दिल्ली के अस्पताल में इलाज कराना है तो दिखाना होगा इनमें से कोई एक ID प्रूफ

New Delhi: दिल्ली में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर रविवार दोपहर दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया था, जिससे अब दिल्ली से बाहरवाले लोग दिल्ली सरकार के अस्पतालों और प्रदेश के प्राइवेट अस्पतालों (Delhi Hospital ID Proof) में इलाज नहीं करा सकेंगे।

दिल्ली सरकार ने गाइडलाइंस जारी करते हुए सात तरीके बताए हैं जिनके जरिए आप प्रूफ (Delhi Hospital ID Proof) दे सकते हैं कि आप दिल्ली के नागिरक हैं।

दिल्ली सरकार ने पहचान पत्रों की जो लिस्ट जारी की है, उनमें शामिल हैं…
  1. दिल्ली का वोटर आई कार्ड
  2. किसान कार्ड, पोस्ट ऑफिस पासबुक
  3. मरीज का राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, इनकम टैक्स रिटर्न, पासपोर्ट
  4. नए पानी, बिजली,टेलीफोन, गैस कनेक्शन बिल (पेशेंट के नाम पर या फिर उनके माता-पिता के नाम पर)
  5. पोस्ट ऑफिस से प्राप्त किया हुआ कोई लेटर जिसमें मरीज के घर का पता हो
  6. अगर कोई बच्चा है या नाबालिग है तो उसके माता-पिता के कागजात
  7. या 7 जून 2020 से पहले का आधारकार्ड

अब बाहरी लोगों के लिए दिल्ली में इलाज करवाने में दिक्कतों का सामना करना होगा। फैसले के मुताबिक, दिल्ली में मौजूद दिल्ली सरकार के सरकारी हॉस्पिटल और प्राइवेट हॉस्पिटलों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज (arvind kejriwal on corona Treatment) होगा। वहीं केंद्र सरकार के हॉस्पिटल सभी के लिए खुले होंगे।

दिल्ली कैबिनेट में हुआ फैसला

दिल्ली सरकार ने कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया है। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार के अंतर्गत आनेवाले हॉस्पिटल और दिल्ली के प्राइवेट हॉस्पिटलों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज होगा।

वहीं केंद्र सरकार के हॉस्पिटल जैसे एम्स, सफरदरजंग और राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) में सभी लोगों का इलाज हो सकेगा, जैसा अबतक होता भी आया है। हालांकि, कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल जो स्पेशल सर्जरी करते हैं जो कहीं और नहीं होती उनको करवाने देशभर से कोई भी दिल्ली आ सकता है, उसे रोक नहीं होगी।

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