में चला गया, जो करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये था। ऐसे में कैपिटल एक्सपेंस के लिए बहुत ही कम बजट बचा। रक्षा मंत्रालय के अनुमानों के मुताबिक बजट आवंटन और फोर्स के प्रोजेक्शन में लगातार गिरावट देखी जा रही है।

पूरी दुनिया का डिफेंस बजट 1917 अरब डॉलर

साल 2022 में आई SIPRI (Stockholm International Peace Research Institute) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में पूरी दुनिया का डिफेंस बजट 1917 अरब डॉलर था। 2018 के मुकाबले इसमें 3.6 फीसदी की तेजी आई है। इनमें से टॉप-5 देशों ने डिफेंस बजट पर कुल (1.917 ट्रिल्यन डॉलर) का 62 फीसदी के करीब खर्च किया।

ग्लोबल टाइम्स ने साधा था भारत पर निशाना

भारत का बजट पेश होने के बाद चीन के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने भारत पर निशाना साधा था। रिपोर्ट के अनुसार एक्सपर्ट्स के हवाले से कहा गया था कि डिफेंस बजट मामूली बढ़ोतरी के जरिये सिर्फ हथियार खरीदकर भारत अपनी सेना का मॉडर्नाइजेशन हीं कर पाएगा। इसमें आगे लिखा गया था कि दूसरे देशों से हथियार खरीदकर भारत को वो सैन्य बढ़त हासिल नहीं होगी जैसी वो चीन के साथ सीमा विवाद में चाह रहा है।