इन फ्रांसीसी फाइटर जेट्स ने भी बढ़ाई भारत की ताकत.. आजादी से लेकर अब तक हैं IAF की शान

New Delhi: French Fighter Jets Pride of Indian Air Force: चीन और पाकिस्‍तान के साथ चल रहे भारी तनाव के बीच दुनिया के सबसे घातक फाइटर जेट में शुमार राफेल लड़ाकू विमान भारत के लिए रवाना हो गए हैं। ये विमान अबूधाबी के रास्‍ते 29 जुलाई को भारत पहुंच जाएंगे।

अत्‍याधुनिक मिसाइलों और बमों से लैस ये विमान किसी भी दुश्‍मन के दिल दहशत पैदा करने में सक्षम हैं। आजादी के बाद से ही भारत फ्रांसीसी लड़ाकू विमानों का मुरीद रहा है। राफेल ऐसा 5वां फाइटर जेट है जिसे भारत ने फ्रांस से खरीदा है। आइए जानते हैं भारतीय वायुसेना की शान रहे इन लड़ाकू व‍िमानों (French Fighter Jets Pride of Indian Air Force) के बारे में सबकुछ……

इंडियन एयरफोर्स के ‘तूफानी’ ने मचाया था कहर

राफेल बनाने वाली कंपनी दासो ने वर्ष 1948 में ‘हरिकेन’ फाइटर जेट बनाया था। भारत ने वर्ष 1953 में 71 फाइटर जेट का ऑर्डर दिया था। पहले 4 फाइटर जेट अक्‍टूबर 1953 में भारतीय वायुसेना को सौंप दिए गए थे। ये सभी विमान राफेल की तरह से हवाई मार्ग से भारत पहुंचे थे। इस विमान की शानदार क्षमता को देखते हुए भारत ने 33 और तूफानी फ्रांस से खरीदे।

भारतीय वायुसेना के तूफानी ने 1961 में दमन और दीव में पुर्तगाली सैनिकों पर जोरदार हमला। इसके बाद भारत और चीन के बीच युद्ध के दौरान तूफानी ने जासूसी उड़ान भरी थी। यही नहीं वर्ष 1965 में भारत और पाकिस्‍तान के बीच युद्ध के दौरान भी इस फाइटर जेट न अपना कमाल दिखाया था।

मिजोरम में मिजो नैशनल फ्रंट के नेता लालडेंगा के स्‍वतंत्र घोषित कर लेने पर 4 मार्च 1966 को तूफानी ने आइजल में विद्रोहियों के ठिकाने पर जमकर हमला बोला था। 5 घंटे तक चले हवाई हमले के बाद लालडेंगा को घुटने टेकने के लिए मजबूर होना पड़ा।

Mystere ने पाकिस्‍तान में मचाई थी तबाही

दासो कंपनी का Mystere फाइटर जेट फ्रांसीसी वायुसेना का पहला ट्रांससोनिक एयरक्राफ्ट था। भारत ने 104 Mystere फाइटर जेट फ्रांस से खरीदे थे। इस फाइटर जेट पाकिस्‍तान के साथ 1965 और 1971 के युद्ध के दौरान जमकर तबाही मचाई थी।

Mystere ने बहुत नीची उड़ान भरते हुए पाकिस्‍तान के टैंक, सैन्‍य ठिकानों, आर्मड वीइकल, तोपों, ट्रेनों और सैनिकों पर जमकर बम बरसाए थे। वर्ष 1965 के युद्ध में भारतीय वायुसेना के जाबांज पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट त्रिलोचन सिंह ने जोरदार हमले करके पाकिस्‍तान के कई टैंक तबाह कर दिए थे। इसकी वजह से उन्‍हें वीर चक्र से सम्‍मानित किया गया। Mystere ने पाकिस्‍तान के चार F-86F, तीन F-104 फाइटर जेट को बर्बाद कर दिया था।

