Farmers Protest: कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का उपवास जारी, अमित शाह की बड़ी बैठक

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Webvarta Desk: देश में कृषि कानूनों (Krishi Kanoon or Farms Law) के खिलाफ किसान (Farmers Protest) आज भूख हड़ताल कर रहे हैं। दिल्ली के सिंधु बॉर्डर से लेकर यूपी-दिल्ली सीमा के गाजीपुर तक किसान सुबह 8 से 5 बजे तक उपवास पर बैठे हुए हैं। किसान आंदोलन का आज 19वां दिन है।
चिल्ला बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी

दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाले चिल्ला बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन (Farmers Protest) के मद्देनजर सुरक्षा के बड़े इंतजाम किए गए हैं। यहां अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। बता दें कि चिल्ला बॉर्डर किसानों के प्रदर्शन का हॉट स्पॉट बना हुआ है। किसान कई दिनों से यहां डटे हुए हैं।

मोदी सरकार की बड़ी बैठक

थोड़ी देर में कृषि मामलों को लेकर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक होगी, जिसमें अमित शाह भी शामिल होंगे। बता दें कि शाह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर किसान नेताओं से कई दौर की बातचीत कर चुके हैं।

मेरठ-गाजियाबाद रूट किया ब्लॉक

गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने दिल्ली से मेरठ-गाजियाबाद जाने वाले रुट को भी ब्लॉक कर दिया है। कुछ किसान अचानक दूसरे कैरिज वे पर चले गए और रास्ता ब्लॉक किया। पुलिस हटाने की कोशिश कर रही है।

भारतीय किसान यूनियन का केंद्र पर आरोप

भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चौधरी ने कहा कि सरकार MSP के मुद्दे पर गुमराह कर रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने 8 दिसंबर की मीटिंग में हमें बताया था कि सरकार सभी 23 फसलों को MSP के तहत नहीं खरीद सकती है क्योंकि इसपर 17 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

गाजीपुर बॉर्डर यातायात के लिए रोका गया

इस बीच गाजीपुर सीमा को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। गाजियाबाद से आने वाले ट्रैफिक को किसानों के आंदोलन के कारण डायवर्ट किया गया है। लोगों को वैकल्पिक रास्ता अपनाने की सलाह दी गई है।

टिकरी बॉर्डर पर भूख हड़ताल पर किसान

दिल्ली में भी किसान नेता भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। टिकरी बॉर्डर पर बैठे पर आल इंडिया किसान सभा बालकरन सिंह बरार ने कहा कि केंद्र सरकार जिद पर अड़ी हुई है। यह उपवास केंद्र को जगाने के लिए है।

बीजेपी का अरविंद केजरीवाल पर निशाना

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। जावड़ेकर ने ट्वीट कर कहा है, ‘यह आपका छल है। आपने पंजाब विधानसभा चुनाव में APMC ऐक्ट में संशोधन का वादा किया था। आपने नवंबर 2020 में दिल्ली में एक किसान कानून को नोटिफाइ किया है और आज आप उपवास पर बैठ रहे हैं। यह कुछ और नहीं बल्कि पाखंड है।’

किसान संगठन बोले- आपस में कोई मतभेद नहीं

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों के बीच कोई विवाद नहीं है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) गुट के तीन नेताओं ने इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि वे अध्यक्ष भानु प्रताप सिंहसे नाराज कि आखिर उन्होंने सरकार से समझौता क्यों किया।