Farmers Protest: आंदोलन के 33 दिन, प्रियंका गांधी का सरकार पर हमला- किसानों की बात सुननी चाहिए

Webvarta Desk: केंद्र सरकार (Central Govt) द्वारा संसद में पास किए जा चुके तीन कृषि कानूनों (Farms Law) को निरस्त करने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन आज 33वें (33rd Day of Farmers Protest) दिन में प्रवेश कर चुका है। कई दौर की बातचीत के बाद भी अभी तक किसानों और सरकार के बीच इस मुद्दे का हल नहीं निकला है।

आज एक बार फिर से किसान और सरकार बैठक करने जा रही है। बैठक से ठीक एक दिन पूर्व ही किसानों ने अपनी मांगे पूरी होने तक आंदोलन (Farmers Protest) को और तेज करने की चेतावनी दी है। किसान संगठनों ने रविवार को साफ कह दिया था कि कृषि कानून वापस लिए जाने तक हरियाणा के सभी टोल फ्री करेंगे। इसके अलावा पंजाब में किसानों ने 1400 से ज्यादा मोबाइल टावरों के कनेक्शन काट दिए हैं।

इस बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) ने सोमवार को कहा, जिस तरह के शब्द सरकार किसानों के लिए इस्तेमाल कर रही है वह पाप है। सरकार किसानों के प्रति उत्तरदायी है। सरकार को उनकी सुननी चाहिए और ये कानून वापस लेना चाहिए।

मैदान में डटे हैं प्रदर्शनकारी

दिल्ली में कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शनकारी बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड में डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे कुछ भी कर ले लेकिन जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक हम आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।

आज भी दिल्ली के सिंघु, औचंदी, पियाऊ मनियारी, सबोली और मंगेश बॉर्डर बंद रहेंगे। इसलिए इन रास्तों से जाने वालों को लामपुर साफियाबाद, पल्ला और सिंघु टोल टैक्स बॉर्डर के वैकल्पिक मार्ग से जाने की सलाह दी गई है। मुकरबा और जीटी करनाल रोड से ट्रैफिक डायवर्ट है इसलिए आउटर रिंग रोड, जीटी करनाल रोड और एनएच 44 से न जाने की सलाह है।