Farmers Protest: किसानों से मुलाकात कर बोले केजरीवाल- डेथ वॉरंट जैसा है मोदी सरकार का कृषि कानून

Webvarta Desk: Farmers Protest: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal meeting with farmer leaders) ने तीनों कृषि कानूनों को किसानों के लिए डेथ वॉरंट (Farm laws like death warrent) जैसा बताया।

उन्होंने (Arvind Kejriwal) कहा कि अगर ये कानून (Farm Laws) लागू हो जाती हैं, तो किसानों की किसानी चंद पूंजीपतियों के हाथ में चली जाएगी। उन्होंने ये बातें रविवार को कृषि कानूनों के संबंध में दिल्ली विधानसभा परिसर में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान नेताओं (Kisan andolan) के साथ हुई बैठक के दौरान कही।

केजरीवाल (Arvind Kejriwal meeting with farmer leaders) ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए। अगर हमारे देश के किसानों की कोई सरकार नहीं सुनेगी, तो फिर किसकी सुनेगी? उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार तीनों काले कानूनों को तुरंत वापस ले और स्वामीनाथन आयोग के अनुसार सभी 23 फसलों को एमएसपी पर खरीद की गारंटी दी जाए।

किसानों के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कई किसान नेता तीनों काले कानूनों के ऊपर चर्चा करने के लिए आए थे। तीनों कानूनों के बारे में काफी विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बीजेपी और केंद्रीय सरकार बार-बार यह कह रही है कि इन कानूनों से किसानों को फायदा है, लेकिन अभी तक वे एक भी फायदा जनता को बताने में नाकाम रहे हैं। उल्टे, ये तीनों कानून एक तरह से किसानों के लिए डेथ वॉरंट हैं। देश के किसान अपने ही खेत में मजदूर बनने के लिए विवश हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कहा कि 28 तारीख को मेरठ में बहुत बड़ी किसान महापंचायत है। उस किसान महापंचायत के अंदर भी इन तीनों कानूनों के ऊपर चर्चा की जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि दुख की बात यह है कि केंद्र सरकार ने किसानों के साथ मीटिंग करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से ही निकलेगा। केंद्र सरकार को किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए और केंद्र सरकार को अड़ना नहीं चाहिए कि कानून वापस नहीं लेंगे। किसानों की कानून वापस लेने की मांग है।

इस बैठक में शामिल राष्ट्रीय जाट महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी रोहित जाखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के लिए कीलें ठुकवा दीं, बैरिकेड लगवा दिए। हमारी एक ही मांग है कि एमएसपी पर कानून बने, स्वामीनाथन रिपोर्ट पूरी तरह से लागू हो और कृषि कानून वापस हो। कानून जब तक वापस नहीं होंगे, तब तक जो किसान दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे हुए हैं, वे आंदोलन को जारी रखेंगे।

किसान नेता चौधरी श्याम सिंह कहा कि वे अरविंद केजरीवाल के साथ हैं और साथ रहेंगे। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, हम वापस घर नहीं जाएंगे। किसान नेता चौधरी यशपाल सिंह ने कहा कि आज हम मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिले। उन्होंने हमें पहले भी जो सहयोग किया था, उसका हमने धन्यवाद किया और आगे की रणनीति बनाई। सीएम अरविंद केजरीवाल ने आश्वासन दिया है कि वे हमारा सहयोग देते रहेंगे और हम भी यहां से हटकर नहीं जाएंगे।

इस बैठक में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल, कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत और राजेंद्र पाल गौतम के साथ राज्यसभा सांसद संजय सिंह और विधायक दिलीप पांडे मौजूद रहे। किसान नेताओं में वीरेंद्र गुज्जर, चौधरी उधम सिंह, राहुल बेदी, कुलदीप त्यागी, चौधरी संजय, चौधरी शोखेंद्र, ठाकुर पुरन सिंह, सिराजुद्दीन चौहान और चौधरी दलबीर भी मौजूद थे।