पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सेहत बिगड़ी, फेफड़ों तक पहुंचा संक्रमण

New Delhi: अस्पताल में भर्ती पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Former President Pranab Mukherjee) की सेहत फेफड़ों में संक्रमण (Lungs Infection) होने के बाद बुधवार को और खराब हो गई। आर्मी रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल (Army Research & Referal Hospital) की ओर से यह जानकारी दी गई है।

अस्पताल (Army Research & Referal Hospital) की ओर से कहा गया है कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Former President Pranab Mukherjee) की सेहत बिगड़ने के कारण बुधवार को उनके फेफड़ों में संक्रमण (Lungs Infection) हो गया है। वह पिछले नौ दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं और ब्रेन सर्जरी के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।

अस्पताल के अधिकारियों ने कहा, ‘माननीय श्री प्रणव मुखर्जी की मेडिकल कंडीशन में गिरावट आई है, उनके फेफड़ों में संक्रमण हुआ है।’ अधिकारियों ने यह भी कहा कि पूर्व राष्ट्रपति वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और वर्तमान में विशेषज्ञों की एक टीम उनकी देखरेख कर रही है। इससे एक दिन पहले पूर्व राष्ट्रपति के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने कहा था कि उनके पिता की हालत स्थिर बनी हुई है।

उन्होंने अपने ट्वीट कहा था, ‘आप सभी की शुभकामनाओं और डॉक्टर्स के ईमानदार प्रयासों के कारण मेरे पिता की हालत अब स्थिर हैं! उनका स्वास्थ्य नियंत्रण में हैं और उसकी देखरेख की जा रही है! उनके सुधार में सकारात्मक संकेत देखे गए हैं! मैं आप सभी से उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करने का अनुरोध करता हूं।’

प्रणब मुखर्जी का राजनैतिक सफर

प्रणब मुखर्जी भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जो 2012 से लेकर 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति (13th President of India Pranab Mukherjee) रहे हैं। प्रणब मुखर्जी ने भारतीय राजनीति में छह दशक बिताए हैं। प्रणब मुखर्जी कांग्रेस पार्टी में कई बड़े पदों पर रहे हैं। राष्ट्रपति रहने के अलावा प्रणब मुखर्जी केन्द्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं। 2009 से 2012 तक प्रणब मुखर्जी भारत के वित्त मंत्री रहे हैं। इनका जन्म 11 दिसंबर 1935 को हुआ था।

इंदिरा गांधी की ह’त्या के बाद प्रणब मुखर्जी अपने आप को भारत के प्रधानमंत्री पद का दावेदार मान रहे थे लेकिन राजीव गांधी के कारण उन्हे साइड लाइन कर दिया गया। जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस के नाम से अपनी अलग पार्टी बना ली लेकिन 1989 में इसका कांग्रेस में विलय कर दिया गया।

राजीव गांधी की ह’त्या के बाद पीवी नरसिम्हा राव सरकार में प्रणब मुखर्जी प्लानिंग कमिशन के अध्यक्ष बने और 1995 में विदेश मंत्री का पद इन्हे दिया गया। मनमोहन सिंह सरकार में प्रणब मुखर्जी के पास रक्षा और वित्त मंत्रालय था।

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