Farmers Protest: किसानों को मनाने की एक और कोशिश, सरकार के साथ वार्ता आज

New Delhi: कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन (Farmers Protest) लगातार जोर पकड़ता जा रहा है। दिल्ली कूच की तैयारी में जुटे किसानों को मनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से लगातार कोशिश जारी है। इस बीच आज सरकार और किसान संगठनों से जुड़े नेताओं के बीच एक और दौर की वार्ता है।

देखना होगा कि इस बातचीत में क्या कोई नतीजा निकलता है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक दिसंबर को भी दोनों पक्षों के बीच वार्ता हुई थी लेकिन कोई खास बात नहीं बनी थी। हजारों की संख्या में किसान दिल्ली की सीमाओं (Delhi Border) पर लगातार धरना (Farmers Protest) दे रहे हैं। इस बीच किसानों ने बुधवार को सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाने और कृषि कानून को निरस्त करने की मांग की है।

किसानों ने की संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग

सरकार के साथ आज होने वाली वार्ता से एक दिन पहले प्रदर्शन (Farmers Protest) कर रहे किसान नेताओं ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखा। इसमें सरकार से नये कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की गई। साथ ही किसानों की एकता को तोड़ने के लिए ‘विभाजनकारी एजेंडे में नहीं शामिल होने’ की भी मांग की गई।

आंदोलन (Farmers Protest) की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा को-ऑर्डिनेशन कमिटी ने पत्र में कहा, ‘हम सरकार से किसान आंदोलन के संबंध में किसी भी विभाजनकारी एजेंडे में शामिल नहीं होने की मांग करते हैं क्योंकि यह आंदोलन इस समय अपनी मांगों पर एकजुट है।’ साथ ही ये भी कहा गया कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो राष्ट्रीय राजधानी की और सड़कों को अवरुद्ध किया जाएगा।

किसानों के साथ वार्ता से पहले अमरिंदर सिंह करेंगे अमित शाह से मुलाकात

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह नए कृषि कानूनों पर किसान प्रतिनिधियों के साथ केंद्र के साथ वार्ता से पहले गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलेंगे। सूत्रों ने बताया कि अमरिंदर सिंह गतिरोध का सौहार्द्रपूर्ण हल ढूंढने के लिए दिल्ली में शाह के साथ चर्चा करेंगे। हालांकि, पंजाब के मुख्यमंत्री और उनकी कांग्रेस पार्टी किसान आंदोलन का समर्थन कर रही है और पंजाब विधानसभा ने केंद्र के नए कृषि कानूनों को निष्प्रभावी बनाने के लिए विधेयक भी पारित किए हैं।

लगातार माथापच्ची में जुटी सरकार, बैठकों का दौर जारी

वहीं केंद्र और किसान प्रतिनिधियों के बीच गुरुवार को बातचीत से पहले बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक की। इसमें नए कृषि कानूनों से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के उपायों पर चर्चा की। तोमर, गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने मंगलवार को किसान नेताओं के साथ बातचीत के दौरान केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व किया था। अपने ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत किसान अपनी मांगों पर दबाव बनाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के चार व्यस्त सीमा मार्गों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन स्थानों पर पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया है।

ट्रांसपोर्टर भी आए किसानों के समर्थन में

दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शनकारी किसानों की बढ़ती तादाद के बीच ट्रांसपोर्टरों के शीर्ष संगठन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने आंदोलनकारी किसानों का समर्थन करते हुए उत्तर भारत में आठ दिसंबर से परिचालन बंद करने की धमकी दी है। एआईएमटीसी लगभग 95 लाख ट्रक ड्राइवरों और अन्य संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती है।