वायुसेना की जान हैं जगुआर बमवर्षक विमान

फ्रांस और ब्रिटेन के संयुक्‍त रूप से बनाए गए जगुआ फाइटर जेट भारतीय वायुसेना की जान हैं। इसे मूल रूप से नजदीकी लड़ाई और परमाणु हथियारों को गिराने के लिए बनाया गया था। वर्ष 1960 के दशक में बने जगुआर विमानों का भारतीय वायुसेना अभी भी इस्‍तेमाल कर रही है।

भारतीय वायुसेना ने जगुआर लड़ाकू विमानों को नए इंजन और हथियारों से अपग्रेड कर इन्हें और 15-20 साल की जिंदगी दे रही है। दुनिया में सिर्फ भारत ही जगुआर विमान ऑपरेट कर रहा है। 120 विमानों की फ्लीट में करीब 100 को नए इंजन, रेडार और एवियोनिक्स से लैस किया जा रहा है।

साठ के दशक में सुपरसोनिक ट्रेनर जगुआर में नेविगेशन सिस्टम पुराना पड़ रहा था। लेकिन इसे दुश्मन देश के काफी अंदर तक जाकर हमला करने में बेहद सक्षम विमान माना जाता है। यह दुश्मन के ठिकानों पर कम ऊंचाई से हमले कर सकता है।

इंडियन एयरफोर्स की शान है मिराज-2000

भारतीय वायुसेना की शान कहे जाने वाले मिराज-2000 विमानों की सप्लाई फ्रांस की दसॉ कंपनी ने ही की है। साल 2015 में कंपनी ने अपग्रेडेड मिराज-2000 लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना को सौंपे। इन अपग्रेडेड विमानों में नए रेडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लगा है, जिनसे इन विमानों की मारक और टोही क्षमता में भारी इजाफा हो गया है।

मिराज 2000 विमान एक साथ कई काम कर सकते हैं। विमान ज्यादा से ज्यादा विमान के बम या मिसाइल को दुश्मनों को ठिकाने पर ले जाकर गिराने में सक्षम है। यह हवा में दुश्मन का मुकाबला भी कर सकता है। इन्‍हीं मिराज-2000 विमानों ने ही पाकिस्‍तान के बालाकोट में 1000 किलो के स्‍पाइस बम गिराए थे। भारतीय वायुसेना की ओर से परमाणु बम गिराने की जिम्‍मेदारी भी इन्‍हीं विमानों के ऊपर है।

दुश्‍मनों का काल बनेगा राफेल फाइटर जेट

आगामी 29 जुलाई को एक और फ्रांसीसी फाइटर जेट राफेल भारतीय वायुसेना का हिस्‍सा बनने जा रहा है। राफेल के एयरफोर्स में शामिल होते ही पाकिस्तान और चीन के अंदर घुसकर एयर स्ट्राइक करने वाली भारतीय वायुसेना की ताकत और बढ़ने जा रही है। राफेल दुनिया के सबसे शक्तिशाली फाइटर प्लेन में से एक है। इराक और लीबिया में अपने युद्ध कौशल का प्रदर्शन करने वाले राफेल विमानों की सीधी टक्‍कर पाकिस्‍तान के अमेरिका निर्मित एफ-16 और चीन के जे-20 लड़ाकू विमानों से होगी।

राफेल एक ऐसा लड़ाकू विमान है जिसे हर तरह के मिशन पर भेजा जा सकता है। यह एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है। इसकी फ्यूल कपैसिटी 17 हजार किलोग्राम है। इसमें स्काल्प मिसाइल है जो हवा से जमीन पर 600 किमी तक वार करने में सक्षम है।

राफेल की मारक क्षमता 3700 किलोमीटर तक है, जबकि स्काल्प की रेंज 300 किलोमीटर है। यह ऐंटी शिप अटैक से लेकर परमाणु अटैक, क्लोज एयर सपॉर्ट और लेजर डायरेक्ट लॉन्ग रेंज मिसाइल अटैक में भी अव्वल है। इसकी स्पीड 2,223 किलोमीटर प्रति घंटा है। मिटिऑर मिसाइलों से लैस राफेल विमान 120 किमी की दूरी से दुश्‍मन के फाइटर जेट को मार गिरा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *