Earthquake: दिल्ली NCR समेत समूचे उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, घरों से बाहर निकले लोग

Webvarta Desk: दिल्ली एनसीआर समेत समूचा उत्तर भारत शुक्रवार रात को आए भूकंप के तेज झटकों से कांप उठा।

ये झटके 10 बजकर 31 मिनट पर राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर समेत समूचे उत्तर भारत में महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता के घबराकर कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 मापी गई है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि अब किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।

24 घंटे में दूसरी बार कांपी भारत की धरती

उल्लेखनीय है कि आज ही राजस्थान के बीकानेर में भी रिक्टर पैमाने पर 4.3 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का केंद्र बीकानेर से लगभग 420 किलोमीटर उत्तरपश्चिम में था। यह भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 8:01 बजे सतह से आया था।

यह है भारतीय उपमहाद्वीप में भूकंप का कारण

भारतीय उपमहाद्वीप में विनाशकारी भूकंप आते रहे हैं। 2001 में गुजरात के कच्छ क्षेत्र में आए भूकंप में हजारों की संख्या में लोग मारे गए थे। भारत तकरीबन 47 मिलीमीटर प्रति वर्ष की गति से एशिया से टकरा रहा है। टेक्टॉनिक प्लेटों में टक्कर के कारण ही भारतीय उपमहाद्वीप में अक्सर भूकंप आते रहते हैं। हालांकि भूजल में कमी से टेक्टॉनिक प्लेटों की गति में धीमी हुई है।

भूकंप के मामले में संवेदनशील है दिल्ली

भूकंप को लेकर दिल्ली बहुत संवेदनशील है। दिल्ली और इसके आसपास के इलाके को भूवैज्ञानिकों ने जोन 4 में रखा है।

दिल्ली के इन इलाकों में भूकंप का खतरा ज्यादा

भूकंप को लेकर दिल्ली बहुत संवेदनशील है। दिल्ली और इसके आसपास के इलाके को भूवैज्ञानिकों ने जोन 4 में रखा है। इस क्षेत्र में 7.9 तीव्रता तक का भूकंप आ सकता है। जिससे व्यापक तौर पर जनहानि संभव है।

5 हिस्सों में बंटा है भारत का भूकंप जोन
भारतीय मानक ब्यूरो ने विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त वैज्ञानिक जानकारियों के आधार पर पूरे भारत को पांच भूकंपीय जोनों में बांटा है। इसमें सबसे ज्यादा खतरनाक जोन 5 है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस क्षेत्र में रिक्टर स्केल पर 9 तीव्रता का भूकंप आ सकता है। जानिए भारत का कौन सा क्षेत्र किस जोन में स्थित है।

5 हिस्सों में बंटा है भारत का भूकंप जोन

भारतीय मानक ब्यूरो ने विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त वैज्ञानिक जानकारियों के आधार पर पूरे भारत को पांच भूकंपीय जोनों में बांटा है। इसमें सबसे ज्यादा खतरनाक जोन 5 है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस क्षेत्र में रिक्टर स्केल पर 9 तीव्रता का भूकंप आ सकता है।