Farmers Protest: किसानों ने ठुकराया केंद्र सरकार का प्रस्ताव, कहा- बुराड़ी मैदान नहीं ओपन जेल है

New Delhi: नए कृषि कानूनों (Farms Law) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान (Farmers Protest) पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। किसानों (Farmers Protest) ने कहा कि सरकार ने हमारे आंदोलन का अनादर किया। हम लोगों ने बुराड़ी मैदान में आंदोलन करने का सरकार का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। किसानों ने कहा कि बुराड़ी मैदान नहीं ओपन जेल है।
किसानों ने प्रस्ताव ठुकराया

किसानों (Farmers Protest) ने कहा कि हम पूरी व्यवस्था के साथ यहां आए हैं। हमारे पास चार महीने का पर्याप्त राशन पानी है। उन्होंने कहा कि हम बुराड़ी मैदान में आंदोलन नहीं करेंगे हमको रामलीला मैदान या फिर जंतर मंतर पर आंदोलन करने की जगह सरकार को देनी चाहिए। गौरतलब है कि शनिवार को गृहमंत्री अमित शाह ने किसानों से अपील की थी कि वो दिल्ली के बुराड़ी इलाके में ही अपना आंदोलन करें और सरकार आपसे बातचीत के लिए तैयार है। जिसे किसान नेताओं से खारिज कर दिया है।

कृषि मंत्री ने की अपील

किसानों के कॉन्फ्रेंस करने के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी प्रतिक्रिया दी है। तोमर ने कहा है कि भारत सरकार किसानों से तीन दौर की वार्ता कर चुकी है, चौथी बार तीन दिसंबर को मिलने का प्रस्ताव दिया था। सरकार हर स्तर पर खुले मन से बातचीत करने को तैयार है पर किसान यूनियन को बातचीत का माहौल बनाना चाहिए। उन्हें आंदोलन का रास्ता छोड़ चर्चा का रास्ता अपनाना चाहिए

गृहमंत्री अमित शाह की भी नहीं सुनी

किसान नेताओं ने कहा था कि गृहमंत्री अमित शाह को बातचीत के साथ शर्त नहीं रखनी चाहिए थी। हम बिना शर्त सरकार से बात रखना चाहते हैं। इसके बाद गृहसचिव अजय भल्ला ने मोर्चा संभाला है और किसानों से बातचीत का ऑफर दिया है। अब इस पर किसानों का क्या रुख होएगा ये देखने वाली बात होगी।

2.30 घंटे की बैठक में शाह का प्रस्ताव खारिज

इससे पहले, किसानों की बैठक में अमित शाह का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। शाह ने प्रस्ताव दिया था कि सरकार किसानों से बातचीत के लिए तैयार है, बशर्ते किसान बॉर्डर से हटकर दिल्ली के बुराड़ी में निरंकारी समागम मैदान में प्रदर्शन करें। दिन के 11 बजे शुरू हुई बैठक करीब 2.30 घंटे चली। इस बैठक में गृह मंत्रालय की शर्त नहीं मानने का फैसला हुआ। किसानों का कहना है कि वो केंद्र सरकार से बिना किसी शर्त के साथ बातचीत चाहते हैं।